प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की विदेश यात्रा के दूसरे चरण में नीदरलैंड्स पहुंच गए हैं. द हेग में भारतीय प्रवासी समुदाय और स्थानीय कलाकारों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया. पीएम मोदी की इस यात्रा में भारत-नीदरलैंड के बीच रणनीतिक, आर्थिक, व्यापार और तकनीकी सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है. अपनी इस यात्रा में वह नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से बातचीत करेंगे और शाही परिवार राजा विलेम-अलेक्जेंडर तथा रानी मैक्सिमा से मिलेंगे.
पीएम मोदी ने लिखा- 'FTA ने व्यापार-निवेश को दिया बढ़ावा'
पीएम मोदी ने नीदरलैंड पहुंचने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा-"नीदरलैंड्स की यह यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है जब भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ने व्यापार और निवेश को बहुत बढ़ावा दिया है."
भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे पीएम
- बकौल पीएम मोदी- "इस यात्रा में सेमीकंडक्टर, पानी प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में हमारे संबंध और मजबूत करने का अच्छा मौका है."
- पीएम मोदी इस दौरे में 16 मई की सुबह भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे.
- पीएम मोदी के आगमन पर रियर एडमिरल लुडगर ब्रुम्मेलार, डच विदेश मंत्री टॉम बेरेन्डसेन, नीदरलैंड्स में भारत के राजदूत कुमार तुहिन और डच सरकार के दूसरे बड़े अधिकारियों ने स्वागत किया.
नीदरलैंड्स के बाद स्वीडन, नॉर्वे और इटली जाएंगे पीएम मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी नीदरलैंड्स यात्रा के बाद पीएम नरेंद्र मोदी 17 और 18 मई को स्वीडन की यात्रा में रहेंगे. यहां उनकी वह पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्र पर चर्चा करेंगे.
- पीएम मोदी स्वीडन में यूरोपीय व्यापार जगत के दिग्गजों को भी संबोधित करेंगे. स्वीडन के बाद पीएम मोदी 19 मई को नॉर्वे की राजधान ऑस्लो पहुंचेंगे.
- नॉर्वे में वह तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे. इस सम्मेलन में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता शामिल होंगे.
- शिखर सम्मेलन में ब्लू इकोनॉमी और टिकाऊ विकास पर जोर दिया जाएगा. पीएम मोदी की पांच देशों की यात्रा का समापान इटली में होगा. यहां वह इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे.
- इटली के साथ डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और क्लीन एनर्जी पर कई समझौते होंगे. आपको बता दें कि इस साल की शुरुआत में भारत और यूरोपीय देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता हुआ था.
भारत-यूएई के बीच हुए सात बड़े समझौते
पीएम मोदी की पांच देशों की यात्रा का पहला पड़ाव यूएई था. यहां भारत और यूएई के बीच ऊर्जा, रक्षा, तकनीक, बुनियादी ढांचे और निवेश से जुड़े सात बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर हुए.
- सबसे अहम समझौतों में से एक इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के बीच हुआ रणनीतिक सहयोग समझौता रहा.
- दोनों देशों ने लंबे वक्त में एलपीजी आपूर्ति के लिए भी एक रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य बढ़ती वैश्विक मांग और बाजार में अस्थिरता के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है.
- रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक ढांचे पर सहमति जताई, जिसमें रक्षा निर्माण, सैन्य प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, नवाचार और सुरक्षित संचार प्रणालियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.