&format=webp&quality=medium)
सरकारी नौकरी करने वालों के लिए बड़ी खबर है. 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर अंदरखाने से जो चर्चा निकल रही है, वो ये कि इस बार भी सैलरी तय करने का फॉर्मूला नया नहीं होगा. जी हां- 7वें वेतन आयोग में इस्तेमाल हुआ पे मेट्रिक्स ही 8वें में भी बेस बनेगा. फर्क सिर्फ इतना होगा कि इसमें नया फिटमेंट फैक्टर और लेवल मर्जिंग जैसे अपडेट जुड़ जाएंगे.
7वें वेतन आयोग का पे मेट्रिक्स इतना आसान और समझने लायक बनाया गया था कि पुराने पे-बैंड और ग्रेड-पे की सारी उलझन खत्म हो गई. 18 लेवल वाले इस मेट्रिक्स ने हर कर्मचारी को साफ पता दे दिया था कि उसकी बेसिक सैलरी कहां से कहां जा सकती है. अब सरकार इसी स्ट्रक्चर को 8वें वेतन आयोग में भी बढ़ाने की तैयारी कर रही है.
ये पूरा मेट्रिक्स खड़ा है एक मशहूर फार्मूले पर- Dr. Wallace Aykroyd Formula. ये फॉर्मूला बताता है कि एक आम भारतीय को न्यूनतम वेतन कितना मिलना चाहिए ताकि उसकी बेसिक ज़रूरतें पूरी हों. इसी से तय होता है न्यूनतम वेतन और वहीं से पूरे पे मेट्रिक्स की सीढ़ी बनती है.
अब आते हैं सबसे जरूरी सवाल पर- सैलरी कितनी बढ़ेगी?
यानी सिर्फ बेसिक सैलरी में ₹16,560 की सीधी छलांग. इसके ऊपर DA, HRA, TA और बाकी भत्ते जुड़ेंगे तो हाथ में आने वाली सैलरी और भी ज्यादा होगी.
खबर ये भी है कि इस बार कुछ पे लेवल्स को मर्ज किया जा सकता है. जैसे:
अगर ऐसा होता है तो निचले लेवल वालों की सैलरी तुरंत ऊपर जाएगी और प्रमोशन भी जल्दी-जल्दी मिल सकेंगे.
सैलरी बढ़ेगी तो HRA और TA अपने आप नए बेसिक पर रीकैलकुलेट होंगे. शहरों की श्रेणियों (X, Y, Z) के हिसाब से HRA का स्लैब बदलेगा और TA की एंट्री भी ज्यादा हो सकती है.
अभी सरकारी ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर जो बीमा कवर मिलता है, वो बहुत कम है. सूत्रों की मानें तो 8वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है ताकि परिवार को सही सुरक्षा मिल सके.
अभी तक 8वें वेतन आयोग का औपचारिक गठन नहीं हुआ है, लेकिन अनुमान है कि 2026 से इसे लागू किया जाएगा. अगर सरकार 2025 के आखिर तक नोटिफिकेशन जारी कर देती है तो कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से नई सैलरी और एरियर दोनों मिल सकते हैं.
सरकार के लिए ये कदम ‘बैलेंस्ड’ माना जा सकता है- नया मेट्रिक्स बनाने का झंझट नहीं और कर्मचारियों को वेतन बढ़ोतरी का साफ फायदा. फिटमेंट फैक्टर 1.92 की चर्चा अगर हकीकत बन गई तो न्यूनतम वेतन ₹34,000 के पार चला जाएगा. बाकी, गेंद सरकार के पाले में है और लाखों कर्मचारियों की निगाहें अब सिर्फ आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं.
यह एक टेबल होती है जिसमें अलग-अलग लेवल पर सैलरी की सीढ़ियाँ बनी होती हैं. इससे बेसिक पे और प्रमोशन दोनों आसानी से समझे जा सकते हैं.
फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर है. इसे मौजूदा बेसिक वेतन से गुणा करने पर नई बेसिक सैलरी मिलती है.
हां, यही अनुमान है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि सरकार ही करेगी.
जी हां, नई बेसिक सैलरी पर ही HRA और TA कैलकुलेट होते हैं. इसलिए इनके बढ़ने की पूरी संभावना है.
नहीं, फिटमेंट फैक्टर तो समान रहेगा लेकिन सैलरी बढ़ोतरी मौजूदा लेवल और पे-बैंड के हिसाब से अलग-अलग होगी.