योगी कैबिनेट की अहम बैठक आज: नई एक्सपोर्ट पॉलिसी से लेकर आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए बड़े फैसलों पर लगेगी मुहर

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज सुबह 11 बजे कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. इस बैठक के एजेंडे में कई बड़े और दूरगामी असर वाले प्रस्ताव शामिल हैं. सबसे बड़ा फैसला नई निर्यात नीति (New Export Policy) को लेकर हो सकता है, जिसे अमेरिकी टैरिफ वॉर को देखते हुए निर्यातकों को खास रियायतें देने के लिए लाया जा रहा है.
योगी कैबिनेट की अहम बैठक आज: नई एक्सपोर्ट पॉलिसी से लेकर आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए बड़े फैसलों पर लगेगी मुहर

उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज सुबह 11 बजे लोकभवन में कैबिनेट की एक अहम बैठक होगी. इस बैठक में प्रदेश के निर्यातकों, कर्मचारियों, निवेशकों और आम नागरिकों से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है. माना जा रहा है कि बैठक में नई निर्यात नीति से लेकर आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए निगम बनाने तक, कई ऐतिहासिक फैसले लिए जा सकते हैं.

टैरिफ वॉर का जवाब: निर्यातकों के लिए आएगी नई पॉलिसी

मौजूदा वैश्विक व्यापारिक तनाव, खासकर अमेरिका के साथ चल रहे टैरिफ वॉर को देखते हुए, आज की बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा 'नई निर्यात नीति' (New Export Policy) को मंजूरी देना हो सकता है.

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5 साल का प्लान: ये नई निर्यात नीति अगले 5 सालों, यानी वर्ष 2030 तक के लिए होगी.

निर्यातकों को राहत

सूत्रों के मुताबिक, इस पॉलिसी में प्रदेश के निर्यातकों और कारोबारियों के लिए खास रियायतों का प्रावधान किया जा सकता है, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में वे टिके रह सकें और टैरिफ वॉर के असर को कम किया जा सके.

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मिलेगा 'सुरक्षा कवच'

प्रदेश के लाखों आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए आज की बैठक बड़ी खुशखबरी ला सकती है.

निगम का गठन: बैठक में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और उन्हें शोषण से बचाने के लिए 'उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम' के गठन का प्रस्ताव भी मंजूर हो सकता है. इस निगम का मकसद ये सुनिश्चित करना होगा कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को समय पर वेतन मिले, उनका EPF कटे और उन्हें वो सभी लाभ मिलें जिनके वो हकदार हैं.

कानपुर-लखनऊ को मिलेंगी ई-बसें

शहरी परिवहन को बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए भी एक बड़ा फैसला लिया जा सकता है. कैबिनेट की बैठक में कानपुर और लखनऊ, दोनों शहरों के लिए 100-100 नई ई-बसें खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है. इससे इन दोनों बड़े शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा और बेहतर होगी.

निवेश और इलेक्ट्रॉनिक्स को मिलेगी नई रफ्तार

प्रदेश में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए भी कुछ अहम प्रस्ताव एजेंडे में शामिल हैं. 'उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022' के तहत विभिन्न कंपनियों को 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' जारी करने संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी मिल सकती है. ये एक तरह का आश्वासन पत्र होता है, जिससे कंपनियों का सरकार पर भरोसा बढ़ता है.

इसके साथ ही, आईटी विभाग के तहत 'उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025' को भी मंजूर किया जा सकता है, जिसका मकसद प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाना है.

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