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आज यानी 21 सितंबर की शाम 5 बजे पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन दिया. अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने सभी को नवरात्रि की बधाई देने के साथ की. उसके बाद उन्होंने जीएसटी की बात करते हुए कहा नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म और बचत उत्सव की सभी को बधाई थी. उन्होंने अपने संबोधन में इशारों ही इशारों में ट्रंप के टैरिफ का करारा जवाब भी दिया है.
बता दें कि पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से कई सारे टैरिफ लगाए गए हैं. अमेरिका (United States) ने भारत से आयात किए जाने वाले सामानों पर 50% तक के टैरिफ लगा दिए हैं और ये सब वह सिर्फ इसलिए कर रहा है क्योंकि भारत रूस से तेल खरीदता है. इस फैसले से टेक्सटाइल, ज्वैलरी, सी-फूड (seafood), फुटवियर जैसे लेबर इंटेंसिव सेक्टर को झटका लगा है. इससे भारत की जीडीपी ग्रोथ (GDP Growth) में गिरावट और नौकरियों पर असर हो सकता है. यही वजह है कि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत बनाने पर जोर दिया है.
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए भारत को आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलना होगा. उन्होंने कहा कि इसका बड़ा दायित्यव एमएसएमई और छोटे बिजनेस पर है. वह बोले कि जो भी प्रोडक्ट देश की जरूरत का है और अगर उसे हम देश में ही बना सकते हैं, तो उसे देश में ही बनाना चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी दरें कम होने के साथ-साथ इससे जुड़े नियम और प्रक्रियाएं भी आसान हुई हैं. वह बोले कि इसकी वजह से हमारे एमएसएमई और छोटे बिजनेस को बहुत फायदा होगा. इससे उनकी बिक्री बढ़ेगी और उन पर टैक्स कम लगेगा, यानी उन्हें भी डबल फायदा होगा.
पीएम मोदी ने कहा कि एमएसएमई, लघु उद्योग, सूक्ष्म उद्योग, कुटीर उद्योग आप सभी से बहुत अपेक्षाएं हैं. वह बोले कि जब भारत समृद्धि के शिखर पर था तब भारत की इकनॉमी का आधार एमएसएमई ही थे. भारत में बने सामानों की क्वालिटी बेहतर होती थी, हमे उसे वापस पाना है. उन्होंने कहा कि हमारे यहां जो बने, वह दुनिया में हर कसौटी पर बेस्ट हो. हमारे प्रोडक्ट्स दुनिया भर में आन-बान-शान के साथ सभी पैरामीटर पर खरा उतरें और दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाएं.
पीएम मोदी बोले कि आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत सी विदेशी चीजें जुड़ गई हैं. हमें इनसे भी मुक्ति पानी होगी. हमें वो सामान खरीदने चाहिए, जो मेड इन इंडिया हों, जिसमें हमारे देश के नौजवानों की मेहनत लगी हो. पीएम ने आह्वान किया कि हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है. हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है. गर्व से कहो ये स्वदेशी है. गर्व से कहो मैं स्वदेशी खरीदता हूं. गर्व से कहो मैं स्वदेशी सामान बेचता हूं. जब ये होगा तो भारत तेजी से विकसित होगा.
पीएम ने सभी राज्य सरकारों से भी आग्रह किया कि वह आत्मनिर्भर भारत के इस अभियान के साथ अपने राज्यों में मैन्युफैक्चरिंग को गति दें. इस अभियान में वह पूरी ऊर्जा और उत्साह से जुड़ें और निवेश के लिए माहौल बढ़ाएं. पीएम मोदी ने कहा कि जब केंद्र और राज्य साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे तो ही आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा होगा.
पीएम मोदी के आज के संबोधन में साफ संदेश था कि अमेरिका के टैरिफ (Tariffs) और बाहरी दबावों से घबराने की जरूरत नहीं है. बल्कि भारत को आत्मनिर्भर (Self-Reliant) बनकर ही इन चुनौतियों से निपटना होगा. उनका फोकस था कि छोटे उद्योग (MSME), कुटीर उद्योग और स्टार्टअप्स भारत की इकनॉमी की असली ताकत हैं. स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर और राज्य सरकारों को निवेश (Investment) बढ़ाने के लिए प्रेरित कर, भारत न केवल अपने लोगों को रोजगार देगा बल्कि दुनिया में अपना गौरव भी बढ़ाएगा.
यह भारत को आर्थिक रूप से मजबूत और विदेशी निर्भरता से मुक्त बनाने का अभियान है.
ताकि बिजनेस करना आसान हो और टैक्स बोझ कम हो.
क्योंकि ये रोज़गार देते हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं.
निर्यात घटेगा, नौकरियों पर असर होगा और GDP धीमी पड़ सकती है.
इससे देशी उद्योग को बढ़ावा मिलता है और नौकरियां पैदा होती हैं.
जरूरी नहीं, लेकिन जहां विकल्प उपलब्ध हों वहां मेड इन इंडिया को प्राथमिकता दें.
छोटे बिजनेस, एमएसएमई और ग्राहकों, सभी को लाभ मिलेगा.
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