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7 अप्रैल- वर्ल्ड हेल्थ डे.. Zee Media के इस मौके पर चला रहा है खास कैंपेन #FitIndiaHitIndia. क्योंकि फिट रहेगा इंडिया तभी तो हिट रहेगा इंडिया. यही वजह है कि आपको इस मौके पर एक शपथ लेनी चाहिए, कि सेहत से जुड़ी जो भी जरूरी जानकारी हो वो आपके पास हो, ताकि जरूरत पड़ने पर आप रहें Stay Informed.
अक्सर कहा जाता है कि 'जान है तो जहान है', लेकिन आज के दौर में इलाज इतना महंगा हो गया है कि एक मध्यमवर्गीय परिवार की बरसों की जमा-पूंजी एक गंभीर बीमारी में खत्म हो जाती है. क्या आप जानते हैं कि भारत सरकार ने ऐसी कई योजनाएं बनाई हैं, जिनसे आपको ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज, सस्ती दवाएं और सरकारी-निजी अस्पतालों में कैशलेस सुविधा मिल सकती है?
आज हम आपकी सेहत से जुड़ी हर उस सरकारी योजना के बारे में जानेंगे, जिसके बारे में आपको पता होना चाहिए. चलिए, एक-एक करके इन सबके बारे में आपको बताते हैं. आप भी हमारे खास कैंपेन से जुड़िए और रखें खुद अलर्ट और फिट. सोशल हैंडल्स पर जाएं और यूज करें #FitIndiaHitIndia.
आसान भाषा में कहें तो सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाएं (What Are Government-Funded Health Insurance Schemes?) वह होती हैं, जहां प्रीमियम (किस्त) का भुगतान सरकार करती है. ऐसा इसलिए किया जाता है, ताकि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को अस्पताल के भारी-भरकम बिलों से बचाया जा सके.
भारत में कई सरकारी हेल्थ स्कीम हैं.
1- आयुष्मान भारत प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना: इसके तहत हर परिवार को 5 लाख रुपये तक का कवर मिलता है. यह गरीब और कमजोर वर्ग के लिए है. इससे आपको सरकारी और कई प्राइवेट अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकता है.
2- एंप्लॉईज़ स्टेट इंश्योरेंस स्कीम: यह नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए होती है. इसमें सैलरी से छोटा सा योगदान जाता है और साथ ही सरकार या कंपनी का हिस्सा भी जाता है. इसके तहत मेडिकल, मैटरनिटी और डिसएबिलिटी बेनेफिट्स मिलते हैं.
3- केंद्र सरकार की हेल्थ स्कीम: केंद्र सरकार की तरफ से Central Government Health Scheme (CGHS) चलाई जाती है, जिसके तहत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को OPD, दवाइयां और अस्पताल की सुविधाएं दी जाती हैं.
4- जन औषधि केंद्र: इसके जरिए लोगों को बेहद सस्ते दामों पर दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं.
प्रीमियम मुक्त: अधिकांश सरकारी योजनाओं में आम जनता को कोई पैसा नहीं देना पड़ता.
नेटवर्क अस्पताल: सरकार निजी और सरकारी दोनों तरह के अस्पतालों को अपने साथ जोड़ती है (Panel).
कैशलेस सुविधा: आपको अस्पताल में जाकर जेब से पैसे नहीं देने होते, अस्पताल सीधे सरकार या बीमा कंपनी से पैसे लेता है.
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) भारत सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना है. यह देश के निचले 40% आर्थिक वर्ग को कवर करती है.
किसे मिलता है फायदा?
यह योजना मुख्य रूप से 2011 की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC 2011) के आंकड़ों पर आधारित है.
ग्रामीण क्षेत्र: कच्चे मकान में रहने वाले, भूमिहीन मजदूर, अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवार.
शहरी क्षेत्र: कूड़ा उठाने वाले, भिखारी, घरेलू कामगार, रेहड़ी-पटरी वाले, मोची, प्लंबर, राजमिस्त्री आदि.
नया नियम: अब 70 साल से अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी इस योजना के दायरे में लाया जा रहा है (भले ही उनकी उम्र कुछ भी हो).
₹5 लाख का मुफ्त इलाज: इसका गणित क्या है?
आयुष्मान कार्ड ऑनलाइन कैसे बनाएं?
अगर आप पात्र हैं, तो आपके पास आयुष्मान कार्ड होना जरूरी है. इसे बनवाने के लिए आपको स्टेप-बाई-स्टेप पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा.
जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, राशन कार्ड और सक्रिय मोबाइल नंबर.
कौन से इलाज और सर्जरी कवर होती हैं?
PM-JAY के तहत लगभग 1900 से ज्यादा मेडिकल प्रोसीजर कवर होते हैं.
गंभीर बीमारियां: कैंसर (कीमोथेरेपी/रेडियोथेरेपी), दिल के ऑपरेशन (स्टंट डालना/बाईपास), किडनी ट्रांसप्लांट.
सर्जरी: घुटने का रिप्लेसमेंट, मोतियाबिंद का ऑपरेशन, हर्निया, अपेंडिक्स.
मैटरनिटी: प्रसव और नवजात शिशु की देखभाल.
क्या कवर नहीं है: ओपीडी (OPD) परामर्श, कॉस्मेटिक सर्जरी, ड्रग रिहैबिलिटेशन.
कैसे जांचें कि अस्पताल आयुष्मान भारत स्वीकार करता है या नहीं?
अस्पताल जाने से पहले यह चेक करना बहुत जरूरी है कि वह 'Empanelled' (पैनल में) है या नहीं.
पोर्टल: hospitals.pmjay.gov.in पर जाएं.
सर्च: अपना राज्य, जिला और किस बीमारी का इलाज चाहिए, वह चुनें.
लिस्ट: आपको उन सभी अस्पतालों की सूची मिल जाएगी जहाँ आयुष्मान कार्ड चलता है.
आरोग्य मित्र: हर पैनल वाले अस्पताल में एक 'आरोग्य मित्र' काउंटर होता है, जो आपकी पूरी प्रक्रिया में मदद करता है.
पात्रता: यह उन निजी कर्मचारियों के लिए है, जिनकी सैलरी ₹21,000 प्रति माह से कम है.
फायदा: कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) दोनों प्रीमियम का छोटा हिस्सा देते हैं. इसमें इलाज के साथ-साथ बीमारी के दौरान सैलरी (Sickness Benefit) और मैटरनिटी लीव का फायदा भी मिलता है.
अस्पताल: देश भर में फैले ईएसआई अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में इलाज होता है.
पात्रता: केंद्र सरकार के मौजूदा कर्मचारी और पेंशनभोगी.
फायदा: इसमें ओपीडी (OPD) सुविधा भी मुफ्त मिलती है. साथ ही बड़े निजी अस्पतालों (जैसे मैक्स, अपोलो) में भी सीजीएचएस दरों पर कैशलेस इलाज होता है.
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) का उद्देश्य है महंगी ब्रांडेड दवाओं के बदले सस्ती और प्रभावी 'जेनरिक' दवाएं उपलब्ध कराना.
कीमत: यहां दवाएं ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले 50% से 90% तक सस्ती मिलती हैं.
क्वालिटी: सभी दवाएं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों पर खरी उतरती हैं.
उपलब्धता: आज पूरे भारत में 10,000 से ज्यादा जन औषधि केंद्र हैं. आप 'Jan Aushadhi Sugam' ऐप से अपने पास का केंद्र और दवाओं के दाम चेक कर सकते हैं.
सलाह: यदि आप आयुष्मान भारत के लिए पात्र हैं, तो उसे जरूर रखें. लेकिन अगर आपकी आय अच्छी है और आप बेहतर रूम और प्रीमियम सर्विस चाहते हैं, तो एक छोटा निजी बीमा (Top-up) भी साथ रख सकते हैं.
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