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7th Pay Commission Calculator: केंद्रीय कर्मचारी अपनी सैलरी बहुत आसानी से कैलकुलेट कर सकते हैं. विभाग के हिसाब से 7वें वेतन आयोग में जो Pay matrix बनाए गए हैं वे अलग हैं. बता दें कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी 1 जनवरी 2016 को 7वां वेतन आयोग लागू होने के बाद से बढ़ी है. नया वेतनमान आने के बाद ग्रॉस सैलरी में 14% का इजाफा हुआ. हालांकि बाद में मोदी सरकार ने DA देना शुरू किया, जिससे सैलरी और बढ़ गई.
छठे वेतनमान में एंट्री लेवल (Entry level) पर बेसिक पे 7000 रुपए (पे बैंड 5200+ग्रेड पे 1800) थी. वहीं DA 125% प्रतिशत मिलता था, मतलब बेसिक से ज्यादा DA बनता था. बाकी भत्ते और कटौती मिलाकर कर्मचारी के हाथ में 14757 रुपए महीना आता था. लेकिन, 7वां वेतनमान लागू होने के बाद ग्रॉस पे में बढ़ोतरी हुई थी. इसके बाद DA की रकम भी जुड़ती है, जो मौजूदा समय में 34% है.
छठे वेतन आयोग 7वां वेतन आयोग
7000 18000
13500 35400
21000 56100
46100 118500
80000 225000
90000 250000
पे मेट्रिक्स
नए वेतनमान में पे मैट्रिक्स (Pay Matrix) के आधार पर सैलरी बनती है. पे मैट्रिक्स को फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) से जोड़ा गया था. शुरुआती लेवल के कर्मचारी को 2.57 गुना फिटमेंट फैक्टर के आधार पर सैलरी बनती है. मतलब पे मेट्रिक्स में लेवल 1 पर बेसिक 18 हजार रुपए प्रति माह है. वहीं लेवल 18 पर यह 2.5 लाख रुपए प्रति माह है. यह व्यवस्था 1 जनवरी 2016 से लागू है.
पहले समझिए पे-मैट्रिक्स क्या है और इससे कर्मचारियों की सैलरी पर क्या असर पड़ने वाला है. इससे सरकारी कर्मचारियों को किस तरह फायदा होगा. सातवें वेतन के तहत पे-मैट्रिक्स लेवल 3 से बेसिक पे-स्ट्रक्चर तय होता है. फिलहाल, level-3 में बेसिक पे स्ट्रक्चर न्यूनतम 21,700 रुपए है और अधिकतम या 40 इंक्रीमेंट के साथ 69,100 रुपए होता है.
उदाहरण से समझते हैं. कोई भी सरकारी कर्मचारी अगर किसी डिपार्टमेंट में पे मैट्रिक्स लेवल 3 के अंतर्गत आता है. उसका बेसिक मूल वेतन 21,700 रुपए है तो आइए जानते हैं कि उस कर्मचारी की कुल सैलरी कितनी होगी?