सिर्फ बचत नहीं, आज से ही कीजिए ये 5 काम कीजिए, तब आपका रिटायरमेंट बनेगा 'Future-Proof'

महंगाई हर साल आपकी सेविंग्स की ताकत को कम करती है. अगर आज 1 करोड़ रुपए आपको करोड़पति बनाते हैं तो 30 साल बाद यही रकम शायद मिडिल-क्लास खर्चों के लिए भी मुश्किल से काफी होगी. इसलिए रिटायरमेंट को 'फ्यूचर-प्रूफ' बनाने के लिए निवेश की सही स्ट्रेटेजी बेहद जरूरी है. जानिए वो 5 काम जो आपके फाइनेंशियल फ्यूचर को सुरक्षित कर सकते हैं.
सिर्फ बचत नहीं, आज से ही कीजिए ये 5 काम कीजिए, तब आपका रिटायरमेंट बनेगा 'Future-Proof'

हम में से ज्यादातर लोग जब अपने रिटायरमेंट के बारे में सोचते हैं तो एक जादुई आंकड़ा दिमाग में आता है - 'एक करोड़ रुपए'. इसका कारण है कि करोड़ की वैल्‍यू आज भी काफी ज्‍यादा है और भारत में ऐसे तमाम लोग हैं जो इस आंकड़े के आसपास भी नहीं हैं. ऐसे में उन्‍हें लगता है कि अगर रिटायरमेंट तक 1 करोड़ रुपए जमा कर लिए, तो जिंदगी आराम से कट जाएगी. फाइनेंशियल प्लानर्स भी अक्सर SIP के जरिए 1 करोड़ का फंड बनाने के प्लान बताते हैं.

लेकिन खयाली पुलाव पकाने से पहले जरा रुकिए और ये सोचिए कि अगर आपकी उम्र अभी 30 साल है और आप अगर अब से रिटायरमेंट प्‍लानिंग शुरू करते हैं, तो आज से 30 साल बाद, यानी 60 में जब आप असल में रिटायर होंगे, तो उस 1 करोड़ रुपए की असली कीमत क्या होगी? अगर आप वास्‍तव में चाहते हैं कि आपका बुढ़ापा आराम से बीते और पूरी तरह से 'फ्यूचर-प्रूफ' (Future-Proof) बने, तो आपको आज से ही 5 काम जरूर कर लेने चाहिए.

पहले जानिए आपकी सेविंग्‍स के दुश्‍मन

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पहला दुश्मन: महंगाई (Inflation)

महंगाई वो 'साइलेंट किलर' है जो चुपके से आपके पैसे की ताकत को कम करती जाती है. भारत में लंबी अवधि में महंगाई की औसत दर 6% के आसपास रही है.

अगर हम 6% की औसत महंगाई दर मानकर चलें, तो:

30 साल बाद के ₹1 करोड़ की आज की कीमत सिर्फ ₹17.41 लाख होगी.

इसका मतलब है, जो लाइफस्टाइल आप आज 17-18 लाख रुपए में जी सकते हैं, 30 साल बाद उसी के लिए आपको 1 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ेंगे.

तो, अगर आप चाहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद आपकी खरीदने की क्षमता आज के 1 करोड़ रुपए के बराबर हो, तो आपको 30 साल बाद लगभग ₹5.74 करोड़ का फंड बनाना होगा!

दूसरा दुश्मन: सेहत का बढ़ता खर्च

रिटायरमेंट के बाद हमारी आमइदनी तो बंद हो जाती है, लेकिन एक खर्च है जो उम्र के साथ बढ़ता ही जाता है - मेडिकल का खर्च. भारत में मेडिकल महंगाई दर 14-15% के आसपास है, जो सामान्य महंगाई से दोगुनी से भी ज्यादा है. एक छोटी सी बीमारी या सर्जरी भी आपकी जिंदगी भर की बचत को कुछ ही दिनों में खत्म कर सकती है.

कैसे बनाएं रिटायरमेंट को 'फ्यूचर प्रूफ’

1. अपने लक्ष्य को 'अपग्रेड' करें, महंगाई को शामिल करें

सबसे पहला काम है अपने 1 करोड़ के लक्ष्य को भूल जाना.ऑनलाइन 'इन्फ्लेशन कैलकुलेटर' का इस्तेमाल करें और ये समझें कि आज के खर्चों के हिसाब से आपको 20, 30 या 40 साल बाद कितने पैसों की जरूरत पड़ेगी. 1 करोड़ का नहीं, बल्कि Inflation-Adjusted लक्ष्य बनाएं, जो शायद 3, 4, या 5 करोड़ रुपए हो.

2. लंबी अवधि के लिए निवेश शुरू करें

रिटायरमेंट के लिए सिर्फ सेविंग अकाउंट या FD पर भरोसा करना गलत है. आपको ऐसे एसेट्स चुनने होंगे जो महंगाई से तेज रिटर्न दे सकें.

  • इक्विटी म्यूचुअल फंड्स: लंबी अवधि (15-20 साल) में 12-14% का एवरेज रिटर्न दे सकते हैं.
  • NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम): टैक्स बेनिफिट्स और मार्केट-लिंक्ड रिटर्न दोनों देता है.
  • SIP (Systematic Investment Plan): हर महीने छोटी राशि लगाकर बड़ा कॉर्पस बना सकते हैं.

3. स्टेप-अप SIP' को बनाएं अपना सबसे बड़ा हथियार

इतने बड़े लक्ष्य को देखकर डरना स्वाभाविक है. लेकिन इसका समाधान भी बहुत आसान है. आपको हर साल अपनी SIP की रकम को अपनी सैलरी बढ़ोतरी के साथ-साथ बढ़ाते जाना है.

कैसे काम करता है

मान लीजिए आप 10,000 रुपए महीने की SIP से शुरू करते हैं, 'स्टेप-अप SIP' में आप हर साल अपनी SIP की रकम को 10% बढ़ा देते हैं (पहले साल 10,000, दूसरे साल 11,000, तीसरे साल 12,100, और इसी तरह). हर साल 10% रकम को बढ़ाते रहें. इससे आप तेजी से अपने लक्ष्‍य पर पहुंचेंगे.

4. हेल्थ इंश्योरेंस और मेडिकल प्लानिंग करें

आपका 5 करोड़ का रिटायरमेंट फंड भी बेकार हो जाएगा अगर वो किसी एक बड़ी बीमारी के इलाज में खत्म हो जाए. इसलिए रिटायरमेंट फंड के साथ हेल्थ इंश्योरेंस और मेडिकल प्लानिंग करें.

  • इसके लिए फैमिली फ्लोटर पॉलिसी लें.
  • क्रिटिकल इलनेस कवर अलग से जोड़ें.
  • 60 की उम्र से पहले हेल्थ पॉलिसी रिन्यू करा लें ताकि प्रीमियम कम रहे.

IRDAI डेटा के मुताबिक भारत में मेडिकल इंफ्लेशन 10-12% सालाना की दर से बढ़ रहा है. यानी अगर आज 5 लाख रुपये का ऑपरेशन होता है तो 30 साल बाद वही सर्जरी 80-90 लाख रुपये तक हो सकती है.

5. पैसिव इनकम सोर्स बनाएं

सिर्फ सेविंग्स और पेंशन पर निर्भर रहना रिस्की है. आपको ऐसे पैसिव इनकम सोर्स बनाने होंगे जो रिटायरमेंट के बाद भी चलते रहें.

  • रेंटल इनकम: प्रॉपर्टी खरीदकर रेंट से इनकम.
  • डिविडेंड इनकम: शेयर या म्यूचुअल फंड्स से डिविडेंड.
  • डिजिटल एसेट्स: ब्लॉगिंग, कोर्स या किताब जैसी इनकम जो लगातार कैश फ्लो दे.

अगर आपके पास रिटायरमेंट तक 20,000 रुपए की फिक्स पैसिव इनकम है तो सालाना करीब 2.4 लाख रुपये अतिरिक्त मिलेंगे. रिटायरमेंट पीरियड में ये करीब 50 लाख रुपए या इससे भी ज्‍यादा का फर्क पैदा कर सकते हैं.

किन गलतियों से बचना चाहिए?

  • सिर्फ FD या PPF पर भरोसा करना.
  • रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू करने में देरी करना.
  • हेल्थ इंश्योरेंस न लेना.
  • पैसिव इनकम सोर्स न बनाना.

FAQs

Q1: क्या 1 करोड़ रिटायरमेंट के लिए काफी है?

नहीं. महंगाई को ध्यान में रखें तो 30 साल बाद 1 करोड़ की वैल्यू काफी घट जाएगी.

Q2: रिटायरमेंट के लिए कितनी रकम चाहिए?

ये आपकी लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है. लेकिन सामान्य तौर पर आज की तारीख में 5-7 करोड़ का कॉर्पस रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त माना जाता है.

Q3: रिटायरमेंट प्लानिंग कब शुरू करनी चाहिए?

जितनी जल्दी हो सके. अगर आप 25-30 की उम्र में शुरू करते हैं तो छोटी-छोटी SIP भी करोड़ों का फंड बना सकती है.

Q4: हेल्थ इंश्योरेंस क्यों जरूरी है?

क्योंकि मेडिकल इंफ्लेशन बाकी महंगाई से कहीं ज्यादा है. सही हेल्थ कवर आपके कॉर्पस को सुरक्षित रखता है.

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