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पश्चिम एशिया में तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद है. इसके कारण समुद्री व्यापार और ग्लोबल सप्लाई चेन बुरी तरह से डगमगाई है. अब कस्टम डिपार्टमेंट ने स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) एक्सपोर्टर्स को फौरी राहत देते हुए कुछ नियमों में ढील दी है, इनमें- रूट में बदलाव, शिपिंग बिल रद्द करने की सुविधा, गेटवे पोर्ट पर कस्टम्स बॉन्डेड वेयरहाउस में डी-स्टफिंग और स्टोरेज की अनुमति शामिल है. यह छूट 30 अप्रैल 2026 तक लागू होगी.
कस्टम्स विभाग के नए नियमों के तहत, SEZ से निकले एक्सपोर्ट माल को अब गेटवे पोर्ट से ही आसान से वापस लेने या किसी री-रूट से भेजने की इजाजत दी है.
नए नियमों के मुताबिक यदि एक्सपोर्टर अपने माल को किसी दूसरे देश या नए खरीदार को भेजना चाहता है, तो वह नया शिपिंग बिल देकर वहीं से माल को री-रूट कर सकता है.
बचेगा वक्त और ट्रांसपोर्टेशन का खर्च
होर्मुज स्ट्रेट एक बहुत महत्वपूर्ण रणनीतिक समुद्री मार्ग है. दुनिया का तेल लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है. ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले संदेश में कहा था कि ईरान इस स्ट्रेट पर अपना प्रभाव बनाए रखेगा. भारतीय नौसेना ने पहले ही अपनी तैनाती को ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ा दिया है. सरकारी अधिकारियों के अनुसार, एस्कॉर्ट ऑपरेशन लगातार जारी रहे, इसके लिए उस इलाके में पर्याप्त वॉरशिप और लॉजिस्टिक सपोर्ट तैनात किया गया है.