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दुनिया की नजरें इस वक्त पश्चिम एशिया (West Asia) के अशांत हालात पर टिकी हैं. 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) की बंदी ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई चेन को हिला कर रख दिया है. लेकिन, भारत ने इस संकट के बीच अपनी मुस्तैदी से यह साबित कर दिया है कि वह किसी भी स्थिति के लिए तैयार है.
पीएम मोदी की वरिष्ठ मंत्रियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक हुई. इसमें पीएम मोदी की अध्यक्षता में पश्चिम एशिया हालात की समीक्षा की गई. बैठक में पेट्रोलियम, क्रूड ऑयल, पावर और उर्वरक क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा हुई. बैठक का एजेंडा देशभर में बिना रुकावट आपूर्ति सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं-उद्योगों के हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना था.
22 मार्च 2026 को पीआईबी की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों और सरकारी फैसलों ने देश को बड़ी राहत दी है. रसोई गैस की किल्लत से लेकर विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा तक, सरकार ने हर मोर्चे पर 'किलेबंदी' कर दी है. आइए, इस पूरी स्थिति को अलग-अलग एंगल और सरकारी मास्टरप्लान के जरिए समझते हैं.
जब होर्मुज का रास्ता बंद हुआ, तो सबसे बड़ा डर कच्चे तेल (Crude) और एलपीजी की कमी का था. लेकिन भारत सरकार ने अपनी रिफाइनरियों और तेल कंपनियों (OMCs) को युद्ध स्तर पर सक्रिय कर दिया है.
हाई-कैपेसिटी ऑपरेशन: भारत की सभी रिफाइनरियां इस वक्त अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. कच्चे तेल का भंडार (Inventory) पर्याप्त मात्रा में रखा गया है, ताकि सप्लाई चेन न टूटे.
पेट्रोल-डीजल का स्टॉक: सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक है. किसी भी रिटेल आउटलेट (RO) पर तेल खत्म होने यानी 'ड्राई-आउट' की कोई खबर नहीं है.
एलपीजी को लेकर पिछले दिनों जो घबराहट देखी गई थी, उसे सरकार ने अपनी रणनीतियों से काफी हद तक काबू कर लिया है.
घरेलू एलपीजी: अब डिलीवरी सामान्य हो गई है. पैनिक बुकिंग, जिसने सिस्टम पर दबाव बढ़ा दिया था, अब कम हो गई है. सिलेंडर की डिलीवरी अब 'DAC' (कोड) के जरिए सुरक्षित रूप से की जा रही है.
बुकिंग इंटरवल में बदलाव: सरकार ने राशनिंग के तहत बुकिंग के दिनों का अंतर बढ़ा दिया है. अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के बाद ही अगला सिलेंडर बुक किया जा सकेगा.
व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों को चालू रखने के लिए सरकार ने कमर्शियल एलपीजी (Commercial LPG) के आवंटन में बड़ा बदलाव किया है.
50% कुल आवंटन: पहले केवल 20% सप्लाई दी जा रही थी, जिसे अब बढ़ाकर 50% कर दिया गया है.
किसे मिलेगी प्राथमिकता: इस 50% कोटे में से भी सबसे पहला हक अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों का होगा. इसके बाद रेस्तरां, ढाबों, होटल, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, डेयरी और कम्युनिटी किचन को गैस दी जाएगी.
FTL सिलेंडर: प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले 'फ्री टू लेवल' (FTL) सिलेंडरों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है.
सरकार का सबसे बड़ा दांव अब पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पर है. सरकार चाहती है कि लोग और व्यापारिक संस्थान गैस सिलेंडर के बजाय पाइप वाली गैस पर शिफ्ट हों.
100% सप्लाई: घरेलू पीएनजी (D-PNG) और सीएनजी (CNG) ट्रांसपोर्ट को 100% सप्लाई दी जा रही है.
विशेष छूट (Incentives): IGL, MGL और GAIL जैसी कंपनियां नए कनेक्शन लेने वालों को लुभावने ऑफर्स दे रही हैं.
PESO का 10 दिन वाला नियम: पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) को निर्देश दिया गया है कि वे पीएनजी से जुड़े सभी आवेदनों को मात्र 10 दिनों में क्लियर करें.
सरकारी कॉलोनियां: केंद्र सरकार की सभी कॉलोनियों, दफ्तरों और कैंटीनों को अनिवार्य रूप से पीएनजी पर शिफ्ट होने की सलाह दी गई है.
ईंधन की कमी का फायदा उठाकर कुछ लोग 'ब्लैक मार्केटिंग' करने की कोशिश कर रहे हैं. सरकार ने इनके खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई है.
छापेमारी: बिहार, हरियाणा, कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में 3,500 से अधिक छापेमारी की गई है. 1,200 से अधिक सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं.
कंट्रोल रूम: 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कंट्रोल रूम स्थापित कर लिए हैं. जिला स्तरीय निगरानी समितियां (District Monitoring Committees) रोजाना की सप्लाई पर नजर रख रही हैं.
कठोर कार्रवाई: आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत जमाखोरों पर सख्त एक्शन लिया जा रहा है.
सरकार ने साफ किया है कि केवल गैस पर निर्भर न रहें.
वैकल्पिक ऊर्जा: लोगों को इलेक्ट्रिक इंडक्शन और सोलर कुकटॉप इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है.
कोयले का उपयोग: पर्यावरण मंत्रालय ने उद्योगों को अस्थाई रूप से कोयले और केरोसिन के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है, ताकि एलपीजी की मांग कम हो सके.
पश्चिम एशिया में फंसे हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) 24x7 कंट्रोल रूम चला रहा है.
उड़ानों का सिलसिला: यूएई से आज करीब 90 उड़ानें चल रही हैं. सऊदी अरब और ओमान से भी कनेक्टिविटी बनी हुई है.
वैकल्पिक रूट: चूंकि कुवैत, बहरीन और इराक का हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद है, इसलिए भारतीयों को पहले सड़क मार्ग से सऊदी अरब लाया जा रहा है और फिर वहां से विमानों के जरिए भारत भेजा जा रहा है.
दुखद खबर: इस संकट में अब तक 6 भारतीयों ने जान गंवाई है और 1 लापता है. सरकार उनके पार्थिव शरीर वापस लाने के लिए स्थानीय सरकारों के संपर्क में है.
भारत के व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए नौसेना और डीजी शिपिंग निरंतर निगरानी कर रहे हैं.
सुरक्षित नाविक: अब तक 547 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है. फारस की खाड़ी में अभी भी 22 भारतीय जहाज और 611 नाविक मौजूद हैं, जिनसे लगातार संपर्क रखा जा रहा है.
पोर्ट ऑपरेशंस: देश के सभी बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य है. कहीं भी माल रुकने (Congestion) की समस्या नहीं है.
हालांकि, स्थिति चुनौतीपूर्ण है, लेकिन भारत सरकार का यह 'प्रो-एक्टिव' रवैया देश को बड़े संकट से बचा रहा है. चाहे वह एलपीजी की राशनिंग हो, पीएनजी का विस्तार हो या 3.5 लाख भारतीयों की सुरक्षित वापसी- हर कदम नपा-तुला है. सरकार की सलाह साफ है: घबराएं नहीं, अफवाहों पर ध्यान न दें और संसाधनों का समझदारी से उपयोग करें.
1- क्या एलपीजी की होम डिलीवरी बंद हो गई है?
नहीं, डिलीवरी पूरी तरह सामान्य है. सरकार ने पैनिक बुकिंग रोकने के लिए केवल बुकिंग का समय अंतराल बढ़ाया है.
2- कमर्शियल गैस का कोटा 50% करने से आम आदमी को क्या फायदा?
इससे आपके बच्चों के स्कूलों और पास के अस्पतालों में रसोई व्यवस्था सुचारू रहेगी. साथ ही, ढाबों और होटलों में भी खाने की किल्लत नहीं होगी.
3- कुवैत और बहरीन में फंसे भारतीय कैसे वापस आ रहे हैं?
वहां का एयरस्पेस बंद होने के कारण, भारतीयों को सऊदी अरब के रास्ते भारत लाया जा रहा है.
4- क्या इस संकट के दौरान पीएनजी कनेक्शन लेना आसान है?
जी हां, सरकार ने आदेश दिया है कि नए पीएनजी कनेक्शन के आवेदन 10 दिन के भीतर क्लियर किए जाएं.
5- पैनिक बुकिंग क्या होती है?
डर की वजह से जरूरत न होने पर भी एडवांस में सिलेंडर बुक करना पैनिक बुकिंग है. इससे सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ता है और जरूरतमंदों को गैस नहीं मिल पाती.
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