टेलीकॉम कंपनियां बॉर्डर वाले इलाकों में दे सकेंगी सर्विसेज, सरकार ने नियमों में किया बदलाव 

Telecom service in International area: टेलीकॉम कंपनियां अब लेह, लद्दाख, जम्‍मू-कश्‍मीर, अरुणाचल जैसे बॉर्डर वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सर्विसेज दे सकेंगी. इसके लिए केंद्र सरकार ने लाइसेंस से जुड़ी शर्तों में बदलाव कर आसान बनाया है.
टेलीकॉम कंपनियां बॉर्डर वाले इलाकों में दे सकेंगी सर्विसेज, सरकार ने नियमों में किया बदलाव 

(Representational Image) 

Telecom service in International area: टेलीकॉम कंपनियां अब लेह, लद्दाख, जम्‍मू-कश्‍मीर, अरुणाचल जैसे बॉर्डर वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सर्विसेज दे सकेंगी. इसके लिए केंद्र सरकार ने लाइसेंस से जुड़ी शर्तों में बदलाव कर आसान बनाया है. एक अहम फैसले में दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSPs) को अंतरराष्‍ट्रीय सीमा के नजदीक कनेक्टिविटी उपलब्‍ध कराने की मंजूरी दे दी है.

संचार मंत्रालय के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियां अब बॉर्डर वाले इलाक़ों में सेवा दे सकेंगी. इसके लिए सरकार ने Unified Access Services License Agreement (UASL) की शर्तों में संशोधन किया है. इससे लेह, लद्दाख, जम्मू, कश्मीर, सिक्किम, अरुणाचल, राजस्थान और उत्तराखंड के बॉर्डर इलाकों समेत कई स्थानों पर अब टेलीकॉम सेवा मिलने की शुरुआत हो जाएगी. LoC, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर टेलीकॉम सेवा के लिए आर्मी की मंजूरी और उनके द्वारा रिव्यू की शर्तें हटाई गई हैं.

Add Zee Business as a Preferred Source

पहले क्‍या था नियम

इससे पहले के नियमों के मुताबिक, DoT ने यह अनिवार्य किया था कि टेलीकॉम ऑपरेटर्स को यह सुनिश्चित करना है कि बेस स्टेशन, सेल साइट या रेडियो ट्रांसमीटर बॉर्डर से उतनी ही दूर हैं, जितने रेडियो सिग्नल. अंतरराष्‍ट्रीय बॉर्डर के पास या पार करने पर वहां से निकलने वाली सिग्‍नल्‍स कमजोर पड़ जाते हैं. इसके अलावा, बेस स्‍टेशन, सेल साइट्स या रेडियो ट्रांसमीटर्स लगाने से पहले लोकल आर्मी अथॉरिटी से मंजूरी लेना अनिवार्य था.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6