ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी ने बुलाई CCS की इमरजेंसी मीटिंग, क्या भारत पर मंडरा रहा है तेल और महंगाई का संकट?

ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी ने बुलाई CCS की हाई-लेवल मीटिंग. 100 डॉलर पार हुआ कच्चा तेल, लेकिन भारत के पास है 60 दिनों का बफर स्टॉक. जानें पेट्रोल-डीजल और उड़ानों पर क्या होगा असर.
ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी ने बुलाई CCS की इमरजेंसी मीटिंग, क्या भारत पर मंडरा रहा है तेल और महंगाई का संकट?

ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी ने बुलाई CCS की इमरजेंसी मीटिंग.

दुनिया के नक्शे पर इस वक्त बारूद की जो गर्मी दिख रही है, उसका सीधा असर अब हमारी और आपकी रसोई तक पहुंचने लगा है. ईरान युद्ध की वजह से पैदा हुए संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 1 अप्रैल को दिल्ली में 'कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी' (CCS) की एक बेहद अहम बैठक की अध्यक्षता की. 10 दिनों के भीतर यह दूसरी बार है जब देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की समीक्षा के लिए इस स्तर की बैठक बुलानी पड़ी है.

पश्चिमी एशिया में गहराते इस युद्ध ने दुनिया भर के बाजारों को हिलाकर रख दिया है. कच्चा तेल (Brent Crude) 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुका है. समुद्र में जहाजों पर हमले हो रहे हैं और सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या भारत इस झटके को झेलने के लिए तैयार है? क्या पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे या फिर हवाई सफर महंगा होने वाला है? चलिए, सरकार की इस हाई-लेवल मीटिंग की इनसाइड स्टोरी को आसान भाषा में समझते हैं.

60 दिनों का तेल बैकअप

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सरकार की तरफ से जो सबसे बड़ी और राहत वाली खबर आई है, वह है हमारी ऊर्जा सुरक्षा. बैठक में अधिकारियों ने साफ किया कि भारत के पास फिलहाल करीब 60 दिनों का कच्चा तेल सुरक्षित रखा हुआ है. अगर हम अपने रणनीतिक भंडार (Strategic Reserves) को भी जोड़ लें, तो यह क्षमता 74 दिनों तक जाती है.

मतलब यह कि अगर आज की तारीख में सप्लाई पूरी तरह कट भी जाए, तो भी भारत के पास करीब ढाई महीने का स्टॉक मौजूद है. हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं, ताकि देश के किसी भी कोने में ईंधन की कमी न हो.

महंगाई पर लगाम

भले ही इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों ने 100 डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया हो, लेकिन भारत में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं. सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती और कैलिब्रेटेड प्राइसिंग का रास्ता चुना है ताकि आम आदमी पर बोझ न पड़े.

रसोई गैस (LPG) को लेकर भी स्थिति नियंत्रण में है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी के दाम 522 डॉलर से बढ़कर 780 डॉलर तक पहुंच गए हैं, लेकिन भारत में इसकी सप्लाई स्थिर बनी हुई है. सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि वैश्विक उथल-पुथल का असर आपकी जेब पर न दिखे.

समुद्र में बढ़ता खतरा

नौसेना प्रमुख एडमिरल डी के त्रिपाठी ने बैठक में एक डराने वाला आंकड़ा पेश किया. उन्होंने बताया कि इस युद्ध के दौरान अब तक 20 से ज्यादा जहाजों पर हमले हो चुके हैं. करीब 1,900 जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं. इससे न केवल सामान की डिलीवरी में देरी हो रही है, बल्कि इंश्योरेंस का खर्च भी बढ़ गया है. भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने की वकालत कर रहा है, क्योंकि हमारी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इन्हीं रास्तों से होकर आता है.

हवाई सफर पर पड़ा असर

युद्ध की तपिश अब आसमान में भी महसूस होने लगी है. एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान के ईंधन की कीमतों में 8.5 परसेंट की भारी बढ़ोतरी हुई है. इसका नतीजा यह हुआ कि इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइंस ने फ्यूल चार्ज में बदलाव का एलान कर दिया है. 2 अप्रैल से जो भी टिकट बुक होंगे, वे महंगे हो सकते हैं. खासकर लंबी दूरी की घरेलू उड़ानों के लिए अब आपको ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ सकती है.

रेस्क्यू ऑपरेशन

सरकार की पहली प्राथमिकता हमेशा अपने नागरिकों की सुरक्षा रही है. विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अब तक ईरान से 1,171 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है. इसमें 818 छात्र शामिल हैं, जिन्हें सड़क मार्ग के जरिए आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते बाहर लाया गया है. भारत लगातार दुनिया के बड़े देशों के संपर्क में है और इस बात पर जोर दे रहा है कि ऊर्जा सुविधाओं और बुनियादी ढांचे पर हमले तुरंत रुकने चाहिए.

FAQs

Q.1: क्या भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने वाले हैं?

Answer: फिलहाल सरकार ने तेल की कीमतों को स्थिर रखा है. एक्साइज ड्यूटी और बेहतर मैनेजमेंट के जरिए कीमतों को बढ़ने से रोका गया है, भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल 100 डॉलर पार कर गया हो.

Q.2: भारत के पास तेल का कितना स्टॉक बचा है?

Answer: भारत के पास करीब 60 दिनों का क्रूड ऑयल बफर स्टॉक मौजूद है. रणनीतिक भंडार को मिलाकर यह क्षमता 74 दिनों तक की सप्लाई सुनिश्चित कर सकती है.

Q.3: हवाई जहाज के टिकट क्यों महंगे हो रहे हैं?

Answer: विमान के ईंधन (ATF) की कीमतों में 8.5 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण एयरलाइंस कंपनियों ने फ्यूल चार्ज बढ़ा दिया है. इससे खासकर लंबी दूरी की फ्लाइट्स के किराए बढ़ सकते हैं.

Q.4: ईरान में फंसे भारतीयों के लिए सरकार क्या कर रही है?

Answer: अब तक 1,171 भारतीय नागरिकों को निकाला जा चुका है. इसमें बड़ी संख्या छात्रों की है जिन्हें आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित लाया गया है.

Q.5: क्या देश में राशन या खाद की कमी होने वाली है?

Answer: सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन, खाद, भोजन या किसी भी जरूरी सामान की कोई कमी नहीं है. लोगों को पैनिक बाइंग और अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है.

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