राजस्थान के किसानों के लिए आतंक बनी टिड्डियों ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. सरकार को आशंका है कि इस बार टिड्डी ज्यादा जिलों में फसल को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसके लिए राज्य सरकार ने टिड्डी के खात्मे के लिए ड्रोन की मदद लेने का फैसला किया है.
1/8राजस्थान के पाकिस्तान से लगते इलाकों में टिड्डी का प्रकोप इस बार पिछले साल से अधिक जिलों में हो सकता है. सरकार ने इससे निपटने की आपात योजना बनाई है और दूरदराज के दुर्गम इलाकों में ड्रोन से दवा छिड़काव की तैयारी की जा रही है ताकि इस बार टिड्डी पर और असरकारी ढंग से काबू पाया जा सके.
2/8कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने अधिकारियों के साथ टिड्डी नियंत्रण, खरीफ सीजन के इंतजाम और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा की.
3/8संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन ने इस साल बड़े पैमाने पर टिड्डी के हमले की आशंका जताते हुए पिछले साल की तुलना में दो से तीन गुना अधिक प्रकोप की चेतावनी दी है. इस साल पिछले साल प्रभावित हुए 12 जिलों के अलावा अन्य जिलों में भी टिड्डी के पहुंचने की आशंका है.
4/8कोरोना महामारी के बीच टिड्डी के हमले को बड़ी चुनौती बताते हुए उन्होंने अधिकारियों को जिला प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल व किसानों के सहयोग से इस संकट को असरदार तरीके से दूर करने के निर्देश दिए.
5/8पिछले साल राजस्थान के 12 जिले टिड्डी के हमले की चपेट में आए थे. इस जिलों के लिए आपात योजना तैयार कर ली गयी है. इस साल नए जिले जुड़ने की आशंका के कारण अन्य जिलों के जिला कलक्टरों के साथ प्लान तैयार किया जा रहा है.
6/8टिड्डी नियंत्रण के लिए जहां गाड़ियां पहुंचने में मुश्किल होती है वहां ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव किया जाएगा.
7/8हर साल राजस्थान, गुजरात, पंजाब और मध्य प्रदेश में टिड्डी के हमले से बड़ी मात्रा में फसलों का नुकसान होता है.
8/8किसान बर्तन, पटाखों का शोर करके कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करके अपनी फसल को बचाने की कोशिश करते हैं.