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ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (पीएमएलए) के तहत जांच के घेरे में इन संपत्तियों को शामिल किया है. (रॉयटर्स)
PMC Bank फ्रॉड केस मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच के दायरे में दिल्ली में मौजूद तीन अचल संपत्ति को भी शामिल कर लिया है. मार्केट में इसकी वैल्यू 100 करोड़ रुपये है. ईडी (Enforcement Directorate) ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (पीएमएलए) के तहत जांच के घेरे में इन संपत्तियों को शामिल किया है. इन संपत्तियों में तीन होटल हैं.
खबर के मुताबिक, जिन तीन होटल को ईडी ने जांच में शामिल किया है, उनकी ओनरशिप लिब्रा रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड, दीवान रीयल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड, राकेश कुमार वाधवान, रोमी मेहरा और लिब्रा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर के पास हैं.
इन होटल का बदल गया नाम
खबर के मुताबिक, होटल कॉन्क्लेव बूटिक का नाम अब FAB HOTELS कर दिया गया है. फैब होटल्स का एड्रेस है- ए-20, कैलाश कॉलोनी, नई दिल्ली. इसी तरह, होटल कॉन्क्लेव कम्फर्ट का नाम बदलकर भी FAB HOTELS कर दिया गया है. इसका एड्रेस है- डी-150, कैलाश कॉलोनी, नई दिल्ली. इसी तरह, होटल कॉन्क्लेव एग्जिक्यूटिव का नाम भी अब बदलकर FAB HOTELS कर दिया गया है और इसका एड्रेस है- सी-22, कालकाजी, नई दिल्ली.
खबर के मुताबिक, जांच में यह बात सामने आई है कि मेसर्स लिब्रा रियल्टर्स, दीवान रियल्टर्स की तरफ से पीएमसी बैंक से लोन के रूप में गलत तरीके से मोटी रकम ली गई थी. आपको बता दें, प्रवर्तन निदेशालय पीएमसी बैंक को गलत तरीके से 4335 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने और इससे जुड़े घोटाले के मामले की जांच कर रहा है. पीएमसी बैंक में कई फर्जी अकाउंट खोलकर करोड़ों रुपये का स्कैम किया गया.
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रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैंक के मैनैजमेंट लेवल के कुछ अधिकारियों ने बैंक की कुल जमा राशि का बड़ा हिस्सा सिर्फ एक कंपनी को दे दिया. बाद में बैंक ही दिवालिया हो गया और हजारों कस्टमर्स के पैसे अटक गए. इसको देखते हुए आरबीआई ने बैंक से कैश निकालने पर लिमिट तय कर दी थी.