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7th pay commission: प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों (Teachers) को बड़ा तोहफा मिला है. केंद्र सरकार के बाद बिहार सरकार ने भी अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (Dearness allowance) और HRA बढ़ा दिया है. 7वें वेतन आयोग (7th CPC) के तहत राज्य सरकार ने 15 फीसदी सैलरी बढ़ाने का ऐलान किया है. राज्य के पंचायती राज (Panchayati Raj) और नगर निकायों (Nagar Nigam) में प्राथमिक विद्यालयों से माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 3.5 लाख से ज्यादा शिक्षक और पुस्तकालयाध्यक्ष को इसका फायदा मिलेगा. सैलरी हाइक को 1 अप्रैल 2021 से लागू किया गया है. 1 जनवरी 2022 को उनके खातों में बढ़ी हुई सैलरी क्रेडिट कर दी जाएगी.
बिहार राज्य के शिक्षा विभाग ने इसे लेकर निर्देश जारी कर दिया है. राज्य सरकार के मुताबिक, कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और मेडिकल अलाउंस (Medical allowance) में बढ़ोतरी भी दी जाएगी. ग्रेड पे में इंक्रीमेंट (increment) का नियम भी लागू होगा. शिक्षकों को लाभ मिलने के बाद प्राइमेरी से सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 2 साल पूरे कर चुके शिक्षकों का वेतन करीब 3,000 रुपए से बढ़कर 4,000 रुपए हो जाएगा.
ऑफिशियल नोटिफिकेशन के बाद शिक्षकों की सैलरी असेसमेंट की प्रक्रिया शुरू होगी और एक जनवरी से बढ़ी हुई सैलरी का भुगतान कर दिया जाएगा. इससे पहले जुलाई में सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को बहाल किया था और भत्ते की दर 17 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी कर दी थी.
केंद्र सरकार ने अक्टूबर में सभी केंद्रीय कर्मचारियों का DA 28 फीसदी से 31 फीसदी बढ़ाने का ऐलान किया था. महंगाई भत्ते (Dearness allowance) और महंगाई राहत (Dearness relief) में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की गई. इससे केंद्र सरकार के 47.14 लाख से ज्यादा कर्मचारी और 68.62 लाख पेंशनभोगी को फायदा मिला था. 3 फीसदी महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से सरकारी राजकोष पर सालाना 9,488 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा.