भारत में रूसी राष्ट्रपति पुतिन: PM मोदी ने दोस्त को गले लगाकर किया वेलकम, एक ही कार में एयरपोर्ट से निकले, 2 दिवसीय दौरे में क्या-क्या होगा?

राष्ट्रपति पुतिन दिल्ली पहुंच चुके हैं. 2 दिवसीय दौरे में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और भू-राजनीति पर अहम बातचीत होगी. एयरपोर्ट पर उन्हें रेड कार्पेट वेलकम दिया गया.
भारत में रूसी राष्ट्रपति पुतिन: PM मोदी ने दोस्त को गले लगाकर किया वेलकम, एक ही कार में एयरपोर्ट से निकले, 2 दिवसीय दौरे में क्या-क्या होगा?

भारत और रूस दशकों पुराने रणनीतिक साझेदार हैं.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन अपने 2 दिवसीय भारत दौरे पर आज दिल्ली पहुंच गए. लगातार बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच यह विजिट काफी अहम मानी जा रही है. दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया. उनके लिए रेड कार्पेट बिछाया गया. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें रिसीव करने पहुंचे. पूरी गर्मजोशी से उन्होंने पुतिन का स्वागत किया.

पुतिन के विमान के उतरते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं. और पूरा प्रोटोकॉल लागू करते हुए भारतीय प्रतिनिधिमंडल उनकी अगवानी के लिए मौजूद रहा.

यह दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?

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भारत और रूस दशकों पुराने रणनीतिक साझेदार हैं. ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, व्यापार, अंतरिक्ष कार्यक्रम और पेमेंट सेटअप जैसे मुद्दों पर दोनों देश एक-दूसरे के लिए अहम भूमिका निभाते हैं. ऐसे में पुतिन का यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है क्योंकि:

  • दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत अब भी रूस के साथ अपने संबंधों को बैलेंस कर रहा है.
  • अमेरिका-रूस और चीन-रूस संबंधों की पृष्ठभूमि में भारत के साथ रूस का जुड़ाव एक संदेश भी देता है.
  • इस मीटिंग में कई बड़े समझौते होने की संभावना जताई जा रही है.

पीएम मोदी से मुलाकात- मुख्य एजेंडा क्या होगा?

पुतिन, दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. इस मीटिंग में इन मुद्दों पर खास जोर रहेगा.

1. रक्षा सहयोग (Defence Cooperation)

भारत और रूस मिलकर कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं:

  • ब्रह्मोस मिसाइल का अपग्रेड
  • एस-400 डिफेंस सिस्टम
  • फाइटर जेट्स और न्यू जनरेशन हथियारों की आपूर्ति
  • संभावना है कि इस क्षेत्र में नए MoU भी साइन हों.

2. ऊर्जा सेक्टर (Energy Partnership)

तेल और गैस सप्लाई को लेकर रूस भारत का बड़ा पार्टनर बना हुआ है.

  • कच्चे तेल की लॉन्ग-टर्म डील
  • LNG सप्लाई
  • न्यूक्लियर एनर्जी सहयोग
  • इन पर चर्चा महत्वपूर्ण होगी.

3. व्यापार और भुगतान प्रणाली (Trade & Payment Mechanism)

रुपया-रूबल ट्रेड, इंटरनेशनल पेमेंट सिस्टम और लॉजिस्टिक कॉरिडोर पर भी बातचीत होगी.

4. भू-राजनीतिक मुद्दे (Geo-Political Dialogue)

रूस-यूक्रेन संघर्ष, एशिया-प्रशांत की स्थिति और ग्लोबल पावर बैलेंस जैसे मुद्दों पर भारत और रूस के बीच खुली चर्चा की उम्मीद है.

दिल्ली में सुरक्षा के खास इंतजाम

  • एयरपोर्ट से लेकर होटल और मीटिंग वेन्यू तक SPG और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम तैनात
  • ड्रोन पर रोक
  • कई रूट डायवर्ट
  • राजनयिक इलाक़ों में बढ़ी सुरक्षा
  • दिल्ली पूरी तरह एक सुरक्षित “VVIP ज़ोन” में बदल चुकी है.

पुतिन का शेड्यूल: 2 दिन में क्या-क्या होने वाला है?

Day 1: दिल्ली आगमन

भारतीय प्रतिनिधियों से मुलाकात

क्लोज़्ड-डोर चर्चा

Day 2: PM मोदी–पुतिन bilateral summit

  • संयुक्त बयान जारी
  • संभावित समझौतों पर हस्ताक्षर

Conclusion

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन का यह दौरा भारत–रूस संबंधों को नई दिशा दे सकता है. बदलते वैश्विक माहौल में दोनों देशों की यह मुलाकात रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने की ओर अहम कदम है. एयरपोर्ट पर मिले रेड कार्पेट स्वागत से भी साफ है कि भारत इस विजिट को कितना महत्व दे रहा है. अब आंखें इस बात पर होंगी कि इस मुलाकात से कौन-कौन से बड़े फैसले निकलकर आते हैं.

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. भारत और रूस के बीच संबंध कैसे हैं?

भारत और रूस दशकों से रणनीतिक साझेदार हैं—रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग मजबूत है.

Q2. भारत किन-किन देशों के राष्ट्राध्यक्षों को VVIP प्रोटोकॉल देता है?

भारत अमेरिका, रूस, फ्रांस, जापान सहित चुनिंदा देशों के प्रमुखों को उच्चतम स्तर का प्रोटोकॉल देता है.

Q3. द्विपक्षीय बैठक का महत्व क्या होता है?

दो देशों के नेताओं के बीच हुई बैठक से रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा क्षेत्रों में नए समझौते संभव होते हैं.

Q4. रेड कार्पेट वेलकम का क्या मतलब है?

यह उच्चस्तरीय सम्मान और विशेष प्रोटोकॉल को दर्शाता है, जो सिर्फ चुनिंदा राष्ट्राध्यक्षों को मिलता है.

Q5. भारत-रूस रक्षा सहयोग क्यों मजबूत माना जाता है?

क्योंकि भारत के कई आधुनिक हथियार, मिसाइल सिस्टम और सैन्य प्लेटफॉर्म रूस की तकनीक पर आधारित हैं.

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