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पंजाब सरकार ने कहा कि किसानों को सही बीज मिले इसके लिए बारकोड (Barcodes) और क्विक रेस्पांस-क्यूआर कोड (QR codes) का इस्तेमाल किया जाएगा. सरकार ने कहा है कि किसानों को जाली या कम क्वालिटी वाले बीज बेचने वाले व्यापारियों से बचाने के लिए यह अच्छी पहल है.
हर साल नकली और खराब बीजों के चलते बड़ी संख्या में किसानों की फसल बर्बाद होती है. या फिर किसानों को कम उत्पादन मिलता है. हालांकि किसानों तक शुद्ध और अच्छी क्वालिटी का बीज (genuine seeds) मिले, इसके लिए सरकार लगातार नए-नए उपाय करती रहती है.
इस कड़ी में पंजाब सरकार ने किसानों तक सही और शुद्ध बीज की पहुंच बने इसके लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने का फैसला किया है.
पंजाब सरकार ने किसानों को गेहूं और चावल सहित कई फसलों के सही बीजों की सप्लाईर करने को आधुनिक प्रमाणन प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने का फैसला किया है.
पंजाब सरकार (Punjab government) ने कहा कि किसानों को सही बीज मिले इसके लिए बारकोड (Barcodes) और क्विक रेस्पांस-क्यूआर कोड (QR codes) का इस्तेमाल किया जाएगा. सरकार ने कहा है कि किसानों को जाली या कम क्वालिटी वाले बीज बेचने वाले व्यापारियों से बचाने के लिए यह अच्छी पहल है.
सरकार ने यह प्रयोग आलू फसल के बीजों पर इस्तेमाल किया था और यह प्रयोग सफल रहा है. इस प्रोजेक्ट से सफल होने पर मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) ने ब्लॉक-चेन तकनीक (blockchain technology) के जरिये आधुनिक पहचान प्रमाणीकरण की मंजूरी दी है. इससे किसानों के साथ जाली या बिना सर्टिफाइड वाले बीजों (certified seeds) के जरिये धोखाधड़ी नहीं की जा सकेगी.
पंजाब सरकार के अनुसार, पंजाब राज्य बीज निगम (PUNSEED) आने वाले सीजन में 10,000 एकड़ जमीन के लिए किसानों को चारा, तिलहनी और अनाज वाली फसलों के लिए 1.50 लाख क्विंटल प्रमाणिक बीज का वितरण करेगा.
खेती में बीज का महत्व
बीज खेती का आधार है. अच्छी क्वालिटी का बीज सामान्य बीज के मुकाबले 20-25 फीसदी अधिक पैदावार देते हैं. इसलिए शुद्ध और प्रमाणित बीज अच्छी पैदावार का आधार होता है. प्रमाणित बीजों का इस्तेमाल करने से जहां एक ओर अच्छी पैदावार मिलती है वहीं दूसरी ओर समय और पैसों की बचत होती है.
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अशुद्ध बीज बोने से एक ओर उत्पादन तो कम होता ही है और दूसरी ओर ऐसे बीज से भविष्य के लिए अच्छा बीज प्राप्त नहीं होता है. अशुद्ध बीज के कारण खेत में खरपतवार ज्यादा पैदा होती है और इसे कंट्रोल करने के लिए ज्यादा पैसा खर्च करना होता है. साथ ही ऐसे बीज से तैयार फसल का बाजार में दाम भी कम मिलता है.
कहा जाता है कि 'जैसा बोओगे वैसा काटोगे', यह बात किसानों की समझ में आनी चाहिए इसलिए अच्छी किस्म के बीजों का उत्पादन और इस्तेमाल जरूरी है.