SARTHAK-PDS को कैबिनेट से मंजूरी, ₹25530 करोड़ का खर्च, हाईटेक बनेगी राशन व्यवस्था

केंद्र सरकार ने पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए SARTHAK-PDS योजना को मंजूरी दी है. सरकार अगले 5 साल में इस योजना पर ₹25,530 करोड़ खर्च करेगी. योजना के तहत AI, Machine Learning और Blockchain जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर राशन डिस्ट्रीब्यूशन को ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा.
SARTHAK-PDS को कैबिनेट से मंजूरी, ₹25530 करोड़ का खर्च, हाईटेक बनेगी राशन व्यवस्था

कैबिनेट ने इस स्कीम को दी मंजूरी, राशन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में होगा सुधार (फोटो - AI)

आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमिटी ने देश की पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम (PDS) को और मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) की बैठक में ‘सार्थक-PDS’ योजना को मंजूरी दी गई है.

केंद्र सरकार अगले 5 साल में इस योजना पर 25,530 करोड़ रुपए खर्च करेगी. इस योजना का मकसद देशभर में राशन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी, तकनीक आधारित और प्रभावी बनाना है.

क्या है SARTHAK-PDS योजना?

सरकार ने दो बड़ी योजनाओं को मिलाकर SARTHAK-PDS नाम की नई अंब्रेला स्कीम बनाई है. यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) को और प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए बनाई गई है. इसमें शामिल हैं -

  • राज्यों को खाद्यान्न के राज्य के भीतर परिवहन और राशन दुकानदारों के मार्जिन के लिए सहायता
  • SMART PDS यानी तकनीक आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली सुधार योजना

सरकार का कहना है कि इस योजना के जरिए राशन वितरण की अंतिम कड़ी यानी “लास्ट माइल डिलीवरी” को मजबूत किया जाएगा, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों तक समय पर खाद्यान्न पहुंच सके.

81 करोड़ लोगों को मिलेगा फायदा

केंद्र सरकार के मुताबिक, यह योजना देश के करीब 81.35 करोड़ लाभार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी, जो NFSA के तहत राशन का लाभ लेते हैं. सरकार का उद्देश्य है कि हर पात्र व्यक्ति तक सही मात्रा में और समय पर खाद्यान्न पहुंचे. योजना 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी.

राशन व्यवस्था में आएगी नई तकनीक

SARTHAK-PDS योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा. सरकार राशन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करेगी.

इसके जरिए -

  • राशन डिस्ट्रीब्यूशन की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी
  • शिकायत निवारण सिस्टम AI आधारित होगा
  • राज्यों में कमांड और कंट्रोल सेंटर बनाए जाएंगे
  • डेटा आधारित निगरानी की जाएगी
  • राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी
  • सिस्टम में लीकेज और गड़बड़ियों को कम किया जाएगा

डिजिटल सुधारों को मिलेगा बढ़ावा

बीते कुछ सालों में सरकार ने राशन व्यवस्था को डिजिटल बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. इनमें TPDS के एंड टू एंड कम्प्यूटराइजेशन, PDS का इंटीग्रेटेड मैनेजेमेंट (IM-PDS) और स्मार्ट PDS जैसी योजनाएं शामिल हैं.

इसके अलावा मेरा राशन ऐप, अन्न मित्रा, राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड और अन्न सहायता जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू किए गए हैं. 1 अप्रैल 2023 से स्मार्ट PDS योजना को तकनीक आधारित सुधारों का मुख्य आधार बनाया गया था. अब SARTHAK-PDS उसी दिशा में अगला बड़ा कदम माना जा रहा है.

राज्यों को मिलेगा वित्तीय सहयोग

सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को खाद्यान्न परिवहन, हैंडलिंग और राशन दुकानदारों के कमीशन के लिए केंद्रीय सहायता जारी रखने का भी फैसला लिया है. इससे राज्यों को आर्थिक मदद मिलेगी और राशन वितरण प्रणाली को मजबूत करने में आसानी होगी.

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