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दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही अपने परिवार के साथ इसे मनाने की खुशी हर चेहरे पर दिखने लगती है. लेकिन इस खुशी पर तमिलनाडु में प्राइवेट बस ऑपरेटरों की मनमानी वसूली का साया मंडरा रहा है. त्योहार के मौके पर घर जाने वाले यात्रियों की भीड़ का फायदा उठाते हुए प्राइवेट ओमनी बस ऑपरेटरों ने किराए में आग लगा दी है. मांग बढ़ते ही किराए लगभग दोगुने हो गए हैं, जिससे लोगों का दिवाली का बजट बिगड़ गया है और उन्हें मजबूरी में सफर के लिए जेब पर डाका डलवाना पड़ रहा है.
राज्य परिवहन विभाग की ओवरचार्जिंग के खिलाफ सख्त चेतावनी के बावजूद, प्राइवेट बस ऑपरेटर बेखौफ होकर यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं. सबसे ज्यादा असर चेन्नई से राज्य के दक्षिणी जिलों की ओर जाने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है. ऑनलाइन बुकिंग वेबसाइटों पर जो आंकड़े दिख रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं.
यह किराया वृद्धि इसलिए भी अवैध है क्योंकि यह राज्य सरकार और ओमनी बस एसोसिएशन के बीच 2022 में हुए समझौते का खुला उल्लंघन है. उस समझौते के तहत अधिकतम किराए की एक सीमा तय की गई थी.
| रूट | तय अधिकतम किराया (2022) | मौजूदा वसूली |
|---|---|---|
| चेन्नई-तिरुचिरापल्ली | 1,200 - 1,980 रुपये | 3,500 रुपये तक |
| चेन्नई-मदुरै | 1,930 - 3,070 रुपये | 4,500 रुपये तक |
| चेन्नई-कोयंबटूर | 1,730 - 2,880 रुपये | 3,000 रुपये तक |
17 से 23 अक्टूबर के बीच त्योहार की छुट्टियों के कारण टिकटों की मांग चरम पर है, और इसी का फायदा उठाकर ऑपरेटरों ने यह लूट मचा रखी है.
जब इस मनमानी वसूली पर बस ऑपरेटरों से सवाल किया गया, तो उन्होंने अपनी मजबूरियां गिनाईं. उनका कहना है कि पिछले कुछ समय में ईंधन की कीमतें काफी बढ़ी हैं. इसके अलावा, बसों की मरम्मत और अन्य ऑपरेशनल लागतों में भी इजाफा हुआ है.
ऑपरेटरों ने मांग की है कि 2022 में तय किए गए किराया चार्ट को आज की महंगाई के हिसाब से अपडेट किया जाए. बस मालिक संघ का यह भी तर्क है कि किराया चार्ट केवल एक अधिकतम सीमा है और अगर किसी यात्री को शिकायत है, तो वह उनके शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से इसे सुलझा सकता है.
परिवहन मंत्री एसएस शिवशंकर ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि ओवरचार्जिंग के कई मामले सामने आए हैं. उन्होंने बताया कि बस एसोसिएशन को तुरंत किराया कम करने का निर्देश दिया गया है. मंत्री ने चेतावनी दी है कि जो भी ऑपरेटर नियमों का उल्लंघन करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें बस का परमिट सस्पेंड करने से लेकर भारी जुर्माना लगाना तक शामिल है.
इस बीच, एक और समस्या सामने आई है. कई बसें छोटे शहरों या तिरुचि जैसे बीच के स्टेशनों पर रुकने के बजाय सीधे मदुरै या तिरुनेलवेली के लिए डायवर्ट की जा रही हैं. ऐसे में, जिन यात्रियों को बीच में उतरना होता है, उनसे भी पूरी दूरी का किराया वसूला जा रहा है, जो यात्रियों के लिए दोहरी मार जैसा है.
1. दिवाली पर तमिलनाडु में बस किराए में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
किराए लगभग दोगुने हो गए हैं. चेन्नई से मदुरै का टिकट 4,500 रुपये तक में बिक रहा है, जो सामान्य से बहुत ज्यादा है.
2. सरकार द्वारा तय अधिकतम किराया कितना है?
उदाहरण के लिए, चेन्नई-मदुरै रूट पर सरकार द्वारा तय अधिकतम किराया 3,070 रुपये है, लेकिन वसूले 4,500 रुपये तक जा रहे हैं.
3. बस ऑपरेटर किराया बढ़ाने का क्या कारण बता रहे हैं?
बस ऑपरेटरों का कहना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतें, मरम्मत का खर्च और अन्य ऑपरेशनल लागत बढ़ने के कारण किराया बढ़ाना उनकी मजबूरी है.
4. सरकार इस मनमानी वसूली को रोकने के लिए क्या कर रही है?
राज्य परिवहन विभाग ने टोल प्लाजा पर विशेष निगरानी दल तैनात किए हैं और ओवरचार्जिंग करने वाली बसों के परमिट रद्द करने और जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है.
5. अगर किसी यात्री से ज्यादा किराया वसूला जाए तो वह क्या कर सकता है?
यात्री परिवहन विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर या निगरानी दलों से सीधे शिकायत कर सकते हैं.
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