भारत में पहली ‘मेड-इन-इंडिया’ मेमोरी चिप्स की होगी शुरुआत, 28 फरवरी को PM मोदी करेंगे माइक्रोन के सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन

28 फरवरी को साणंद में होने वाला यह उद्घाटन भारत को टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग के बड़े क्लब में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम है. भारत अब सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता की भूमिका में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
भारत में पहली ‘मेड-इन-इंडिया’ मेमोरी चिप्स की होगी शुरुआत, 28 फरवरी को PM मोदी करेंगे माइक्रोन के सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन

इसे भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है. (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को गुजरात के साणंद का दौरा करेंगे. यहां वे माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सेमीकंडक्टर Assembly, Test and Packaging (ATMP) प्लांट का उद्घाटन करेंगे. इसे भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है, क्योंकि अब देश में पहली बार बड़े स्तर पर मेमोरी चिप्स का उत्पादन शुरू होगा.

ATMP प्लांट आखिर करता क्या है?

यह प्लांट चिप्स बनाने की पूरी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है. यहां सेमीकंडक्टर वेफर्स को असेंबल किया जाएगा, उनकी टेस्टिंग होगी और फिर उन्हें पैक करके बाजार में भेजा जाएगा. सीधे शब्दों में कहें तो भारत अब सिर्फ चिप्स इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि उन्हें तैयार करने वाला देश भी बनेगा.

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‘Made-in-India’ मेमोरी मॉड्यूल की शुरुआत

इस उद्घाटन के साथ ही भारत में बने पहले सेमीकंडक्टर मेमोरी मॉड्यूल का कमर्शियल प्रोडक्शन और शिपमेंट शुरू होगा. इसका मतलब है कि अब भारत में तैयार चिप्स देश और दुनिया दोनों जगह भेजी जाएंगी. यह भारत की टेक्नोलॉजी क्षमता के लिए बड़ा संकेत है.

कितने का निवेश और कब शुरू हुआ प्रोजेक्ट?

इस परियोजना में करीब ₹22,500 करोड़ से ज्यादा का निवेश हुआ है.

  • शिलान्यास: सितंबर 2023
  • निर्माण: तेजी से पूरा
  • उद्घाटन: 28 फरवरी 2026

यह परियोजना इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत हुई थी, जिसका मकसद भारत को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनाना है.

दुनिया के बड़े क्लीनरूम में से एक

इस प्लांट में लगभग 5 लाख वर्ग फुट का क्लीनरूम बनाया गया है. क्लीनरूम वह जगह होती है जहां चिप्स को बेहद साफ, धूल-रहित और नियंत्रित माहौल में तैयार किया जाता है. बताया जा रहा है कि यह दुनिया के सबसे बड़े “raised-floor cleanrooms” में से एक होगा.

भारत को क्या फायदा?

आज AI, डेटा सेंटर, मोबाइल, लैपटॉप और कारों तक में चिप्स की मांग तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में भारत में चिप उत्पादन शुरू होना कई मायनों में अहम है:

  • भारत ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत खिलाड़ी बनेगा
  • इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बड़ा सहारा मिलेगा
  • हजारों नौकरियों के अवसर बनेंगे
  • हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा

आपके लिए क्या जरूरी है खबर?

  • यह सिर्फ एक फैक्ट्री का उद्घाटन नहीं है.
  • यह भारत के सेमीकंडक्टर सफर की नई शुरुआत है.
  • अब “मेड-इन-इंडिया” चिप्स सिर्फ सपना नहीं, हकीकत बनने जा रही हैं.

Bottom Line

28 फरवरी को साणंद में होने वाला यह उद्घाटन भारत को टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग के बड़े क्लब में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम है. भारत अब सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता की भूमिका में तेजी से आगे बढ़ रहा है.

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