&format=webp&quality=medium)
8th Pay Commission latest news: केंद्र सरकार के कर्मचारियों को इंतजार है उस वक्त का जब 8वें वेतन आयोग का गठन होगा. टर्म्स ऑफ रेफ्रेंस फाइनल होंगे और नई सैलरी के बनने वाला फिटमेंट फैक्टर प्रपोज किया जाएगा. 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चल रही काफी अटकलें चल रही हैं. जैसे फिटमेंट कितना होगा? महंगाई भत्ते का क्या होगा? बाकी भत्ते मिलाकर सैलरी में कितना इजाफा होगा और सबसे जरूरी क्या प्रमोशन और पे-ग्रेड लेवल्स को लेकर कोई बड़ा फैसला होगा? सूत्रों की मिली जानकारी के मुताबिक, इस बार सैलरी में तो अच्छा उछाल देखने को मिलेगा. फिटमेंट भले ही कितना भी हो, लेकिन कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी खासी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
सबसे पहले बात फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) की करेंगे. अभी तक जो अटकलें हैं या फिर लगातार चर्चाएं हो रही हैं, उसमें तीन फिटमेंट फैक्टर के अंकों का जिक्र किया गया है. पहला 1.92, दूसरा 2.57 (मौजूदा), 2.86 रखने की चर्चा है. वहीं, कर्मचारी यूनियन 7वें वेतन आयोग के गठन से ही फिटमेंट फैक्टर को 3.68 गुना रखने की डिमांड कर रही है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का व्यू साफ है, फिटमेंट 1.92 के आसपास ही हो सकता है. इससे भी मौजूदा सैलरी में अच्छा उछाल देखने को मिलेगा. अगर एक्सपर्ट्स की बात सही होती है तो 18000 रुपए की मौजूदा बेसिक सैलरी वालों की नई बेसिक 34,560 रुपए हो सकती है. हालांकि, ये फाइनल बेसिक नहीं होगा. इसमें एक कैच है.
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए मौजूदा महंगाई भत्ता (Dearness allowance) 55 फीसदी है. ये जनवरी 2025 से लागू है. जुलाई 2025 में एक बार फिर ये रिवाइज होगा. मौजूदा AICPI इंडेक्स के ट्रेंड को देखें तो ये 58 फीसदी हो सकता है. मतलब 3 फीसदी का इजाफा इसमें देखने को मिल सकता है. अगर ये ट्रेंड अगले छह महीने भी जारी रहता है तो जनवरी 2026 से लागू होने वाला महंगाई भत्ता 61 फीसदी हो जाएगा. मतलब एक बार फिर 3 फीसदी का ही इजाफा दिखेगा. लेकिन, सरकार ने 8वें वेतन आयोग के ऐलान के वक्त कहा था कि ये 1 जनवरी 2026 से लागू होगा. ऐसी स्थिति में महंगाई भत्ता 61 फीसदी होगा और क्योंकि नया वेतन आयोग लागू होगा तो इसे बेसिक सैलरी में ही मर्ज कर दिया जाएगा. मतलब 18,000 रुपए की बेसिक सैलरी वालों की रिवाइज्ड बेसिक 28,980 रुपए हो सकती है.
8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) जब लागू होगा तब मौजूदा बेसिक सैलरी+महंगाई भत्ता+फिटमेंट फैक्टर को जोड़कर नई बेसिक सैलरी डिजाइन होगी. मतलब 18,000+10,980=28,980*फिटमेंट फैक्टर (1.92). ऐसी स्थिति में कर्मचारियों की लेवल-1 ग्रेड-पे 1800 पर नई बेसिक सैलरी 55,641 रुपए हो सकती है. ऐसा इसलिए होगा क्योंकि, महंगाई भत्ते को नए वेतन आयोग में शून्य कर दिया जाएगा और मौजूदा महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जा सकता है. तब फिटमेंट इस पर लागू होगा. तो इससे कर्मचारियों की सैलरी में बंपर उछाल आ सकता है. हालांकि, महंगाई भत्ते को मर्ज करने का पूरा फैसला वेतन आयोग का होगा. वहीं, कैबिनेट से इसे मंजूरी पर निर्भर करेगा. अगर सरकार इसे मर्ज न करके बल्कि एकमुश्त 61 फीसदी का भुगतान कर्मचारियों को कर देगी तो बेसिक सैलरी वही रहेगी और नई बेसिक 34,560 रुपए होगी.
VIDEO- 8th CPC: Zero हो जाएगा DA तो सैलरी पर पड़ेगा असर?
नया वेतन आयोग जब भी आता है तो भत्तों को भी रिवाइज किया जाता है. अगर महंगाई भत्ता शून्य किया जाएगा तो HRA की दरें भी रिवाइज होंगी. वहीं, ट्रैवल अलाउंस (TA)भी रिवाइज हो सकता है. लेकिन, ये सब वेतन आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा. अगर हम ये मान लें कि जो कर्मचारी इस वक्त लेवल-1 पर है, लेकिन उसकी पोस्टिंग X सिटी में भी है तो उसका HRA मौजूदा दर से 27 फीसदी (रिविजन के बाद अलग भी हो सकता है) होगा. वहीं, ट्रैवल अलाउंस Higher TPTA सिटी के हिसाब से होगा. हालांकि, अगर इसमें बदलाव नहीं भी होता है तो कुल HRA 27% के हिसाब से ₹9,331 होगा और TA ₹1,350 होगा.
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) में कुल सैलरी यानि नेट सैलरी कितनी होगी, इसका अंदाजा सभी भत्ते और फिटमेंट को जोड़कर लगाया जा सकता है. हालांकि, अभी महंगाई भत्ते को जोड़ना सही नहीं है. इसके लिए पहले वेतन आयोग की सिफारिशों पर ध्यान देना होगा. लेकिन, अगर महंगाई भत्ते को शून्य मान लें और लेवल-1 के पे-ग्रेड 1800 पर कैलकुलेशन करें तो सैलरी कुछ ऐसे बनेगी.
| Your Pay Level | |
| Basic Pay | |
| Revised Basic Pay ( with fitment factor) | |
| DA ( Dearness Allowance) | |
| HRA (Hourse Rent Allowance) | |
| TA (Travelling Allowance) | |
| Other Allowances/Incomes (if any)
| 0 |
| NPS Contribution | |
| CGHS Contribution | |
| Income Tax (New Regime FY:2025-26) (approx) per annum | (approx) |
| Other Deductions (if any)
| 0 |