LPG संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला! नेशनल PNG ड्राइव 30 जून तक बढ़ी, रोजाना 10 हजार घरों तक पहुंच रही गैस पाइपलाइन

मिडिल ईस्ट संकट के कारण एलपीजी (LPG) सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों को देखते हुए भारत सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क को बढ़ाने को 'राष्ट्रीय प्राथमिकता' घोषित किया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB) के अध्यक्ष ने 31 मार्च 2026 को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क की व्यापक समीक्षा की.
LPG संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला! नेशनल PNG ड्राइव 30 जून तक बढ़ी, रोजाना 10 हजार घरों तक पहुंच रही गैस पाइपलाइन

दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने एनर्जी सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है. ऐसे में लोगों को एलपीजी की कमी से बचाने के लिए सरकार ने 'होल ऑफ गवर्नमेंट' (Whole of Government) दृष्टिकोण अपनाते हुए पीएनजी नेटवर्क के विस्तार पर जोर दिया है. इसी क्रम में पीएनजआरबी (PNGRB) ने जनवरी 2026 में शुरू की गई 'नेशनल पीएनजी ड्राइव' की अवधि को 30 जून 2026 तक बढ़ाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है.

उपभोक्ताओं के लिए 'ईज ऑफ गैस कनेक्टिविटी'

पीएनजीआरबी के अध्यक्ष ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए सीजीडी (CGD) संस्थाओं को कई कड़े और उपभोक्ता-अनुकूल निर्देश दिए हैं:

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वेबसाइट पर रोलआउट प्लान: अब सभी सीजीडी संस्थाओं को अपनी वेबसाइट पर क्षेत्रवार या नगरपालिकावार पीएनजी विस्तार योजना सार्वजनिक करनी होगी.

ऑनलाइन पंजीकरण: पीएनजी कनेक्शन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं.

निश्चित समयसीमा: पंजीकरण के दौरान संस्थाओं को उपभोक्ताओं को कनेक्शन देने की संभावित समयसीमा (Timeline) और देरी होने पर उसका कारण बताना अनिवार्य होगा.

प्रतीक्षा सूची का प्रदर्शन: लंबित पंजीकरणों का विवरण भी संस्थाओं को अपनी वेबसाइट पर होस्ट करना होगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे.

सरकार का समन्वित प्रयास

पीएनजी के इस मिशन में केवल पेट्रोलियम मंत्रालय ही नहीं, बल्कि कई अन्य विभाग भी सहयोग कर रहे हैं:

आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय: शहरी नियोजन के साथ ऊर्जा बुनियादी ढांचे के एकीकरण में मदद कर रहा है.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय: पाइपलाइन बिछाने के लिए आवश्यक अनुमतियों में तेजी ला रहा है.

रक्षा मंत्रालय और PESO: रक्षा क्षेत्रों में पीएनजी विस्तार और सुरक्षा मानकों के अनुपालन में सहयोग कर रहे हैं.

प्राथमिकता वाले क्षेत्र और नई नीतियां

सरकार ने केवल घरों तक ही नहीं, बल्कि उन संस्थानों तक भी पीएनजी पहुंचाने को प्राथमिकता दी है जहां एलपीजी की खपत अधिक है. इनमें कैंटीन, हॉस्टल, मेस सुविधाएं, होटल, रेस्तरां और अस्पताल शामिल हैं. इसके अलावा, उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 'इम्बैलेंस चार्ज' (Imbalance Charges) को भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है.

Conclusion

नेशनल पीएनजी ड्राइव का विस्तार और रियल-टाइम मॉनिटरिंग यह सुनिश्चित करेगी कि एलपीजी से पीएनजी की ओर परिवर्तन समयबद्ध और उपभोक्ता-केंद्रित तरीके से हो. यह कदम न केवल तात्कालिक वैश्विक ऊर्जा संकट का समाधान है, बल्कि भारत को एक लचीली और टिकाऊ गैस-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मजबूत स्तंभ भी है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. नेशनल पीएनजी ड्राइव की नई अंतिम तिथि क्या है?

इसे बढ़ाकर अब 30 जून 2026 कर दिया गया है.

2. भारत में रोजाना कितने नए पीएनजी कनेक्शन दिए जा रहे हैं?

15 मार्च 2026 के बाद से औसतन 10,000 से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन प्रतिदिन दिए जा रहे हैं.

3. क्या मैं अपने क्षेत्र में पीएनजी आने की जानकारी ऑनलाइन देख सकता हूं?

हां, पीएनजआरबी ने सभी संस्थाओं को अपनी वेबसाइट पर क्षेत्रवार विस्तार योजना डालने के निर्देश दिए हैं.

4. पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कैसे करें?

सीजीडी संस्थाएं जल्द ही अपनी वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण के लिए परफॉर्मा और पोर्टल उपलब्ध कराएंगी.

5. क्या पीएनजी विस्तार में अस्पतालों और होटलों को प्राथमिकता दी जा रही है?

हां, घरों के साथ-साथ अस्पतालों, होटलों और हॉस्टलों जैसे संस्थागत उपयोगकर्ताओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है.

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