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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से टाटा ग्रुप के चेयरमैन की मुलाकात
उत्तर प्रदेश को लेकर टाटा समूह की बड़ी योजना सामने आई है. टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा है कि आने वाले साल में राज्य में टाटा ग्रुप की मौजूदगी दोगुनी से भी ज्यादा हो सकती है. उन्होंने यूपी को देश के सबसे संभावनाशील औद्योगिक राज्यों में से एक बताया और कहा कि यहां का तेजी से विकसित होता इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश के अनुकूल माहौल और मजबूत नेतृत्व उद्योगों के विस्तार के लिए बड़ी भूमिका निभा रहा है.
उन्होंने ये बातें राजधानी में टाटा मोटर्स की 10 लाखवीं बस के फ्लैग ऑफ के मौके पर कहीं. इस दौरान उन्होंने साफ संकेत दिए कि टाटा ग्रुप उत्तर प्रदेश को अपने भविष्य के ग्रोथ प्लान में अहम स्थान देने जा रहा है.
एन चंद्रशेखरन के मुताबिक, उत्तर प्रदेश तेजी से एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत पॉलिसी सपोर्ट और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है.
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उन्होंने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास की गति साफ दिखाई दे रही है. सरकार की नीतियों और सहयोग के चलते कंपनियों को विस्तार का अच्छा मौका मिल रहा है, जिससे निवेश और रोजगार दोनों में तेजी आ रही है.
चंद्रशेखरन ने यह भी कहा कि यूपी में मौजूद युवा कार्यबल, बढ़ती आर्थिक गतिविधियां और औद्योगिक संभावनाएं इसे देश का प्रमुख ग्रोथ इंजन बना सकती हैं. आने वाले समय में राज्य तकनीक, उद्योग और सामाजिक विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकता है.
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लखनऊ स्थित टाटा मोटर्स प्लांट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट नहीं है, बल्कि एक मजबूत इकोसिस्टम है. इसमें सप्लायर्स, पार्टनर्स और स्थानीय समुदाय की अहम भूमिका है.
उन्होंने बताया कि पिछले 34 वर्षों में इस प्लांट ने 10 लाख वाहनों का उत्पादन किया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है. अब कंपनी अगले पांच वर्षों में 20 लाख वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य लेकर चल रही है.
उनका मानना है कि जिस तरह अब तक प्रगति हुई है, उसी रफ्तार से यह लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है. भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले समय में तेजी से बढ़ेगी और इसमें उत्तर प्रदेश की भूमिका काफी अहम होगी.
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टाटा समूह की IT कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) के विस्तार पर भी उन्होंने जानकारी दी. फिलहाल लखनऊ, नोएडा और वाराणसी में करीब 20,000 प्रोफेशनल्स काम कर रहे हैं.
अगले पांच वर्षों में यह संख्या बढ़कर 40,000 तक पहुंच सकती है. इसका मतलब है कि राज्य में IT सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
इसके अलावा टाटा ग्रुप पावर, डिफेंस, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी तेजी से विस्तार कर रहा है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी.
टाटा मोटर्स के पोर्टफोलियो को लेकर उन्होंने कहा कि कंपनी अब पारंपरिक डीजल वाहनों के साथ-साथ CNG, इलेक्ट्रिक और भविष्य में हाइड्रोजन आधारित वाहनों पर भी फोकस कर रही है.
इससे उत्तर प्रदेश न केवल घरेलू बाजार के लिए, बल्कि एक्सपोर्ट के लिए भी एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है.
टाटा समूह सिर्फ उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है. चंद्रशेखरन ने बताया कि कंपनी जल संरक्षण, स्किल डेवलपमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भी काम कर रही है.
मथुरा में जल स्रोतों के पुनर्जीवन और गोरखपुर में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है. उन्होंने राज्य सरकार के सहयोग के लिए आभार भी जताया.
कुल मिलाकर, टाटा ग्रुप की रणनीति साफ है. उत्तर प्रदेश को आने वाले वर्षों में एक बड़े इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करना. निवेश, रोजगार और टेक्नोलॉजी के लिहाज से यह राज्य के लिए एक बड़ा मौका साबित हो सकता है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 टाटा ग्रुप यूपी में क्या प्लान कर रहा है?
राज्य में अपनी मौजूदगी दोगुनी से ज्यादा बढ़ाने की योजना है.
Q2 टाटा मोटर्स का अगला लक्ष्य क्या है?
अगले 5 साल में 20 लाख वाहन उत्पादन.
Q3 TCS में रोजगार कितना बढ़ेगा?
करीब 20,000 से बढ़कर 40,000 तक पहुंच सकता है.
Q4 किन सेक्टर में विस्तार होगा?
ऑटो, IT, पावर, डिफेंस, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी.
Q5 यूपी को ग्रोथ इंजन क्यों कहा गया?
बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, नीतियां और युवा कार्यबल की वजह से.