रूल ऑफ 100 माइनस: ये है वो चमत्कारी फॉर्मूला जो हर बार देगा मुनाफा, मिलेगा बड़ा Bank Balance! समझें Mathematics

100 Minus Rule: रूल ऑफ 100 माइनस एक आसान और प्रभावी फॉर्मूला है, जो आपको सही एसेट एलोकेशन में गाइड करता है. इस रूल के मुताबिक, आपको अपनी उम्र को 100 से घटाना है.
रूल ऑफ 100 माइनस: ये है वो चमत्कारी फॉर्मूला जो हर बार देगा मुनाफा, मिलेगा बड़ा Bank Balance! समझें Mathematics

100 Minus Rule: इन्वेस्टमेंट ये वो साइकिल है, जो कभी न कभी हर इंडिविजुअल अपनी लाइफ में करता है और करना भी चाहिए. लेकिन, पैसा कहां लगाना है, कैसे लगाना है, कितना लगाना है? ये सवाल हर किसी को समझने चाहिए और अपने पोर्टफोलियो को वैसे ही डिजाइन करना चाहिए. खासकर मंदी के दौर में निवेश करना काफी रिस्की हो सकता है. लेकिन, यही वो वक्त है, जब आपको हीरो वाली एंट्री लेनी है और अपने निवेश की साइकिल को दौड़ाना है. कैसे होगा ये? इसके लिए एक चमत्कारी फॉर्मूला है, जो आपको हमेशा मुनाफे में रखेगा और आपको एक बड़ा बैंक बैलेंस (Bank Balance) तैयार करने में मदद करेगा. इसके लिए एक Mathematics आपको समझना होगा.

100 Minus Rule: करना क्या है?

रूल ऑफ 100 माइनस एक आसान और प्रभावी फॉर्मूला है, जो आपको सही एसेट एलोकेशन में गाइड करता है. इस रूल के मुताबिक, आपको अपनी उम्र को 100 से घटाना है. जो भी रिजल्ट आएगा, वो आपके पोर्टफोलियो में इक्विटी (Equity) मतलब Stocks में निवेश का हिस्सा होगा. बाकी हिस्सा डेब्ट या फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में लगाने की सलाह दी जाती है.

Add Zee Business as a Preferred Source

100 Minus Rule: कैसे काम करता है ये फॉर्मूला?

मान लीजिए, आप 30 साल के हैं.
100 - 30 = 70
इस फॉर्मूले के हिसाब से, आपको अपने पोर्टफोलियो का 70% हिस्सा इक्विटी (Stocks, Mutual Funds) में और बाकी 30% डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स (FD, बॉन्ड्स, PPF) में निवेश करना चाहिए.

100 Minus Rule: क्यों ये फॉर्मूला है सबसे खास?

1. जोखिम कम करता है
उम्र के अनुसार आपका पोर्टफोलियो बैलेंस रहता है. जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, जोखिम कम हो जाता है.

2. लॉन्ग टर्म ग्रोथ
युवावस्था में इक्विटी में ज्यादा निवेश आपकी पूंजी को तेजी से बढ़ने में मदद करता है.

3. सेफ्टी नेट
रिटायरमेंट के करीब डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स में ज्यादा निवेश आपको स्थिरता देता है.

कैलकुलेशन से समझें कैसा दिखेगा पोर्टफोलियो

Case 1- अगर आप 25 साल के हैं

इक्विटी निवेश: 100-25= 75%
डेब्ट निवेश: 25%
आपका पोर्टफोलियो ऐसा दिखेगा: ₹1,00,000 निवेश= ₹75,000 (इक्विटी) + ₹25,000 (डेब्ट)

Case 2- अगर आप 50 साल के हैं
इक्विटी निवेश: 100-50= 50%
डेब्ट निवेश: 50%
आपका पोर्टफोलियो ऐसा दिखेगा: ₹1,00,000 निवेश= ₹50,000 (इक्विटी) + ₹50,000 (डेब्ट)

Case 3- अगर आप 60 साल के हैं

इक्विटी निवेश: 100-60= 40%
डेब्ट निवेश: 60%
आपका पोर्टफोलियो ऐसा दिखेगा: ₹1,00,000 निवेश = ₹40,000 (इक्विटी) + ₹60,000 (डेब्ट)

सबके लिए है फिट है 100 Minus Rule?

यह रूल हर निवेशक के लिए एक बेसिक गाइड है. हालांकि, आपकी फाइनेंशियल जरूरतों, लक्ष्य और जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर इसमें बदलाव हो सकता है.

1. युवाओं के लिए- यह रूल जोखिम लेने और तेजी से पैसा बढ़ाने का मौका देता है.

2. रिटायरमेंट के करीब- रूल के हिसाब से डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स में ज्यादा निवेश आपको स्थिरता देगा.

3. कस्टमाइजेशन- अगर आप ज्यादा जोखिम ले सकते हैं, तो इक्विटी का हिस्सा बड़ा रखना चाहिए.

एक्सपर्ट्स भी करता है यूज

100 माइनस का रूल (100 Minus Rule) एक सरल लेकिन प्रभावी एसेट एलोकेशन टूल है. यह आपको उम्र के हिसाब से सही निवेश योजना बनाने में मदद करता है. लेकिन हर निवेशक को अपनी जरूरतों और लक्ष्य के अनुसार इसे कस्टमाइज करना चाहिए. 100 माइनस का रूल आपको सही दिशा में निवेश करने में मदद करता है. अगर आप इसे सही तरीके से अपनाते हैं, तो 2025 में आपका पोर्टफोलियो न केवल सुरक्षित रहेगा, बल्कि मुनाफे से भी भरा होगा. तो देर किस बात की? अपने पोर्टफोलियो को बैलेंस करें और मुनाफे की राह पर आगे बढ़ें.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6