Lockdown में काम-धंध बंद होने के कारण बाहरी राज्यों से अपने घर पहुंचने की कोशिश में लगे Labor और दूसरे लोगों की मदद के लिए सरकार खास helpline शुरू कर रही है. यह हेल्पलाइन नंबर देशभर में काम करेगा. इन नंबर पर प्रवासी मजदूर अपनी समस्याओं, शिकायतों की जानकारी दे सकेंगे. यह हेल्पलाइन नंबर मुख्य श्रमायुक्त के तहत शुरू होगा. यह टोल-फ्री नंबर नहीं है.
1/4सभी दूरसंचार ऑपरेटरों के लिए इस नंबर पर पहुंच उपलब्ध कराना जरूरी होगा. विभाग ने साफ किया कि यह टोल-फ्री नंबर नहीं होगा. 14445 पर कॉल करने पर पैसा कटेगा. दूरसंचार विभाग ने आपात हेल्पलाइन के लिए दो नंबर 1930 और 1944 आवंटित किए हैं.
2/4बता दें कि केंद्र के साथ राज्य सरकार भी अपने श्रमिकों की घर वापसी के लिए प्रयास कर रही हैं. घर पहुंचे लोगों को एक तरफ जहां मनरेगा से काम दिलाया जा रहा है तो दूसरी ओर अन्य योजनाओं पर अमल तेज कर दिया है ताकि लोगों को रोजगार मिल सके.
3/4रेलवे (Indian railways) ने 1 मई से श्रमिक ट्रेनों की शुरुआत की, जो अब तक 23 लाख से अधिक प्रवासी कामगारों को उनके मूल स्थानों तक पहुंचा चुकी है. कोरोनावायरस प्रकोप के कारण इसने 25 मार्च से यात्री, मेल और एक्सप्रेस ट्रेन सेवाओं को निलंबित कर दिया था. रेलवे 12 मई से 15 जोड़ी विशेष वातानुकूलित ट्रेनें चला रहा है और एक जून से 200 और नॉन-एसी स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी.
4/4भारतीय रेलवे ने कहा कि उसने देश भर में मंगलवार को 204 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिए 2.56 लाख यात्रियों को उनके गृह राज्य भेजा पहुंचाया है, जो एक मई से एक दिन में यात्रियों की सबसे ज्यादा संख्या है.