&format=webp&quality=medium)
जून 2026 में आपकी जेब पर बोझ बढ़ने वाला है या राहत मिलेगी? (फाइल फोटो)
साल 2026 का छठा महीना यानी जून शुरू होने वाला है.ऐसे में पैसों के लिहाज से यह महीना आपके लिए बहुत ही अहम रहने वाला है.जी हां चाहे आप टैक्स भरते हों, शेयर बाजार में निवेश करते हों या फिर एक आम हाउस वाइफ ही क्यों ना हों जून में होने वाले 5 बड़े बदलाव आपकी जेब और मंथली बजट पर सीधा असर डालेंगे.
तो अगर आपने इन तारीखों और बदलावों पर ध्यान नहीं दिया, तो आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है या आपका बजट बिगड़ सकता है.फिर आइए जानते हैं जून 2026 की वो 5 बड़ी बातें, जो आपके 'मनी मैनेजमेंट' को प्रभावित करेंगी.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 3 जून से 5 जून 2026 तक होने वाली है. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार भी केंद्रीय बैंक अपनी ब्याज दरों (Repo Rate) को 5.25% पर स्थिर रख सकता है.
लेकिन इसमें एक ट्विस्ट ये है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और रुपये पर बढ़ते दबाव को देखते हुए लग रहा है कि ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं.अगर आरबीआई ब्याजदर बढ़ाती है तो फिर आने वाले समय में आपके होम लोन या कार लोन की ईएमआई महंगी हो सकती है.
अगर आप फ्रीलांसर हैं, ट्रेडर हैं या आपकी सैलरी के अलावा अन्य सोर्स से अच्छी कमाई होती है, तो 15 जून की तारीख कैलेंडर पर मार्क कर लें. फाइनेंशियल 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की आखिरी तारीख 15 जून ही है.
रूल के मुताबिक, अगर आपकी कुल टैक्स लायबिलिटी (TDS कटने के बाद) करीब ₹10,000 से ज्यादा है, तो आपको 15 जून तक अपने अनुमानित टैक्स का कम से कम 15% जमा करना होगा, ध्यान रहे, 60 साल से ज्यादा उम्र के सीनियर सिटीजन्स, जिनका कोई बिजनेस नहीं है, उन्हें एडवांस टैक्स से छूट दी गई है.
यह भी पढ़ें: New Rule: 1 जून की सुबह-सुबह बदल जाएंगे LPG से लेकर ATM तक7 बड़े नियम, जेब पर पड़ेगा इनका सीधा असर!
नौकरीपेशा लोगों के लिए जून का महीना आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की तैयारी का होता है. कंपनियों के लिए कानूनी रूप से जरूरी है कि वे 15 जून तक अपने कर्मचारियों को टैक्स फाइल के लिए फॉर्म जारी कर दें.
जून के आखिरी हफ्ते में सरकार सुकन्या समृद्धि योजना, PPF, NSC और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) जैसी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करेगी.असल में सरकार हर तिमाही (Quarter) में इन दरों की समीक्षा करती है.
हालांकि ये दरें हर बार नहीं बदलतीं, लेकिन सरकारी बॉन्ड यील्ड और मौजूदा इकॉनमी हालातों को देखते हुए सरकार इनमें बदलाव कर सकती है.तो अगर आप सुरक्षित निवेश पसंद करते हैं, तो जून के लास्ट में होने वाली इस घोषणा पर जरूर नजर रखें, क्योंकि जुलाई से नई दरें लागू होंगी.
हर महीने की पहली तारीख की तरह, 1 जून को भी तेल कंपनियां एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करेंगी.हालांकि जरूरी नहीं है कि 1 जून को ही रेट बदलतें जिस तरह से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के बाजार में मची उथल-पुथल और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का सीधा असर भारत में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों पर पड़ रहा है, तो रेट कभी भी बढ़ रहे हैं.
यह भी पढ़ें: RBI ने एक ही दिन में 3 बैंकों पर ठोका जुर्माना! जानिए क्या कर रहे थे गड़बड़ी, जिसे रिजर्व बैंक ने पकड़ लिया
इसके अलावा, यूपी (UP) जैसे राज्यों में बिजली के बिलों में भी जून से बढ़ोत्तरी की खबरें हैं, जो आपके बजट को बिगाड़ सकती हैं.
आपको बता दें कि पैसों से जुड़े ये बदलाव आपको डराने के लिए नहीं, बल्कि सचेत करने के लिए हैं.तो फिर अगर आप समय रहते अपनी प्लानिंग कर लेंगे, तो जून का महीना आपके लिए आर्थिक रूप से काफी 'स्मूथ' रहेगा.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या जून में होम लोन की दरें कम होंगी?
आरबीआई द्वारा रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने की संभावना है, इसलिए दरों में तत्काल गिरावट की उम्मीद कम है
Q2 अगर मैं 15 जून तक एडवांस टैक्स नहीं भर पाया तो क्या होगा?
डेडलाइन चूकने पर आपको धारा 234C के तहत बकाया टैक्स पर प्रतिमाह 1% की दर से ब्याज देना पड़ सकता है
Q3 PPF और सुकन्या समृद्धि योजना में क्या ब्याज बढ़ सकता है?
ब्याज दरों का बढ़ना सरकारी बॉन्ड यील्ड पर निर्भर करता है अगर सरकारी खर्च बढ़ता है, तो ब्याज दरों में मामूली बढ़ोत्तरी की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन इसकी संभावना कम ही दिख रही है
Q4 क्या जून में गैस सिलेंडर सस्ता होगा?
मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से कच्चे तेल के दाम ऊंचे हैं, ऐसे में कीमतों में बड़ी कटौती की उम्मीद कम है