पेट्रोल खत्म होने के दावे को सरकार ने बताया फर्जी, 60 दिन का है एडवांस स्टॉक, 41 देशों से आ रहा कच्चा तेल

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की फिलहाल कोई भी कमी नहीं है.
पेट्रोल खत्म होने के दावे को सरकार ने बताया फर्जी, 60 दिन का है एडवांस स्टॉक, 41 देशों से आ रहा कच्चा तेल

Fuel Stock in India

मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच देश में पेट्रोल और डीजल की किल्लत पर कई तरह की अफवाहें उड़ाई जा रही है. अब सरकारी एजेंसी PIB ने इन अफवाहों का फैक्ट चेक किया है. PIB ने उन खबरों को भ्रामक बताया है, जिसमें दावा किया गया है कि भारत के पास केवल 5 से 10 दिनों का ही तेल भंडार बचा है. PIB ने एक बार फिर साफ किया है कि देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है. फ्यूल की सप्लाई पूरी तरह से स्थिर और सुरक्षित है.

भारत के पास 74 दिन की रिजर्व क्षमता

PIB Fact Check ने कहा कि भारत के पास कुल 74 दिनों की रिजर्व क्षमता है, जिसमें से फिलहाल स्टॉक कवर लगभग दो महीने का है. इस रिजर्व में कच्चा तेल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट और भूमिगत गुफाओं में रखे गए रणनीतिक भंडार शामिल है.

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मौजूदा स्टॉक से दो महीने की फ्यूल सप्लाई

  • PIB के मुताबिक मौजूदा स्टॉक देश भर में लगभग दो महीने की फ्यूल की सप्लाई सुनिश्चित करता है.
  • PIB ने नागरिकों को सलाह दी है कि वह घबराएं नहीं और फ्यूल की उपलब्धता के संबंध में केवल आधिकारिक सरकारी सोर्स से जारी सत्यापित जानकारी पर भरोसा करें.
  • भारत सरकार ने कहा कि कुछ चुनिंदा पंपों पर छिटपुट रूप से घबराहट में खरीदारी की गई है, वे सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो द्वारा फैलाई गई जानबूझकर गलत सूचना के कारण हुईं.

भ्रामक वीडियो, पोस्ट पर जताई गंभीर चिंता

पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित भ्रामक वीडियो और पोस्टों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है, जिनमें चुनिंदा रूप से कतारों की तस्‍वीरें, अन्य देशों में सीमित सप्लाई के ग्लोबल न्यूज फुटेज और भारत में लॉकडाउन तथा इमरजेंसी ईंधन उपायों के पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत दावों का उपयोग करके कमी की पूरी तरह से झूठी धारणा पैदा की गई है.

शरारती तत्वों द्वारा फैलाई जा रही गलत सूचना

  • कुछ पोस्टों में जानबूझकर सरकारी आदेशों - जिनमें प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश और एलपीजी नियंत्रण आदेश शामिल हैं - को संकट का संकेत देने वाली आपातकालीन घोषणाओं के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है.
  • मंत्रालय के मुताबिक यह एक सामान्य प्रशासनिक नियम है. इन्हें इसलिए जारी किया जाता है ताकि गैस की सप्लाई सही तरीके से चलती रहे और भविष्य के लिए तैयारी पुख्ता रहे. यह सरकार का एक सामान्य और समझदारी भरा कदम है.
  • मंत्रालय के मुताबिक गलत सूचना शरारती तत्वों द्वारा फैलाई जा रही है और कुछ स्वार्थी तत्व इसे और भी बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे आम जनता में अनावश्यक चिंता पैदा हो रही है.
  • आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के संबंध में गलत जानकारी फैलाना मौजूदा कानूनों के तहत अपराध है और सरकार जानबूझकर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगी.

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सप्लाई में नहीं है कोई कमी

पेट्रोलिमयम मंत्रालय के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति के बावजूद, भारत को आज दुनिया भर के अपने 41 से अधिक सप्लायर्स देशों से पहले की तुलना में अधिक कच्चा तेल हासिल हो रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजारों, खास तौर से पश्चिमी देशों से उपलब्ध उच्च मात्रा ने किसी भी व्यवधान की भरपाई कर दी है. भारत की सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर चल रही हैं. इंडियन ऑयल कंपनियों ने अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली है. सप्लाई में कोई कमी नहीं है.

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