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'पीएम स्वनिधि योजना' योजना इस साल 1 जून को शुरू की गई थी. इस योजना के तहत अब तक 10.12 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं और 3.42 से ज्यादा आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है. अब तक 87,193 लोगों को इस योजना के तहत लोन दिया जा चुका है. (File Image- PIB)
लॉकडाउन के बाद रेहड़ी-पटरी वाले (street vendors) अपने काम को फिर से शुरू कर सकें, इसके लिए केंद्र सरकार ने 'पीएम स्वनिधि योजना' योजना शुरू की थी. कयास लगाए जा रहे हैं कि केंद्र सरकार इस वर्ग के लोगों के लिए कोई और बड़ा ऐलान कर सकती है. क्योंकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज खुद रेहड़ी-पटरी वालों के साथ बातचीत करेंगे.
प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रेहड़ी-पटरी वालों (street vendors) के साथ सुबह 11 बजे संवाद करेंगे. वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से होने वाली इस बातचीत को 'स्वनिधि संवाद' (SVANidhi Samvaad) नाम दिया गया है.
बता दें कि 'पीएम स्वनिधि योजना' योजना इस साल 1 जून को शुरू की गई थी. इस योजना के तहत अब तक 10.12 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं और 3.42 से ज्यादा आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है. अब तक 87,193 लोगों को इस योजना के तहत लोन दिया जा चुका है.
मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां पीएम स्वनिधि योजना के तहत लगभग 4.50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स का रजिस्ट्रेशन किया गया है. इनमें से 4 लाख से ज्यादा लोगों को आईकार्ड और वेंडर सर्टिफिकेट जारी किया जा चुका है.
'पीएम स्वनिधि योजना' की ज्यादा जानकारी इसके वेब पोर्टल pmsvanidhi.mohua.gov.in से हासिल की जा सकती है. इसी पोर्टल पर जाकर रेहड़ी-पटरी वाले अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.
मिलता है 10,000 रुपये का लोन
'पीएम स्वनिधि योजना' के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को आसान शर्तों और किस्तों पर 10,000 रुपये तक का लोन दिया जाता है. अगर इस लोन को समय से पहले वापस कर दिया जाता है तो सरकार की तरफ से 7 फीसदी की दर से ब्याज में सब्सिडी दी जाती है. सब्सिडी की राशि तीन महीने में एक बार ऋण लेने वाले खाते में जमा की जाएगी. इसके अलावा डिजिटल लेन-देन पर महीने में कैश बैक भी मिलता है.
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डिजिटल लेन-देन के लिए कर्ज लेने वाले को एक डेबिट कार्ड और वेंडिंग स्टॉल के लिए एक क्यूआर कोड दिया जाता है. क्यूआर कोड के माध्यम से दुकानदार अपने ग्राहकों से पैसा ले सकते हैं. अगर लोन का पैसा समय पर चुका दिया जाता है तो रेहड़ी-पटरी वाले को और ज्यादा लोन मिल सकता है.
कौन हैं हकदार
'पीएम स्वनिधि योजना' के तहत गली-गली घूमकर, फुटपाथ या रास्ते पर ठेला लगाकर सब्जी, फल, तैयार खाने की चीजें, चाय, पकौड़े, ब्रेड, अंडे, कपड़े, किताब-कॉपी वगैरह बेचने वाले लोग शामिल हैं. नाई की दुकान, मोची, पान की दुकान, लॉन्ड्री की सेवाएं भी इसमें शामिल हैं.