&format=webp&quality=medium)
महीने की शुरुआत में जब सैलरी अकाउंट में क्रेडिट होती है तो बहुत खुशी होती है. लेकिन तमाम खर्चों की लिस्ट भी पहले से तैयार रहती है. इधर सैलरी आई नहीं, उधर खर्च शुरू और महीना समाप्त होने से पहले अकाउंट खाली. ये समस्या आपके जैसे तमाम लोगों की है. अगर आप इस चक्रव्यूह से निकलना चाहते हैं और अपनी कमाई बचाना चाहते हैं, तो 7 दिन का 'नो-स्पेंड चैलेंज' आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है. ये एक ऐसा तरीका है, जिससे आप न सिर्फ हजारों रुपए बचा सकते हैं, बल्कि अपनी खर्च करने की आदतों को भी समझ सकते हैं और उनमें सुधार ला सकते हैं.
नो-स्पेंड चैलेंज का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि आपको 7 दिनों तक कोई पैसा खर्च नहीं करना है. इसका असली मकसद है, गैर-जरूरी यानी फालतू खर्चों पर पूरी तरह से रोक लगाना. इस चैलेंज के दौरान, आप सिर्फ उन चीजों पर खर्च करते हैं जो वाकई में जरूरी हैं. इन 7 दिनों में आप घर का किराया, बिजली का बिल, और पहले से प्लान की हुई चीज़ों पर ही खर्च कर सकते हैं. खाने-पीने की चीज़ें, एंटरटेनमेंट, शॉपिंग, और बाहर खाने जैसी चीज़ों पर पूरी तरह से रोक लगानी होती है.
नो-स्पेंड चैलेंज सिर्फ पैसे बचाने का एक तरीका नहीं है, बल्कि ये आपको अपनी खर्च करने की आदतों को समझने में भी मदद करता है. जब आप एक हफ्ते तक सिर्फ ज़रूरी चीज़ों पर ही खर्च करते हैं, तो आपको पता चलता है कि आप कहां-कहां बेवजह पैसे उड़ा रहे हैं. ये आपको अपनी प्राथमिकताएं तय करने और भविष्य के लिए एक बेहतर बजट बनाने में मदद करता है.
चैलेंज शुरू करने से पहले थोड़ी तैयारी करना ज़रूरी है, ताकि आप इसे सफलतापूर्वक पूरा कर सकें.
सबसे पहले, ये पता लगाएं कि आपके ज़रूरी खर्च कौन से हैं (जैसे किराया, बिल, लोन) और कौन से गैर-ज़रूरी (जैसे बाहर खाना, शॉपिंग, मूवी). इससे आपको क्लियरिटी मिलेगी कि आपको कहां कटौती करनी है.
चैलेंज के दौरान बाहर खाने से बचना है. इसलिए, घर पर पर्याप्त राशन और सब्ज़ियां रखें. पूरे हफ्ते के लिए मील प्लान कर लें, ताकि आपको पता हो कि क्या बनाना है. ये आपको लास्ट मिनट में बाहर से कुछ ऑर्डर करने से बचाएगा.
बाहर घूमना या मूवी देखना इस चैलेंज में शामिल नहीं है. इसलिए, घर पर ही मनोरंजन के विकल्प तैयार रखें. किताबें पढ़ें, ऑनलाइन सीरीज़ देखें, बोर्ड गेम खेलें या दोस्तों के साथ घर पर ही कुछ प्लान करें.
क्या आपको वाकई उस नई टी-शर्ट की ज़रूरत है, या वो सिर्फ एक इच्छा है? इस चैलेंज में आपको अपनी ज़रूरतों और इच्छाओं के बीच का फर्क समझना होगा.
मान लीजिए आपकी महीने की सैलरी 40,000 रुपए है. आप आमतौर पर हर हफ्ते बाहर खाने पर 1,000 रुपए, शॉपिंग पर 1000 रुपए, और कैफे में 300 रुपए खर्च करते हैं.
नो-स्पेंड चैलेंज में बचत (एक हफ्ते की)
अगर आप ये चैलेंज हर महीने एक बार भी करते हैं, तो आप हर महीने 2300 रुपए बचाते हैं और इस तरह साल भर में 2300x 12 = 27,600 रुपए बचा सकते हैं. ये एक छोटी सी शुरुआत है, लेकिन इसका असर बहुत बड़ा हो सकता है. वहीं अगर आपका हफ्ते का खर्च इससे ज्यादा है तो बचत भी ज्यादा होगी.
किसी भी चैलेंज में सफल होने के लिए प्लानिंग सबसे जरूरी है. ये 4 स्टेप्स आपको 7-दिन के नो-स्पेंड चैलेंज के लिए तैयार करेंगे
महीने के ऐसे 7 दिन चुनें जब कोई शादी, बर्थडे पार्टी या त्योहार न हो. एक सामान्य हफ्ता चुनना इसे आसान बना देगा.
तय करें कि आपके लिए क्या "जरूरी" है और क्या "गैर-जरूरी". हो सकता है कि आपके लिए हफ्ते में एक बार बाहर की चाय पीना बहुत जरूरी हो, तो उसे नियम में शामिल करें. लक्ष्य खुद को टॉर्चर करना नहीं, बल्कि जागरूक बनना है.
चैलेंज शुरू होने से एक दिन पहले हफ्ते भर की सब्जियां और राशन खरीद लें. मील प्लानिंग (पूरे हफ्ते क्या खाएंगे) पहले से कर लें ताकि बाहर से कुछ ऑर्डर करने का मन न करे.
अपने करीबियों को इस चैलेंज के बारे में बताएं ताकि वो आपको बाहर चलने या शॉपिंग के लिए मजबूर न करें. हो सकता है, वो भी आपके साथ इस चैलेंज में शामिल हो जाएं.