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India-Pakistan War Tension: भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध अभी भी चल रहा है. 6 मई की आधी रात को पाकिस्तान में आंतकी ठिकानों पर कई हवाई हमने हुए. ऐसे में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ता जा रहा है. युद्ध की स्थिति में अभी कोई सुधार नहीं है, जिस बीच देश भर में Mock Drill कराया जा रहा है. देश के कई एरियाज में ब्लैकआउट रहेगा, तो वहीं मॉक ड्रिल के दौरान Air Raid Siren भी बजाया जाएगा. लेकिन ये एयर रेड सायरन है क्या? ये सवाल कई लोगों के मन में गूंज रहा होगा. क्या एयर रेड सायरन का अलर्ट का मोबाइल पर मिलेगा? चलिए जानते हैं कौन-सी है टेक्नोलॉजी?.
एयर रेड सायरन को हवाई हमला सायरन कहा जाता है. जब भी युद्ध के दौरान हवाई हमला होता या कोई मिसाइल अटैक जैसा खतरा नजदीक आता है तो उसी दौरान Air Raid Siren बजाया जाता है. वहीं अगर नेचुरअल डिसासटर जैसी कोई सिचुएशन आती है उस केस में भी सायरन बजाया जाता है. ये सायरन आमतौर पर 60 सेकेंड के लिए ही बजाया जाता है.
सायरन बजाने के पीछे का उद्देश्य केवल लोगों को अलर्ट करना होता है. अलर्ट सुनने के बाद लोगों को सुरक्षित जगहों पर चले जाना चाहिए.
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मॉक ड्रिल जब होती है तो किस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है? ये फिलहाल तय नहीं है. बाकि देश इस दौरान एयर, इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिसिटी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं सायरन बजाने के लिए. क्या-क्या इस्तेमाल होता है जानते हैं.
आपदा के दौरान लोगों को मोबाइल पर अलर्ट जरूर मिलेगा. बता दें, कुछ साल पहले ही भारतीय दूरसंचार विभाग ने एक इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम टेस्ट किया है, जिससे की लोगों को समय रहते अलर्ट मिलता रहे. इस टेस्ट के दौरान कई सारे लोगों को उनके फोन्स पर एक इमरजेंसी टेस्ट फ्लैश ‘Emergency Alert: Severe’के तौर पर अलर्ट भेजा गया था. जैसे ही मैसेज रिसीव होता है, वो अलर्ट 10 सेकेंड के लिए लाउड बीप साउंड के रूप में सुनने को मिलता है. फिलहाल सरकार की तरफ से कोई भी इमरजेंसी अलर्ट आने की अनाउंसमेंट नहीं की गई है.