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पैसा कमाना जितना मुश्किल है, उसे संभालकर खर्च करना उससे भी ज्यादा मुश्किल लगता है. ज्यादातर लोग महीने के आखिरी दिनों में यही बोलते मिल जाते हैं – "पता ही नहीं चला पैसा कहां उड़ गया!" इसी दिक्कत को दूर करने के लिए लोग बजट प्लान करते हैं. अक्सर 50-30-20 रूल बजटिंग के लिए सजेस्ट किया जाता है, लेकिन कई बार ये फॉर्मूला भी लोगों की कमाई पर फिट नहीं बैठता. ऐसे में एक और फॉर्मूला है 70-20-10 Rule. ये आपकी कमाई के हिसाब से काफी प्रैक्टिकल और आसान है. इससे आपके सारे खर्च भी आराम से निकलेंगे और आपकी बचत भी होती रहेगी.
आज की लाइफस्टाइल और महंगाई को देखते हुए 50% में खर्च मैनेज करना हर किसी के बस की बात नहीं है. इसलिए इस रूल में आपको अपनी इनकम का 70% जरूरी खर्चों में खर्च करने की छूट मिलती है. इस रकम से आप किराया, EMI, राशन, बिजली, गैस, फोन, बच्चों की जरूरत वगैरह को मैनेज कर सकते हैं.
अगर आप अपनी इनकम का सिर्फ 20% बचत में डालते हैं तो ये आपके फ्यूचर के लिहाज से काफी अच्छा रहेगा. इस रकम को बचाकर आप निवेश कर सकते हैं. अब सवाल है कि कहां निवेश करें तो आप इसमें से Emergency Fund तैयार करें. SIP Mutual Fund में निवेश कर सकते हैं. इसके अलावा PPF, FD/RD जैसे ऑप्शन चुन सकते हैं. अगर आप नौकरीपेशा हैं तो VPF के जरिए EPF में कॉन्ट्रीब्यूशन बढ़वा सकते हैं. इसके अलावा इंश्योरेंस भी एक जरूरी चीज है, जिसके प्रीमियम भरने का खर्च आप इसमें से ले सकते हैं.मतलब ये हिस्सा आपकी Future Life Security Zone है.
ये हिस्सा सिर्फ और सिर्फ आपके लिए है. मतलब जिंदगी के शौक आप इस हिस्से से पूरे कर सकते हैं. फिल्म, शॉपिंग, डेट नाइट्स, ट्रैवल वगैरह के लिए आप कमाई के इस हिस्से से प्लानिंग कीजिए.
| Category | Percentage | Purpose |
|---|---|---|
| ? ज़रूरी खर्च (Needs) | 70% | घर, किराया, ग्रॉसरी, बिजली-पानी, बिल्स, बच्चों की फीस |
| ? सेविंग व निवेश (Savings/Investments) | 20% | FD, SIP, RD, Emergency Fund |
| ? खुद पर खर्च / लाइफस्टाइल (Wants) | 10% | घूमना, शॉपिंग, एंटरटेनमेंट |
मान लीजिए कि आपकी सैलरी 1,00,000 रुपए महीने है. ऐसे में आप 70,000 रुपए से अपनी जरूरतें पूरी कर सकते हैं. 20,000 रुपए महीने बचत के नाम से निकालकर तमाम स्कीम्स में अलग-अलग निवेश कर सकते हैं. वहीं 10,000 आपके अपने इस्तेमाल के लिए हैं. इन्हें आप अपने किसी भी शौक में खर्च कर सकते हैं.
ये ज्यादातर लोगों के लिए प्रैक्टिकल है, खासकर जहां सैलरी कम और खर्च ज्यादा हैं.
कम से कम 10% से शुरुआत करें और धीरे-धीरे बढ़ाएं.
EMI 70% जरूरी खर्च वाले कैटेगरी में आती है.
हां, ये flexible रूल है. जरूरत के हिसाब से 75-15-10 या 60-30-10 भी किया जा सकता है.
हां, ये स्टूडेंट्स, नौकरीपेशा और बिजनेस सभी के लिए उपयोगी है.