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राजस्थान के बाड़मेर में स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आई है. 20 अप्रैल 2026 को रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में जो आग लगने की घटना हुई थी, उसके बाद अब सुधार कार्य और भविष्य की योजना को लेकर स्थिति साफ हो गई है.
अच्छी खबर यह है कि इस घटना का रिफाइनरी के बड़े प्रोजेक्ट पर कोई बहुत बड़ा असर नहीं पड़ा है और मई के महीने में ही यहां से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है. बाड़मेर (राजस्थान) में बन रही यह रिफाइनरी देश के सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में से एक है. 20 अप्रैल को यहां की एक मुख्य यूनिट (CDU) में आग लगने से थोड़ी चिंता जरूर बढ़ी थी, लेकिन कंपनी ने अब पूरी स्थिति साफ कर दी है.
जांच के बाद यह पुष्टि हुई है कि आग बहुत बड़े इलाके में नहीं फैली थी. यह केवल 'हीट एक्सचेंजर स्टैक' तक ही सीमित रही. इस हादसे में कुल 6 एक्सचेंजर्स और उनसे जुड़े कुछ छोटे उपकरणों को नुकसान पहुंचा है.
शुरुआती सबूतों और परिस्थितियों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर लगे एक प्रेशर गेज (दबाव मापने वाला यंत्र) के टैपिंग पॉइंट से रिसाव (Leakage) हुआ था, जिसकी वजह से यह आग लगी.
कंपनी अब पूरी ताकत के साथ रिफाइनरी को दोबारा पटरी पर लाने में जुट गई है. यहां भविष्य का पूरा प्लान दिया गया है:
मरम्मत कार्य (Restoration): मरम्मत का काम अभी चल रहा है और उम्मीद है कि अगले 3 से 4 हफ्तों में यानी मई के मध्य तक इसे पूरा कर लिया जाएगा.
यूनिट का रीस्टार्ट: क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) को मई 2026 के दूसरे पखवाड़े (15 मई के बाद) में दोबारा शुरू करने की योजना है.
ट्रायल प्रोडक्शन: कंपनी को भरोसा है कि मई 2026 के अंत तक मुख्य उत्पादों जैसे एलपीजी (LPG), पेट्रोल (MS), डीजल (HSD) और नैफ्था का ट्रायल (परीक्षणात्मक) उत्पादन शुरू हो जाएगा.
अन्य इकाइयां: रिफाइनरी की अन्य सहायक इकाइयां (Secondary Units) पहले से ही शुरू होने (Commissioning) के अंतिम चरण में हैं और उन पर आग का कोई असर नहीं पड़ा है.
एचपीसीएल (HPCL) ने साफ किया है कि उनकी पहली प्राथमिकता सुरक्षा है. रिफाइनरी में आपातकालीन रिस्पॉन्स सिस्टम मजबूत है और उद्योग के उच्चतम मानकों का पालन किया जा रहा है. हालांकि इस आग की वजह से कुछ दिनों की देरी हुई है, लेकिन मई 2026 का महीना राजस्थान रिफाइनरी के लिए ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि यहाँ से पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन शुरू होने की पूरी संभावना है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 CDU (क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट) क्या होती है?
यह रिफाइनरी की सबसे पहली और मुख्य यूनिट होती है जहां कच्चे तेल (Crude Oil) को अलग-अलग तापमान पर उबालकर पेट्रोल, डीजल और गैस में बदला जाता है.
Q2 क्या ट्रायल प्रोडक्शन का मतलब है कि तुरंत बिक्री शुरू हो जाएगी?
ट्रायल प्रोडक्शन का मतलब है कि मशीनों की जांच के लिए उत्पादन शुरू करना. एक बार क्वालिटी और सेफ्टी चेक पूरा होने के बाद ही कमर्शियल बिक्री शुरू होती है.
Q3 HRRL में किन दो कंपनियों की हिस्सेदारी है?
यह एचपीसीएल (HPCL) और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उद्यम (Joint Venture) है.
Q4 क्या आग लगने के बाद बाकी रिफाइनरी में काम बंद है?
नहीं, अन्य सहायक इकाइयों में कमीशनिंग (शुरू करने की प्रक्रिया) का काम योजना के अनुसार जारी है.
Q5 नैफ्था (Naphtha) क्या होता है?
यह कच्चे तेल से निकलने वाला एक तरल उत्पाद है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से पेट्रोकेमिकल उद्योग में प्लास्टिक और अन्य रसायन बनाने के लिए किया जाता है.