विंटर सेशन हुआ शुरू,  इन नए बिल्स से हो सकता है फायदा! 

सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है. ये सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा. 19 दिनों के इस सत्र के दैरान सदन में कुल 15 बैठकें होंगी. इस अवधि में सत्र के दौरान 14 विषयों पर चर्चा की जाएगी. यह जानकारी संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने दी. इनके अलावा सरकार सदनों में किसी भी अन्य जरूरी मुद्दे पर भी चर्चा के लिए तैयार रहेगी. 
विंटर सेशन हुआ शुरू,  इन नए बिल्स से हो सकता है फायदा! 

सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है. ये सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा. 19 दिनों के इस सत्र के दैरान सदन में कुल 15 बैठकें होंगी. इस अवधि में सत्र के दौरान 14 विषयों पर चर्चा की जाएगी. यह जानकारी संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने दी. इनके अलावा सरकार सदनों में किसी भी अन्य जरूरी मुद्दे पर भी चर्चा के लिए तैयार रहेगी.

यह जानकारी शीतकालीन सत्र के शुरू होने से पहले, 30 नवंबर, 2025 को राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ हुई बैठक में दी गई.

पीएम के भाषण के साथ सत्र की शुरुआत

शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सदन के हंस द्वार से मीडिया को संबोधित किया. उन्होंने विपक्ष से सदन में शांति बनाए रखने की अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि सभी दलों के युवा सांसद जो पहली बार चुनकर आए हैं उन्हें बोलने का मौका मिलना चाहिए.

कौन से बिल होंगे पेश?

इस सत्र की 15 बैठकों में निम्नलिखित बिल पेश किए जाएंगे और इन पर चर्चा होगी.

जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) बिल, 2025: इस बिल का तहत 17 एक्ट्स में अमेंडमेंट होंगे. कई छोटे अपराधों (minor offences) के लिए जेल की सजा का प्रावधान हटाकर पेनेल्टी लगाई जाएगी.


दिवाला और शोधन अक्षमता कोड (अमेंडमेंट) बिल, 2025: इस बिल के तहत इंटरलिंक्ड कंपनियों की इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया एक साथ पूरी की जा सकेगी. साथ ही फाॅरेन इंवेस्टर्स के साथ काम करने वाली कंपनियों की इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया को और आसान कर दिया जाएगा. वहीं छोटी कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए फास्ट ट्रैक प्रक्रिया को हटा दिया जाएगा.


मणिपुर गुड एंड सर्विस टैक्स (सेकेंड अमेंडमेंट) बिल, 2025: ये बिल 2024 के फाइनेंस एक्ट में किए गए सेंट्रल GST के बदलावों को कानून में शामिल करने के लिए लाया गया है.


रिपीलिंग एंड अमेंडमेंडिंग बिल, 2025: इसका तहत कुल 120 पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को रद्द किया जाएगा.


नेशनल हाईवेज अमेंडमेंट बिल, 2025: इस बिल के तहत नेशनल हाईवेज के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनाने का मकसद है.


एटोमिक एनर्जी बिल, 2025: पेश किए गए सुधारों के तहत गैर-सरकारी संस्थाएं भी न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के साथ-साथ एटोमिक पावर प्लांट्स चला सकेंगी. 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा हासिल करने में यह मददगार रहेगा.


कॉर्पोरेट कानून (अमेंडमेंट) बिल, 2025: इस बिल में कंपनीज एक्ट 2013, लिमिटेड लायबिलिटी एक्ट 2008 में संशोधन लाने का प्रावधान है. इससे ease of doing business बढ़या जा सकेगा.


सिक्यूरिटी मार्केट्स कोड बिल (एसएमसी), 2025: इसका मकसद सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया एक्ट, 1992, डिपॉजिटरीज एक्ट, 1996 और सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एक्ट, 1956 को एक ही कोड में कंबाइन करना है.


बीमा कानून (अमेंडमेंट) बिल, 2025: इसके तहत बीमा सेक्टर में डायरेक्ट फाॅरेन इनवेस्टमेंट (FDI) की लिमिट को मौजूदा 74% से हटाकर 100% करने का प्रस्ताव दिया है.


मध्यस्थता और सुलह (अमेंडमेंट) बिल, 2025: मध्यस्थता और सुलह बिल में संशोधन किया जाएगा.


भारतीय उच्च शिक्षा आयोग बिल, 2025: इसके तहत उच्च शिक्षा, रिसर्च, वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों में तालमेल बनाने के लिए भारतीय उच्च शिक्षा आयोग की स्थापना की जाएगी और UGC को खत्म किया जाएगा.


सेंट्रल एक्साईज (अमेंडमेंट) बिल, 2025 और हेल्थ सिक्यूरिटी नेशनल सिक्यूरिटी सेस बिल, 2025: इन दो कानूनों का मकसद तंबाकू और पान मसाला जैसे 'सिन गुड्स' पर मौजूदा जीएसटी कंपनसेशन सेस को रिवाइज्ड एक्साइज लेवी से बदलना है.


साल 2025-26 के लिए ग्रांट की अनुपूरक मांगों के पहले बैच पर चर्चा: इसे पेश किया जाएगा और सभी की राय ली जाएगी.


18वीं लोकसभा के छठे शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने वाले बिलों में सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल 2025 और हेल्थ सिक्योरिटी नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025 सबसे खास माने जा रहे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इन बिलों को लोकसभा में पेश करेंगी.


विपक्ष ने की एस SIR पर चर्चा की मांग


सदन की कार्रवाई शुरू होते ही विपक्ष ने SIR पर चर्चा करने की मांग की. इस बीच सदन में विपक्ष ने नारेबाजी भी की. जिसके बाद सदन की कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया. इसके सिवा विपक्ष ने और भी कुछ मुद्दों पर चर्चा की मांग रखी, जिसमें दिल्ली के बढ़ते AQI जैसे मुद्दे शामिल हैं.

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