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दुनिया भर में तेजी से पिछल रहे ग्लेशियर, वैज्ञानिकों की बढ़ी चिंता (फाइल फोटो)
दुनिया भर में बढ़ता तापमान मौसम (weather) वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. अर्जेंटीना के एक रिसर्च बेस ने अंटार्कटिका (Antarctica) महाद्वीप में 18.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया है. गुरुवार को दर्ज किया गया ये तापमान अब तक का रिकॉर्ड है. इससे पहले मार्च मार्च 2015 में यह 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था. ये तापमान उत्तर अंटार्कटिक प्रायद्वीप पर दर्ज किया गया. ये दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला क्षेत्र है.
पिछले 12 सालों में तेजी से पिघले ग्लेशियर
संयुक्त राष्ट्र विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने इस बात की पुष्टि की है कि अंटार्कटिका महाद्वीप का तापमान पिछले 50 साल में 03 डिग्री बढ़ा है. संगठन ने भी ये भी बताया है कि इस दौरान पश्चिमी तट पर लगभग 87 फीसदी हिस्से पर ग्लेशियर पिघल कर पीछे हट रहे हैं. पिछले 12 वर्षों में सबसे तेजी से ग्लेशियर पिघले हैं.
भारत में भी ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं. हाल ही में हुए एक अध्ययन में पता लगा है कि गंगोत्री का सहायक ग्लेशियर चतुरंगी तेजी से पिघल रहा है. गंगोत्री गंगा के जल का मुख्य स्रोत है, जिसके सहायक ग्लेशियरों के पिघलने का असर गंगा नदी के प्रवाह पर पड़ सकता है. इस अध्ययन में शामिल लोगों के मुताबिक लगभग 27 वर्षों में चतुरंगी ग्लेशियर की सीमा करीब 1172 मीटर से अधिक सिकुड़ गई है. इस कारण चतुरंगी ग्लेशियर के कुल क्षेत्र में 0.626 वर्ग किलोमीटर की कमी आई है और 0.139 घन किलोमीटर बर्फ कम हो गई है.
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उपग्रह से ली जा रही मदद
अल्मोड़ा के जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान और बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन में वर्ष 1989 से 2016 तक के उपग्रह से प्राप्त आंकड़ों और काइनेमैटिक जीपीएस (एक उपग्रह नेविगेशन तकनीक) का उपयोग किया गया है.