&format=webp&quality=medium)
वाइब्रेंट गुजरात में विश्व के जाने-माने फंड समूह के प्रमुखों से पीएम मोदी खुद मुलाकात करेंगे.
गांधीनगर में 18 जनवरी से वाइब्रेंट गुजरात समिट का आगाज हो रहा है. इस सम्मेलन में बिजनेस की दुनिया के दिग्गज एक मंच पर इकट्ठा होंगे और यह सम्मेलन तीन दिन तक चलेगा. इस सम्मेलन में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रिजर्व बैंक के गवर्नर दुनिया के दिग्गज निवेशकों से मुलाकात करेंगे. इस समिट का उद्देश्य विदेशी निवेशकों को भारत में निवेश के लिए आकर्षित करना है.
वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री कुछ वैश्विक संप्रभु संपत्ति कोषों, पेंशन कोषों के प्रमुखों और संस्थागत निवेशकों के साथ गोलमेज वार्ता करेंगे.
ग्लोबल वेल्थ फंड के प्रमुख करेंगे शिरकत
वाइब्रेंट गुजरात में विश्व के जाने-माने फंड समूह भी शिरकत करेंगे. इनमें एशियन डेवलपमेंट बैंक, अबू धाबी इंवेस्टमेंट अथॉरिटी, ब्रिटिश कोलंबिया इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट कॉरपोरेशन, कनाडा पेंशन प्लान कॉर्पोरेशन, गवर्नमेंट पेंशन फंड जापान, अमेरिका का वेंगार्ड फंड, कनाडा का ओमर्स फंड और स्विट्जरलैंड का ज्यूरिख एयरपोर्ट ग्रुप समेत 27 फंड हाउस शामिल हैं.
ये दुनिया के ऐसे दिग्गज फंड हाउस हैं जो बढ़ते हुए देश में निवेश करके कमाई करते हैं. कोई भी देश तरक्की तो करना चाहता है लेकिन अगर आर्थिक सहयोग न मिले तो विकास मुमकिन नहीं होता.
भारत अभी 7.5 फीसदी की जीडीपी ग्रोथ के साथ आगे बढ़ रहा है. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर भारत पर टिकी हुई हैं. और वाइब्रेंट समिट में देश-विदेश के कई कंपनियों को निवेश के लिए प्लेटफार्म मुहैया करवाया जाएगा. इसका सीधा फायदा भारत जैसी उभरती हुई अर्थव्यवस्था को होगा.
प्रधानमंत्री करेंगे वन टू वन मीटिंग
वाइब्रेंट गुजरात समिट में दुनिया के 27 बड़े फंड हाउस आ रहे हैं. इन फंड हाउस के प्रमुखों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मुलाकात करेंगे. यह मुलाकात 18 जनवरी को गांधीनगर के महात्मा मंदिर में संपन्न होगी.
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भारत के उभरते हुए अलग-अलग क्षेत्रों के बारे में निवेशकों को बताया जाएगा और निवेश के लिए आग्रह किया जाएगा.
स्वाभाविक है कि भारत में बुलेट ट्रेन जैसे एक प्रोजेक्ट में अगर एक लाख करोड़ का निवेश होता है तो निवेश करने वाले देश के लिए भी आगे जाकर यह फायदे का सौदा साबित होगा. इसलिए इस तरह के ग्लोबल फंड हमेशा एक सुरक्षित और मजबूत प्लेटफार्म की तलाश में रहते हैं.