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8th CPC Salary Calculator: 8वां वेतन आयोग... यह शब्द सुनते ही देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के मन में उम्मीद की एक नई लहर दौड़ जाती है. सोशल मीडिया से लेकर दफ्तरों तक, हर जगह बस एक ही सवाल है - "इस बार हमारी सैलरी कितनी बढ़ेगी?". अक्सर चर्चा सबसे निचले स्तर यानी लेवल-1 के कर्मचारियों की सैलरी से शुरू होती है, लेकिन एक बहुत बड़ा वर्ग मध्य-स्तर पर काम करता है, जो देश की प्रशासनिक मशीनरी की रीढ़ है.
नया बेसिक-पे क्या होगा? फिटमेंट फैक्टर कितना लगेगा? और इन सबके साथ HRA (मकान किराया भत्ता) और TA (यात्रा भत्ता) जुड़कर कुल नेट सैलरी कितनी बनेगी? अगर आपके मन में भी यही सब सवाल घूम रहे हैं, तो हम आपको आज बताएंगे कि '8th CPC Salary Calculator' से कैसे अनुमानित बढ़ी हुई सैलरी का पूरा हिसाब-किताब देख सकते हैं.
इससे पहले कि हम लेवल-5 की सैलरी का हिसाब लगाएं, यह समझना जरूरी है कि फिटमेंट फैक्टर क्या है. यह एक मल्टीप्लायर (गुणक) है, जिससे आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है. यही आपकी सैलरी में उछाल का सबसे बड़ा कारण बनता है.
7वें वेतन आयोग में: यह 2.57 था.
8वें वेतन आयोग में अनुमान: इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट्स में 1.92, 2.08 और 2.86 जैसे अलग-अलग आंकड़ों की चर्चा है. हम अपनी गणना सबसे रूढ़िवादी अनुमान, यानी 1.92 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर करेंगे.
आइए, एक नजर डालते हैं कि अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर विभिन्न पे-लेवल की बेसिक सैलरी कितनी हो सकती है.
| Pay Level | 7वें वेतन आयोग (Basic Pay) | 1.92 फिटमेंट फैक्टर | 2.08 फिटमेंट फैक्टर | 2.86 फिटमेंट फैक्टर |
| Level 1 | ₹18,000 | ₹34,560 | ₹37,440 | ₹51,480 |
| Level 2 | ₹19,900 | ₹38,208 | ₹41,392 | ₹56,914 |
| Level 3 | ₹21,700 | ₹41,664 | ₹45,136 | ₹62,062 |
| Level 4 | ₹25,500 | ₹48,960 | ₹53,040 | ₹72,930 |
| Level 5 | ₹29,200 | ₹56,064 | ₹60,736 | ₹83,512 |
| Level 6 | ₹35,400 | ₹67,968 | ₹73,632 | ₹1,01,244 |
| Level 7 | ₹44,900 | ₹86,208 | ₹93,392 | ₹1,28,414 |
| Select your Pay Level (AGP: Faculty, GP: All Other Employee) | |
| Select Basic Pay | |
| Fitment Factor (tentative) | |
| Select the type of your City for HRA | |
| Select the type of your City for TA | |
| Select DA Percentage |
| Your Pay Level | |
| Basic Pay | |
| Revised Basic Pay ( with fitment factor) | |
| DA ( Dearness Allowance) | |
| HRA (Hourse Rent Allowance) | |
| TA (Travelling Allowance) | |
| Other Allowances/Incomes (if any)
| 0 |
| NPS Contribution | |
| CGHS Contribution | |
| Income Tax (New Regime FY:2025-26) (approx) per annum | (approx) |
| Other Deductions (if any)
| 0 |
अब आते हैं सबसे महत्वपूर्ण हिस्से पर. मान लीजिए आप लेवल-5 के कर्मचारी हैं. तो 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद आपकी मंथली सैलरी स्लिप कैसी दिखेगी?
आपकी मौजूदा बेसिक-पे: ₹29,200
अनुमानित फिटमेंट फैक्टर: 1.92
आपकी नई रिवाइज्ड बेसिक-पे: ₹29,200 x 1.92 = ₹56,064
यही आपकी नई सैलरी का आधार होगा.
हर नए वेतन आयोग के लागू होने पर महंगाई भत्ते को शून्य कर दिया जाता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पिछले सालों की महंगाई को एडजस्ट करके ही नई बेसिक-पे बनाई जाती है.
HRA आपकी पोस्टिंग वाले शहर पर निर्भर करता है (X, Y, Z कैटेगरी). 7वें वेतन आयोग के नियम के अनुसार, जब DA 50% को पार कर जाता है, तो HRA की दरें 27%, 18% और 9% से बढ़कर 30%, 20% और 10% हो जाती हैं. हम यह मानकर चल रहे हैं कि आप 'X' कैटेगरी शहर में हैं.
नई बेसिक-पे: ₹56,064
HRA की दर (X शहर): 30%
आपका नया HRA: ₹56,064 का 30% = ₹16,819
TA भी शहर और पे-लेवल के हिसाब से तय होता है. हायर TPTA शहरों में लेवल 3 और उससे ऊपर के लिए यह ₹3600 + DA होता है. चूँकि DA शून्य है, तो TA फिक्स रहेगा.
आपका TA: ₹3,600
अब इन सबको जोड़ते हैं.
नई बेसिक-पे: ₹56,064
DA: ₹0
HRA: ₹16,819
TA: ₹3,600
आपकी कुल ग्रॉस सैलरी: ₹76,483 प्रति माह
ग्रॉस सैलरी वह रकम नहीं है जो आपके बैंक खाते में आती है. इसमें से कुछ अनिवार्य कटौतियां भी होती हैं.
NPS कंट्रीब्यूशन: यह आपकी बेसिक-पे का 10% होता है. (₹56,064 का 10% = ₹5,606)
CGHS कंट्रीब्यूशन: यह आपके पे-लेवल के हिसाब से एक निश्चित राशि होती है. (लगभग ₹250)
ग्रॉस सैलरी: ₹76,483
कुल कटौती: ₹5,606 + ₹250 = ₹5,856
आपकी नेट सैलरी: ₹76,483 - ₹5,856 = ₹70,627 प्रति माह
तो, एक लेवल-5 कर्मचारी 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद हर महीने लगभग ₹70,627 की नेट सैलरी की उम्मीद कर सकता है.
यह गणना एक रूढ़िवादी फिटमेंट फैक्टर पर आधारित है. अगर सरकार कर्मचारी संघों की मांगों को मानती है और फिटमेंट फैक्टर को 2.86 तक ले जाती है, तो यह सैलरी और भी ज्यादा हो सकती है. लेकिन एक बात स्पष्ट है - 8वां वेतन आयोग लागू होने पर लेवल-5 के कर्मचारियों की सैलरी में एक बड़ा और सम्मानजनक उछाल देखने को मिलेगा. यह न केवल उनकी क्रय शक्ति को बढ़ाएगा, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी एक महत्वपूर्ण सुधार लाएगा.
यह 1 जनवरी, 2026 से लागू होने की पूरी उम्मीद है.
जी हां, नई बेसिक-पे के आधार पर HRA की रकम भी अपने आप बढ़ जाएगी.
इसका अंतिम निर्णय सरकार द्वारा गठित वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर किया जाएगा.
बिल्कुल, वेतन आयोग की सिफारिशें पेंशनभोगियों पर भी समान रूप से लागू होती हैं और उनकी पेंशन भी रिवाइज होती है.
आमतौर पर, केंद्रीय वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन करती हैं.