गल्फ तनाव पर सरकार अलर्ट: संसद में बोले जयशंकर- जहां सस्ता तेल मिलेगा वहीं से खरीदेंगे, 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा प्राथमिकता

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार, व्यापार और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. हालांकि भारत सरकार का कहना है कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर कूटनीतिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर कदम उठाए जाएंगे.
गल्फ तनाव पर सरकार अलर्ट: संसद में बोले जयशंकर- जहां सस्ता तेल मिलेगा वहीं से खरीदेंगे, 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा प्राथमिकता

जयशंकर ने कहा- जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों की मदद के लिए विशेष उपाय किए जा सकते हैं. (प्रतीकात्मक फोटो:AI)

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने साफ किया है कि वह हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में अपना बयान दिया, उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति चिंताजनक है, लेकिन भारत सरकार कूटनीतिक स्तर पर लगातार स्थिति पर नजर रख रही है.

उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर हरसंभव कदम उठाए जाएंगे.

गल्फ देशों में 1 करोड़ से ज्यादा भारतीय

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विदेश मंत्री ने संसद को बताया कि खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक:

  • खाड़ी देशों में 1 करोड़ से ज्यादा भारतीय नागरिक रहते हैं
  • इनमें सबसे ज्यादा भारतीय यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और ओमान में हैं.
  • जयशंकर ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार के सभी मंत्रालय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं.

कूटनीति से तनाव कम करने की कोशिश

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की प्राथमिकता हमेशा संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की रही है. उन्होंने कहा कि भारत सभी संबंधित देशों के साथ संपर्क में है और कोशिश की जा रही है कि क्षेत्र में तनाव कम हो.

जयशंकर के मुताबिक: “बातचीत और कूटनीति के जरिए मौजूदा तनाव को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं.”

ऊर्जा सुरक्षा पर भी सरकार की नजर

मिडिल ईस्ट संकट के बीच ऊर्जा बाजार में भी अनिश्चितता बढ़ गई है. इस पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव कदम उठा रहा है.

उन्होंने कहा: “भारत जहां से भी सस्ता ऊर्जा स्रोत मिलेगा, वहां से खरीदने का प्रयास करेगा.” भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है.

सस्ते क्रूड की तलाश जारी

जयशंकर ने कहा कि भारत का फोकस हमेशा सस्ती और स्थिर ऊर्जा सप्लाई पर रहता है.

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने:

  • रूस से तेल आयात बढ़ाया
  • अफ्रीकी देशों से सप्लाई बढ़ाई
  • अमेरिका और लैटिन अमेरिका से भी तेल खरीदा

सरकार की कोशिश है कि वैश्विक संकट के बावजूद ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो और कीमतें नियंत्रण में रहें.

भारत के लिए क्यों अहम है गल्फ क्षेत्र

मिडिल ईस्ट भारत के लिए कई वजहों से बेहद महत्वपूर्ण है.

1. ऊर्जा सप्लाई

  • भारत अपने कच्चे तेल और गैस का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है.

2. भारतीय प्रवासी

  • गल्फ देशों में रहने वाले भारतीय हर साल अरबों डॉलर की रेमिटेंस भारत भेजते हैं.

3.. व्यापार

  • भारत और खाड़ी देशों के बीच व्यापार का आकार सैकड़ों अरब डॉलर का है.

सरकार की तैयारियां

जयशंकर ने कहा कि स्थिति को देखते हुए सरकार ने सभी मंत्रालयों को अलर्ट पर रखा है.

इनमें शामिल हैं:

  • विदेश मंत्रालय
  • पेट्रोलियम मंत्रालय
  • नागरिक उड्डयन मंत्रालय
  • नौवहन मंत्रालय

जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों की मदद के लिए विशेष उपाय किए जा सकते हैं.

आगे क्या?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार, व्यापार और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. हालांकि भारत सरकार का कहना है कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर कूटनीतिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर कदम उठाए जाएंगे.

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