रिपोर्ट से पता चली बड़ी बात! सिर्फ इन 2 शहरों में हैं AI की 50% से ज्यादा Job, यहां तक कि मुंबई भी है तीसरे नंबर

बुधवार को जारी CBRE साउथ एशिया की एक नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की नौकरियों का केंद्र बेंगलुरु और दिल्ली-NCR बन चुके हैं. देश की कुल एआई नौकरियों में से 50% से अधिक हिस्सेदारी इन दो क्षेत्रों की है. रिपोर्ट के मुताबिक, एआई अब केवल कोडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कस्टमर सर्विस, ऑपरेशंस और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में भी अपनी जगह बना चुका है. एआई की इस मांग ने भारत के रियल एस्टेट यानी 'ऑफिस स्पेस' बाजार को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है.
रिपोर्ट से पता चली बड़ी बात! सिर्फ इन 2 शहरों में हैं AI की 50% से ज्यादा Job, यहां तक कि मुंबई भी है तीसरे नंबर

अगर आप एआई (AI) के क्षेत्र में करियर बनाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि भारत में इस वक्त 'एआई की राजधानी' कौन से शहर हैं. सीबीआरई (CBRE) साउथ एशिया की ताजा रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर मिलकर भारत की एआई इकोनॉमी को चला रहे हैं.

दिलचस्प बात यह है कि भारत अब दुनिया के लिए सिर्फ कोडिंग (Coding) नहीं कर रहा, बल्कि यह तय कर रहा है कि एआई को पूरी दुनिया में कैसे लागू और इस्तेमाल किया जाए. आइए, इस डिटेल्ड रिपोर्ट के हर पहलू को गहराई से समझते हैं.

शहरों का गणित: कहां कितनी नौकरियां?

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दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चला कि भारत में एआई नौकरियों का जमावड़ा कुछ ही बड़े शहरों में है:

बेंगलुरु (25.4%): देश का 'सिलिकॉन वैली' आज भी पहले नंबर पर है. हर चौथी एआई नौकरी बेंगलुरु में है.

दिल्ली-एनसीआर (24.8%): दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम का क्षेत्र बेंगलुरु को कड़ी टक्कर दे रहा है और दूसरे स्थान पर है.

मुंबई (19.2%): देश की आर्थिक राजधानी तीसरे नंबर पर अपनी धाक जमाए हुए है.

अगर हम इन तीनों शहरों को मिला दें, तो देश की 70 प्रतिशत एआई से जुड़ी नौकरियां केवल इन्हीं 3 क्षेत्रों में सिमटी हुई हैं.

एआई भर्ती को बढ़ावा देने वाले टॉप-3 क्षेत्र

रिपोर्ट के अनुसार, एआई की मांग केवल आईटी कंपनियों में ही नहीं है, बल्कि कई अन्य विभाग भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं:

इंजीनियरिंग (सॉफ्टवेयर और क्वालिटी एश्योरेंस): नए एआई टूल्स और सॉफ्टवेयर विकसित करने के लिए.

डेटा साइंस और एनालिटिक्स: डेटा को समझने और उसके आधार पर फैसले लेने के लिए.

कस्टमर सक्सेस, सर्विस और ऑपरेशंस: एआई अब फ्रंट-एंड (ग्राहकों से सीधा जुड़ाव) के कामों में भी तेजी से इस्तेमाल हो रहा है.

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ऑफिस स्पेस की बढ़ती मांग: एआई का 'रियल एस्टेट' कनेक्शन

एआई के बढ़ने का सीधा असर शहरों के बुनियादी ढांचे और ऑफिस स्पेस पर पड़ा है. जब कंपनियां एआई के लिए भर्ती कर रही हैं, तो उन्हें बड़े ऑफिसों की भी जरूरत पड़ रही है.

बेंगलुरु की बादशाहत: 2025 में ऑफिस लीजिंग (ऑफिस किराए पर लेना) में बेंगलुरु 26% हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रहा.

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC): विदेशी कंपनियां जो भारत में अपने सेंटर खोल रही हैं (जिन्हें GCC कहा जाता है), उनमें से एक-तिहाई ने बेंगलुरु को चुना है.

कुल लीजिंग: भारत में ऑफिस लीजिंग का आंकड़ा 82.6 मिलियन वर्ग फुट तक पहुँच गया है, जो एक बड़ा रिकॉर्ड है.

दिल्ली-एनसीआर: एआई का 'मल्टी-सेक्टर' केंद्र

दिल्ली-एनसीआर की खूबी यह है कि यहां केवल आईटी कंपनियां ही एआई नहीं मांग रहीं, बल्कि अन्य क्षेत्र भी सक्रिय हैं:

  • कंसल्टिंग (Consulting)
  • फिनटेक (Fintech)
  • हेल्थकेयर (Healthcare)
  • पब्लिक सेक्टर (Public Sector)

एक्सपर्ट की राय: 'सेवा प्रदाता से नवाचार केंद्र' तक का सफर

सीबीआरई के चेयरमैन अंशुमन मैगजीन का कहना है कि एआई अब केवल चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि यह भारत की आर्थिक प्रगति का मुख्य आधार बन गया है. उनके मुताबिक,"वैश्विक कंपनियां अब भारत को केवल एक सर्विस प्रोवाइडर (Service Provider) के रूप में नहीं देखतीं, बल्कि वह भारत को अपने 'इनोवेशन हब' (Innovation Hub) के रूप में देख रही हैं."

इसका मतलब है कि अब भारत में केवल काम पूरा नहीं किया जाता, बल्कि यहां नई तकनीकों का आविष्कार (Innovation) हो रहा है. यह भारत की स्थिति को वैश्विक डिजिटल वैल्यू चेन में बहुत ऊपर ले जाएगा.

Conclusion

यह रिपोर्ट दिखाती है कि एआई क्रांति भारत के शहरी परिदृश्य और रोजगार के ढांचे को बदल रही है. बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर ने खुद को इस नई तकनीक के लिए तैयार कर लिया है. युवाओं के लिए संदेश साफ है- तकनीकी कौशल के साथ-साथ डोमेन विशेषज्ञता (जैसे फिनटेक या हेल्थकेयर में एआई का उपयोग) भविष्य की नौकरियों की चाबी है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. भारत के किस शहर में सबसे ज्यादा एआई नौकरियां हैं?

बेंगलुरु में सबसे अधिक 25.4 प्रतिशत एआई नौकरियां हैं.

2. दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु मिलकर कितनी एआई नौकरियों को संभालते हैं?

ये दोनों शहर मिलकर देश की कुल एआई नौकरियों का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रखते हैं.

3. एआई नौकरियां किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा निकल रही हैं?

टॉप तीन क्षेत्र इंजीनियरिंग (सॉफ्टवेयर), डेटा साइंस/एनालिटिक्स और कस्टमर सर्विस हैं.

4. ऑफिस लीजिंग में कौन सा शहर टॉप पर रहा?

बेंगलुरु 26 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ ऑफिस लीजिंग में सबसे आगे रहा.

5. एआई का भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?

एआई भारत को केवल एक सेवा प्रदाता से बदलकर एक 'वैश्विक नवाचार केंद्र' (Global Innovation Hub) बना रहा है.

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