गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है और अब बहुत से लोग फ्रिज खरीदने लगे हैं. फ्रिज खरीदते वक्त अधिकतर लोग उसकी कीमत, डिजाइन और फीचर्स पर ध्यान देते हैं. हर किसी के मन में सबसे बड़ा सवाल ये ही रहता है कि कौन सा फ्रिज लें? इसमें अधिकतर लोग कनफ्यूज भी हो जाते हैं और ये 10 गलतियां कर बैठते हैं. आइए इनके बारे में डीटेल में समझते हैं, ताकि आप गलती से भी ये गलतियां ना करें.
1/10कम से कम 20-25 हजार का बजट बनाकर अच्छे ब्रांड का फ्रिज लें. एक बार फ्रिज लेने के बाद उसे आप आसानी से 8-10 साल तो चला ही सकते हैं, तो सस्ते के चक्कर में ना पड़ें.
2/10कई बार लोग छोटा फ्रिज ले लेते हैं. समय के साथ वह फ्रिज छोटा लगने लगता है. कम से कम 250 लीटर का फ्रिज जरूर होना चाहिए, उससे कम के बारे में ना ही सोचें तो अच्छा है.
3/10कन्वर्टिबल एक ऐसा फीचर है, जिसके जरिए आप फ्रीजर को भी फ्रिज में बदल सकते हैं. वैसे तो ये फीचर अच्छा दिखता है, लेकिन होता नहीं. ऐसा इसलिए क्योंकि हर वक्त आपके पास फ्रीजर में रखने के लिए कुछ ना कुछ तो होता ही है, जैसे स्नैक्स, मटर, कॉर्न, आइसक्यूब, आइसक्रीम. ध्यान रहे, इस फीचर के लिए कंपनियां 1000-2000 रुपये तक अतिरिक्त चार्ज करती हैं.
4/10अगर आपके इलाके में बिजली बहुत ज्यादा कटती है तो आप इन्वर्टर से चलने वाला फ्रिज ले सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि वह फिर आपके इन्वर्टर की बिजली को भी इस्तेमाल करेगा. यानी फिर आपको सामान्य की तुलना में थोड़ा बड़ा इन्वर्टर तो लेना ही होगा. अधिकतर लोगों के लिए यह फीचर काम का नहीं होता, क्योंकि ज्यादातर जगहों पर बिजली बहुत कम देर के लिए जाती है. कुछ घंटों तक भी अगर बिजली कटती है, तो भी आपके फ्रिज के अंदर रखा सामान खराब नहीं होता.
5/10फ्रिज की रेटिंग भी काफी मायने रखती है. आमतौर पर 3-4 रेटिंग अच्छी होती है. 5 स्टार रेटिंग वाले फ्रिज का दाम कई बार कंपनियां ज्यादा रखती हैं, क्योंकि कई लोग 5 स्टार रेटिंग देखकर ही फ्रिज लेना पसंद करते हैं. वहीं 1-2 रेटिंग वाले फ्रिज बिजली की खपत ज्यादा करते हैं. सबसे अच्छा है कि 3-4 स्टार रेटिंग वाला फ्रिज लें, उससे आपका बजट भी नहीं बिगड़ेगा और बिजली भी ज्यादा खर्च नहीं होगी.
6/10अधिकतर लोग फ्रिज पहले खरीद लेते हैं, बाद में सोचते हैं इसे रखें कहां. फ्रिज लेने में जल्दबाजी ना करें. पहले देख लें कि आपके किचन में उसे रखने की जगह है या नहीं. या ये पहले से तय कर लें कि फ्रिज को रखना कहां है, उसी हिसाब से फ्रिज का चुनाव करें.
7/10पहले दोनों का मतलब समझते हैं. सिंगल डोर में पूरा फ्रिज एक बार में खुल जाता है. वहीं डबल डोर में फ्रीजर और नॉर्मल फ्रिज का दरवाजा अलग-अलग होता है. कोशिश करें कि डबल डोर फ्रिज ही लें, क्योंकि बार-बार फ्रिज खुलने से उसकी गैस बाहर निकलती है, जिससे फ्रिज को कूलिंग करने में ज्यादा एनर्जी खर्च करनी पड़ती है. डबल डोर में आप सिर्फ उतना ही फ्रिज खोल सकते हैं, जितने की आपको जरूरत है.
8/10कोई भी फ्रिज खरीदने से पहले उसे खोलकर अंदर से भी देखें. चेक करें कि वह आपके सामान के हिसाब से है या नहीं. यानी आप उसमें बोतल रखना चाहते हैं, सब्जियां रखना चाहते हैं, अंडे रखना चाहते हैं, तो उस हिसाब से सही स्पेस दिया है या नहीं.
9/10आजकल अधिकतर फ्रिज फ्रॉस्ट फ्री टेक्नोलॉजी के साथ आ रहे हैं. इससे फायदा ये होता है कि आपका हर कुछ दिन पर मैनुअल डीफ्रॉस्ट नहीं करना पड़ता. बता दें कि फ्रीजर में कुछ दिनों तक लगातार बहुत लो टेंपरेचर पर कूलिंग की वजह से बर्फ जम जाती है, उसे डीफ्रॉस्ट करना जरूरी होता है, ताकि बेहतर परफॉर्मेंस मिले. कई फ्रिज में इसे मैनुअल तरीके से हर कुछ दिन पर करना होता है, जो एक बड़ी सिरदर्दी जैसा है.
10/10फ्रिज में इनबिल्ट स्टेबलाइजर आने लगे हैं, ये अच्छा फीचर है. लेकिन बहुत सारे फ्रिज में वाई-फाई, ऐप से कंट्रोल, टच पैनल समेत कई तरह के स्मार्ट फीचर भी मिलने लगे हैं. ध्यान रहे, इन फीचर्स की वजह से फ्रिज की कीमत बढ़ जाती है, जो आपके बजट को बढ़ा देती है. तो पहले फीचर्स को अच्छे से समझ लें, उसके बाद ही चुनें, वरना बाद में सोचेंगे, ज्यादा पैसे खर्च हो गए.