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सुमन कल्याणपुर नहीं रहीं, 89 साल की उम्र में हुआ निधन.
हिंदी फिल्म संगीत के चाहने वालों के लिए एक दुखद खबर सामने आई है. अपनी मीठी आवाज से लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाने वाली मशहूर गायिका सुमन कल्याणपुर अब हमारे बीच नहीं रहीं. रविवार शाम 89 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर सामने आते ही संगीत प्रेमियों और कई बड़ी हस्तियों ने दुख जताया.
जानकारी के मुताबिक सुमन कल्याणपुर का निधन रविवार रात करीब 8 बजे उनके लोखंडवाला स्थित घर पर हुआ. बताया गया कि उम्र से जुड़ी परेशानियों की वजह से उनका निधन हुआ. उनके करीबी लोगों के अनुसार उन्होंने शांतिपूर्वक अंतिम सांस ली. उनका अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा.
सुमन कल्याणपुर का नाम हिंदी सिनेमा की उन आवाजों में गिना जाता है जिन्हें लोग आज भी बड़े प्यार से सुनते हैं. "आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे", "ना ना करते प्यार", "तुमने पुकारा और हम चले आए", "रहें ना रहें हम" और "मेरा प्यार भी तू है" जैसे कई लोकप्रिय गानों को उन्होंने अपनी आवाज दी थी.
उनके गाने सिर्फ हिंदी तक सीमित नहीं रहे. उन्होंने मराठी, बंगाली, कन्नड़, असमिया, ओड़िया और कई दूसरी भाषाओं में भी गीत गाए. फिल्मी गानों के अलावा उन्होंने भजन, गजल और दूसरे संगीत रूपों में भी काम किया.
कई लोग उनकी आवाज की तुलना लता मंगेशकर से करते थे, लेकिन सुमन कल्याणपुर हमेशा इस तुलना से बचती थीं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि लता मंगेशकर उनकी अच्छी दोस्त थीं. उनके मुताबिक जब भी दोनों मिलती थीं तो ऐसा लगता था जैसे पुराने दोस्त मिल रहे हों.
सुमन कल्याणपुर का जन्म 28 जनवरी 1937 को ढाका में हुआ था. उस समय ढाका ब्रिटिश भारत का हिस्सा था. बाद में उनका परिवार मुंबई आ गया, जहां उन्होंने संगीत सीखा और आगे चलकर गायन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई.
साल 1958 में उन्होंने मुंबई के कारोबारी रमणंद कल्याणपुर से शादी की थी. शादी के बाद उनका नाम सुमन कल्याणपुर हो गया. उनकी एक बेटी हैं, जिनका नाम चारुल अग्नी है. उनकी पोती आयशानी अग्नी भी सामाजिक कार्यों से जुड़ी हुई हैं.
सुमन कल्याणपुर के निधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कई नेताओं ने दुख जताया. सभी ने उन्हें भारतीय संगीत की एक खास और यादगार आवाज बताया. नेताओं का कहना है कि सुमन कल्याणपुर ने अपने गीतों के जरिए कई पीढ़ियों को संगीत से जोड़ा और उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा.
सुमन कल्याणपुर भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी. उनके गाए हुए गाने आज भी उतने ही पसंद किए जाते हैं जितने अपने दौर में होते थे. संगीत प्रेमियों के लिए उनका जाना एक बड़ी क्षति माना जा रहा है.