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अप्रैल 2026 में भारत की खुदरा महंगाई (Retail Inflation) 3.48% रही, जबकि फूड इन्फ्लेशन बढ़कर 4.20% पहुंच गई. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
महंगाई से राहत मिली है या जेब पर दबाव अभी भी बना हुआ है? अप्रैल 2026 के ताजा CPI आंकड़े इसी सवाल का जवाब देते हैं. सरकार की तरफ से जारी Consumer Price Index (CPI) डेटा के मुताबिक अप्रैल 2026 में देश की खुदरा महंगाई दर 3.48% रही. मार्च में यह 3.40% थी. यानी महंगाई में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली.
हालांकि, सबसे बड़ा असर खाने-पीने की चीजों में दिखा. Food Inflation बढ़कर 4.20% हो गया, जिससे आम आदमी के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ सकता है. आइए डिटेल में समझते हैं हर जानकारी.
सरकार के CPI डेटा के अनुसार अप्रैल 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर 3.48% रही, जबकि Food Inflation 4.20% दर्ज की गई. ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई 3.74% और शहरी क्षेत्रों में 3.16% रही.

CPI यानी Consumer Price Index वह पैमाना है जिससे यह मापा जाता है कि रोजमर्रा की चीजें कितनी महंगी या सस्ती हुई हैं. इसमें शामिल होते हैं:
जब इन चीजों की कीमतें बढ़ती हैं, तो Inflation बढ़ता है.
| कैटेगरी | अप्रैल 2026 |
| रिटेल महंगाई | 3.48% |
| खाद्य महंगाई | 4.20% |
| ग्रामीण महंगाई | 3.74% |
| शहरी महंगाई | 3.16% |
| मार्च 2026 CPI | 3.40% |
डेटा के मुताबिक ग्रामीण महंगाई 3.74% रही, जबकि शहरों में यह 3.16% थी.
इसका मतलब:
सरकारी डेटा के अनुसार अप्रैल में सबसे ज्यादा महंगाई इन चीजों में रही:
| वस्तु | महंगाई |
| चांदी के गहने | 144.34% |
| नारियल | 44.55% |
| सोने/हीरे के गहने | 40.72% |
| टमाटर | 35.28% |
| गोभी | 25.58% |

ग्लोबल अनिश्चितता, सुरक्षित निवेश की मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी की वजह से Gold और Silver Jewellery की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला. इसका असर:
सीधे दिख सकता है.
कुछ जरूरी खाद्य वस्तुओं में राहत भी मिली.
| वस्तु | महंगाई |
| आलू | -23.69% |
| प्याज | -17.67% |
| मोटर कार और जीप | -7.12% |
| मटर/काबुली चना | -6.75% |
| एयर कंडीशनर | -5.06% |

आलू और प्याज भारतीय रसोई की सबसे जरूरी चीजों में शामिल हैं. इनके दाम गिरने से:
| राज्य | महंगाई |
| तेलंगाना | 5.81% |
| पुडुचेरी | 4.41% |
| आंध्र प्रदेश | 4.20% |
| सिक्किम | 4.16% |
| तमिलनाडु | 4.18% |
| राज्य | महंगाई |
| दिल्ली | 1.96% |
| महाराष्ट्र | 3.13% |
| उत्तर प्रदेश | 3.59% |
| राजस्थान | 3.77% |
सरकार के division-wise inflation डेटा के मुताबिक:
| सेक्टर | महंगाई |
| पर्सनल केयर | 17.66% |
| रेस्टोरेंट & होटल | 4.20% |
| फूड & बेवरेज | 4.01% |
| शिक्षा | 3.15% |
Transport category में Inflation लगभग 0% रहा. इसका मतलब:

अगर आप आम उपभोक्ता हैं तो इसका सीधा असर इन चीजों पर पड़ सकता है:
CPI अभी RBI के comfort zone में है, लेकिन Food Inflation बढ़ना चिंता का संकेत माना जा सकता है. अगर:
तो आने वाले महीनों में महंगाई फिर तेज हो सकती है.
महंगाई सिर्फ एक सरकारी आंकड़ा नहीं है. इसका असर सीधे:
पर पड़ता है. CPI डेटा RBI की ब्याज दर नीति तय करने में भी अहम भूमिका निभाता है.
अप्रैल 2026 का CPI डेटा मिला-जुला संकेत देता है. एक तरफ headline inflation अभी नियंत्रण में दिख रही है, लेकिन Food Inflation बढ़ना चिंता की बात है. आलू-प्याज सस्ते हुए हैं, लेकिन टमाटर, फूलगोभी और ज्वेलरी की कीमतें अब भी ऊंची बनी हुई हैं. आने वाले महीनों में मानसून, वैश्विक तेल कीमतें और खाद्य सप्लाई महंगाई की दिशा तय करेंगे.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 महंगाई (Inflation) क्या होती है?
जब रोजमर्रा की चीजों और सेवाओं की कीमतें समय के साथ बढ़ती हैं, तो उसे महंगाई कहा जाता है. जैसे खाना, पेट्रोल, किराया या शिक्षा महंगी होना.
Q2 CPI क्या होता है?
CPI यानी Consumer Price Index एक ऐसा इंडेक्स है जिससे यह मापा जाता है कि आम उपभोक्ता के इस्तेमाल की चीजें कितनी महंगी या सस्ती हुई हैं.
Q3 Retail Inflation क्या होती है?
Retail Inflation वह महंगाई होती है जिसे आम लोग सीधे महसूस करते हैं. इसमें खाने-पीने, कपड़े, ट्रांसपोर्ट, हेल्थ और अन्य घरेलू खर्च शामिल होते हैं.
Q4 Food Inflation क्या होती है?
खाने-पीने की चीजों जैसे सब्जी, दूध, दाल, अनाज और फल की कीमतों में बढ़ोतरी को Food Inflation कहा जाता है.
Q5 CPI और WPI में क्या फर्क है?
CPI आम उपभोक्ता की खरीदारी पर आधारित होता है. WPI (Wholesale Price Index) थोक बाजार की कीमतों को मापता है.