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PM Modi Operation Sindoor, Lok Sabha Speech: लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चल रही चर्चा पर पीएम नरेंद्र मोदी ने सदन में जवाब दिया है. पीएम मोदी ने चर्चा के दौरान कहा है कि वह सदन में भारत का पक्ष रखने के लिए खड़े हुए हैं. वहीं, जिन्हें भारत का पक्ष नहीं दिखता है उन्हें आईना दिखाने के लिए खड़ा हूं. अपने जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि संसद का ये सत्र भारत के विजय उत्सव का सत्र है. ये भारत के गौरवगान का भी सत्र है. पीएम मोदी ने कहा कि पहलगाम हमला भारत को हिंसा की आग में झोंकने का एक सोचा-समझा प्रयास था . पीएम मोदी ने राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का नाम लिए बिना सदन में साफ किया कि किसी ने इस मामले में मध्यस्था नहीं की है.
ऑपरेशन सिंदूर पर जबाव देते हुए पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि, "ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान जिस प्रकार से देश के लोगों ने मेरा साथ दिया, मुझे आशीर्वाद दिया, देश की जनता का मुझ पर कर्ज है. मैं देशवासियों का आभार व्यक्त करता हूं, मैं देशवासियों का अभिनंदन करता हूं. 22 अप्रैल को पहलगाम में जो क्रूर घटना घटी, जिस तरह आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों से उनका धर्म पूछकर उन्हें गोली मारी, वो क्रूरता की पराकाष्ठा थी. ये भारत में दंगे फैलाने की साजिश थी. देश की एकता ने इस साजिश को नाकाम किया है."
पीएम मोदी ने सदन में कहा कि, "मैं 22 अप्रैल को विदेश में था. मैं तुरंत लौट आया और वापस आने के तुरंत बाद मैंने एक बैठक बुलाई और हमने स्पष्ट निर्देश दिए कि आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देना है और यह हमारा राष्ट्रीय संकल्प है. सेना को कार्रवाई करने की पूरी छूट दी गई और यह भी कहा गया कि सेना को यह तय करना चाहिए कि कब, कहां, कैसे और किस तरीके से कार्रवाई करनी है. ये सारी बातें उस बैठक में स्पष्ट रूप से कही गईं."
पीएम मोदी ने अपने जवाब में आगे कहा, " पाकिस्तान को पहलगाम हमले से ही भारती के जवाब का अंदाज था. भारत ने 6 मई रात को जैसा तय किया था, वैसी कार्रवाई की और पाकिस्तान कुछ नहीं कर पाया. 22 मिनट में, 22 अप्रैल का बदला निर्धारित लक्ष्य के साथ हमारी सेना ने ले लिया. पाकिस्तान के कोने-कोने में आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया. भारत ने पाकिस्तान की परमाणु धमकी को भी झूठा साबित कर दिया. भारत ने ये बता दिया कि न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग न चलेगी और न ही भारत इस धमकी के आगे झुकेगा."
बकौल पीएम मोदी, "हमें गर्व है कि आतंकवादियों को सजा दी गई, और यह ऐसी सजा थी कि आतंक के उन आकाओं की आज भी रातों की नींद उड़ी हुई है. तीनों सेनाओं की ज्वाइंट एक्शन ने पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए हैं. भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचाया है. इस ऑपरेशन में भारत ने तकनीकी क्षमता दिखाई गई है. ये आत्मनिर्भर भारत की भी मिसाल है. "
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का नाम लिए बिना साफ कहा कि दुनिया के किसी भी नेता ने ये ऑपरेशन रोकने के लिए नहीं कहा है. पाकिस्तान के DGMO ने सीजफायर के लिए फोन किया था.पीएम मोदी ने कहा, "10 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत हो रहे एक्शन को रोकने की घोषणा की, इसे लेकर यहां भांति भांति की बातें की गईं. ये वहीं प्रोपेगेंडा है जो सीमा पार से यहां फैलाया गया है. कुछ लोग सेना द्वारा दिए गए तथ्यों की जगह पाकिस्तान के झूठे प्रचार को आगे बढ़ाने में जुटे हुए थे, जबकि भारत का रूख हमेशा स्पष्ट रहा था."
पीएम मोदी ने स्पीच में बताया कि 9 मई को उन्हें अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी वांस ने फोन किया. बकौल पीएम मोदी, "9 तरीख की रात को अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने मुझसे बात करने का प्रयास किया, वो घंटे भर कोशिश कर रहे थे लेकिन मेरी सेना के साथ बैठक चल रही थी, तो मैं उठा नहीं पाया, लेकिन बाद में मैंने कॉल बैक किया. फिर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जी ने मुझे बताया कि पाकिस्तान बहुत बड़ा हमला करने वाला है। इस पर मैंने कहा— अगर पाकिस्तान का ये इरादा है, तो उसे बहुत महंगा पड़ेगा. अगर पाकिस्तान हमला करेग तो हम बड़ा हमला कर जवाब देंगे। आगे मैंने कहा था, 'हम गोली का जवाब गोले से देंगे.'
पीएम मोदी ने आगे कहा, "9 मई की रात और 10 मई की सुबह, हमने पाकिस्तान की सैन्य शक्ति को तहस-नहस कर दिया था. आज पाकिस्तान भी जान गया है कि भारत का हर जवाब पहले से ज्यादा तगड़ा होता है. उसे ये भी पता है कि भविष्य में नौबत आई तो भारत आगे कुछ भी कर सकता है. इसलिए मैं फिर से लोकतंत्र के इस मंदिर में दोहराना चाहता हूं कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है. पाकिस्तान ने दुस्साहस की अगर कल्पना की तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा."
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, "कल हमारे सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन महादेव चलाकर पहलगाम के हमलावरों को अंजाम तक पहुंचाया. लेकिन कल यहां पूछा गया कि आज ही क्यों हुआ, क्या ऑपरेशन के लिए सावन महीने का सोमवार ढूंढा गया था. पिछले कई सप्ताह से पूछा जा रहा था कि पहलगाम के आतंकियों का क्या हुआ और जब आतंकियों को मार गिराया गया तो कल ही क्यों हुआ... क्या हाल है इन लोगों का..."