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कई बार भारत के तमाम नागरिक दूसरे देशों में जॉब या पढ़ाई के लिए जाते हैं और वहीं की नागरिकता ले लेते हैं. ऐसे में वो ऑफिशियली उस देश के नागरिक बन जाते हैं. लेकिन इसके लिए उन्हें भारतीय नागरिकता को छोड़ना पड़ता है. क्या ऐसा कोई तरीका है कि जिससे उन्हें भारतीय नागरिकता को छोड़े बगैर दूसरे देश की सिटीजनशिप मिल जाए? क्या भारतीय दोहरी नागरिकता ले सकते हैं? जानिए भारत में दोहरी नागरिकता को लेकर क्या हैं नियम!
अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, स्वीडन, नॉर्वे, ब्रिटेन जैसे तमाम देशों में दोहरी नागरिकता लेने की व्यवस्था है, लेकिन भारत में ऐसा नियम नहीं है. अगर कोई भारतीय, किसी दूसरे देश की नागरिकता को लेना चाहता है तो उसे पहले भारतीय नागरिकता को छोड़ना पड़ेगा. भारत का संविधान यहां के नागरिकों को भारतीय नागरिकता के साथ कोई दूसरी नागरिकता रखने की इजाजत नहीं देता है. किसी देश की नागरिकता छोड़ने का सीधा मतलब है कि अब आपको उस देश में आने के लिए वीजा की जरूरत पड़ेगी.
जो भारतीय, यहां की नागरिकता को छोड़कर दूसरे देशों की नागरिकता ले चुके हैं, लेकिन अब भी भारत से उनका जुड़ाव है, ऐसे लोगों को भारत सरकार ने OCI यानी Overseas Citizen of India कार्ड की सुविधा देती है. OCI कार्ड होल्डर्स को भारत आने के लिए किसी वीजा की जरूरत नहीं पड़ती है. लेकिन ओसीआई कार्ड को भारतीय नागरिकता नहीं माना जा सकता.
ऐसे लोग जो 26 जनवरी 1950 के बाद भारत के नागरिक रहे हों या उनके माता या पिता भारतीय नागरिक रहे हों, वो OCI कार्ड हासिल करने के पात्र हैं. ओसीआई कार्ड जीवनभर के लिए मान्य होता है. पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, अफगानिस्तान और ईरान में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को ओसीआई कार्ड नहीं दिया जाता है. ओसीआई कार्ड होल्डर्स को भारत में बिना वीजा आने और यहां रहकर काम करने की इजाजत है. लेकिन कुछ काम ऐसे हैं, जिन्हें वो नहीं कर सकते. जैसे-