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8th Pay Commission fitment factor: केंद्रीय कर्मचारियों को इंतजार है कि उनकी सैलरी में कितना रिविजन होगा. 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों में फिटमेंट फैक्टर कितना होगा. साथ ही उनके लिए नया पे-कमीशन क्या-क्या बदलाव लेकर आएगा. तमाम रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि फिटमेंट फैक्टर के बाद सैलरी में बड़ा उछाल आएगा. वहीं, फिटमेंट फैक्टर 2.86 या फिर 2.28 होगा. लेकिन, हकीकत ये है कि फिटमेंट फैक्टर न तो 2.28 और न 2.86 और न ही 3 गुना होगा. बल्कि स्थितियां, महंगाई और अनुमानित महंगाई भत्ते के आधार पर इसे तय किया जाएगा. मौजूदा स्थितियों को देखें तो फिटमेंट फैक्टर 1.90 होने की संभावना है. अब ऐसा क्यों होगा और इससे सैलरी पर कितना असर होगा ये समझ लेते हैं.
अगर हम दूसरे वेतन आयोग से 7वें वेतन आयोग तक का औसत देखें तो 27% की वृद्धि हुई है. 7वें वेतन आयोग में कुल सैलरी हाइक 14.27% था. अब जब 8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है, तो यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस बार कितनी वृद्धि करने की सिफारिश करती है. मौजूदा महंगाई भत्ते (DA) को देखते हुए 1 जनवरी 2026 तक DA 60% से 62% तक हो सकता है. एक्सपर्ट्स की मानें तो महंगाई भत्ता 61 फीसदी तक पहुंचने की संभावना है. अभी 55 फीसदी महंगाई भत्ता अप्रूव्ड है. अगर इस स्थिति को मानें तो केंद्रीय कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग में सिर्फ 18 फीसदी का सैलरी हाइक मिलने की संभावना दिखती है. लेकिन, अगर सैलरी में 24% का उछाल आता है तो फिटमेंट फैक्टर ज्यादा हो सकता है. लेकिन, इसकी संभावना काफी कम है.
अब बात फिटमेंट फैक्टर की करते हैं. फिटमेंट फैक्टर की वैल्यू इस बात पर तय होती है कि उस वक्त महंगाई भत्ता (DA) कितना चल रहा है और सरकार या वेतन आयोग सैलरी में कितनी बढ़ोतरी तय करता है. अगर सैलरी की कैलकुलेशन ऐसे ही होती है तो महंगाई भत्ता और सैलरी में उछाल के लिहाज से फिटमेंट फैक्टर का कैलकुलेशन निकलेगा. अब सामान्य स्थिति में महंगाई भत्ता 61% मान लेते हैं. वहीं, सैलरी में उछाल 18% होने की संभावना है. इस स्थिति में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए फिटमेंट फैक्टर 1.90 ही रहेगा. ऐसी स्थिति में कर्मचारियों की बेसिक सैलरी को फिटमेंट से गुणा करके नई सैलरी निकाली जाएगी.
नए पे-कमीशन को 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा. लेकिन, इसकी सिफारिशें आने और लागू होने में थोड़ा समय लगेगा. उसके बाद ही स्थिति साफ होगी कि आखिर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए फिटमेंट फैक्टर कितना तय हुआ और सैलरी में रिविजन कितना होगा. हालांकि, सब चीज फाइनल होने के बाद कर्मचारियों को भुगतान 1 जनवरी 2026 से ही किया जाएगा. मतलब जितने महीने बाद ये फाइनल होगा तब तक का एरियर कर्मचारियों को मिलेगा. सूत्रों की मानें तो सिफारिशों को आने में 15 से 18 महीने का वक्त लग सकता है. सूत्रों के मुताबिक, आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट जमा करने से पहले एक अंतरिम रिपोर्ट भी पेश करेगा. लेकिन ये रिपोर्ट मई 2026 तक आने की संभावना है. इससे पहले बजट 2026 में 8वें वेतन आयोग के लिए फंड एलोकेशन भी किया जा सकता है.
सूत्रों के मुताबिक सरकार नया पे-कमीशन लागू होने पर DA कैलकुलेशन के लिए बेस ईयर को बदल सकती है. अभी AICPI-IW के लिए बेस ईयर 2016 है, इसे साल 2016 में 7वें वेतन आयोग के लागू होने पर बदला गया था. एक्सपर्ट्स भी मान रहे हैं कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर बेस ईयर को बदला जा सकता है. इसके पीछे लॉजिक है कि महंगाई बढ़ रही है और बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए दिए जाने वाले DA को भी नए बेस ईयर से बदल जाए. संभावना है कि महंगाई भत्ते का बेस ईयर 2026 हो सकता है.
अगर 1 जनवरी 2026 तक 8वां वेतन आयोग लागू किया जाता है तो मौजूदा स्थिति को देखते हुए महंगाई भत्ता 61% फीसदी तक होगा. इसका भुगतान कर्मचारियों को सैलरी में किया ही जा रहा होगा. लेकिन, अगर बेस ईयर चेंज होगा तो पुराने डीए को मर्ज किया जा सकता है. हालांकि, औपचारिक तौर पर सरकार ने अभी तक ऐसा नहीं कहा है. ये सभी 8वें वेतन आयोग के पैनल की सिफारिशों के बाद ही तय होगा. ऐसा होने पर महंगाई भत्ता शून्य हो जाएगा और 61% वाले महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाएगा.