तेलंगाना में बाढ़ का कहर, 1,023 किलोमीटर सड़क तबाह, 2.36 लाख एकड़ फैसल भी बर्बाद

तेलंगाना के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश और बाढ़ से सड़कें और खेती बुरी तरह से बर्बाद हो गई है. इसके बाद राज्य के सीएम रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है.
तेलंगाना में बाढ़ का कहर, 1,023 किलोमीटर सड़क तबाह, 2.36 लाख एकड़ फैसल भी बर्बाद

तेलंगाना के कुछ हिस्सों में हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ से 1,023 किलोमीटर लंबी सड़कें बर्बाद हो गईं। साथ ही 2.36 लाख एकड़ से अधिक फसल बर्बाद हो गई. अधिकारियों ने सोमवार को एक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को यह जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों, भवनों, टूटे तालाबों और जलाशयों की मरम्मत और जलमग्न विद्युत सबस्टेशन के पुनर्निर्माण में तेजी लाने के आदेश दिए.

257 नाले और तालाब क्षतिग्रस्त

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) की राशि का नियमों के अनुसार उपयोग करने में अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 257 नाले और तालाब क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से लघु सिंचाई विभाग की उपेक्षा के बारे में पूछताछ की और सुझाव दिया कि क्षतिग्रस्त जलाशयों को आरआरआर, प्रधानमंत्री कृषि संचय योजना और अन्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं से प्राप्त धनराशि का उपयोग करके बहाल किया जाना चाहिए.

2.36 लाख एकड़ फसल का नुकसान

राज्य कृषि विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य के 82 मंडलों में 2.36 लाख एकड़ में फसल का नुकसान हुआ है. अधिकारियों को समस्या की गंभीरता से केंद्र को अवगत कराने के लिए दो दिनों के अंदर पूरा विवरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया. राज्य के ग्रामीण एवं ग्रामीण विकास, पंचायत राज, पेयजल आपूर्ति और पशुपालन विभागों को भी व्यापक रिपोर्ट तैयार कर दो दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए.

केंद्र से साहयता पर रिपोर्ट तैयार के निर्देश

सीएम ने पिछले वर्ष बाढ़ प्रभावित खम्मम और वारंगल जिलों में भारी नुकसान के बावजूद केंद्र से सहायता न मिलने के बारे में पूछताछ की. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केंद्र द्वारा पिछले वर्ष किए गए उन वादों पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें जो पूरे नहीं हुए. रिपोर्ट में केंद्रीय धनराशि जारी होने तक नुकसान की भरपाई और हुए नुकसान का विवरण शामिल हो. उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क के नेतृत्व में एक टीम 4 सितंबर को दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों को दोनों रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी.

जिला कलेक्टरों से की बात

मुख्यमंत्री ने कामारेड्डी, आदिलाबाद, राजन्ना सिरिसिला और कोमाराम भीम आसिफाबाद जिलों के कलेक्टरों से बात की और भारी बारिश के बाद की स्थिति के बारे में जानकारी ली. अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और राहत सामग्री तुरंत जारी करने का आदेश दिया गया. आपदा निधि के उपयोग की समीक्षा करते हुए, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सभी विभागों को एसडीआरएफ निधि का उचित उपयोग करने और समयबद्ध तरीके से उपयोग प्रमाण पत्र (यूसी) जमा करने के निर्देश दिए.

Add Zee Business as a Preferred Source
  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6