राज्यसभा में भी पारित हुआ लेबर कोड बिल, जानें क्या है इसके मायने

इन तीनों कोड को बीते साल संसदीय स्टैंडिंग कमेटी के समक्ष पेश किया गया था. कमेटी ने तमाम स्तर पर विचार-विमर्श के बाद 233 अनुशंसाएं श्रम मंत्रालय को सौंपी.
राज्यसभा में भी पारित हुआ लेबर कोड बिल, जानें क्या है इसके मायने

मोदी सरकार ने सभी श्रम कानूनों को चार लेबर कोड (labour code bills) में शामिल करने का काम 2014 में शुरू किया था. 29 कानूनों को अब चार लेबर कोड में शामिल किया गया है.  (Image-Reuters)

मोदी सरकार ने सभी श्रम कानूनों को चार लेबर कोड (labour code bills) में शामिल करने का काम 2014 में शुरू किया था. कुल 44 श्रम कानूनों में से कुल 12 कानून इसमें पहले ही शामिल किए जा चुके थे. 29 कानूनों को अब चार लेबर कोड में शामिल किया गया है.

श्रम और रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार (Santosh Kumar Gangwar) ने राज्य सभा औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक, 2020 (Industrial Relations Code Bill, 2020), सामाजिक सुरक्षा 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्तों कोड, 2020 पर संहिता पेश की.

संतोष कुमार गंगवार ने बताया पहला कोड ऑन वेजेज (Code on Wages Bill) अगस्त, 2019 में ही सदन द्वारा पारित किया जा चुका है. इस कानून के द्वारा ही सरकार देशभर के 50 करोड़ श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी तथा समय पर वेतन मिलने का कानूनी अधिकार दिया था. अब इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने शेष तीन लेबर कोड राज्यसभा में पेश किए.

- सामाजिक और व्यावसायिक सुरक्षा कोड में 9 श्रम कानूनों को शामिल किया गया है.
- स्वास्थ्य और कार्य शर्त कोड 2020 में 13 श्रम कानून शामिल किए गए हैं.
- औद्योगिक संबंध कोड विधेयक 2020 में 30 श्रम कानून शामिल किए गए हैं.

इन तीनों कोड को बीते साल संसदीय स्टैंडिंग कमेटी के समक्ष पेश किया गया था. कमेटी ने तमाम स्तर पर विचार-विमर्श के बाद 233 अनुशंसाएं श्रम मंत्रालय को सौंपी. श्रम मंत्रालय ने भी अध्ययन के बाद इनमें 174 अनुशंसाओं को स्वीकार कर लिया था.

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राज्य सभा में आज विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक 2020 को भी मंजूरी दी गई. नए कानून के तहत किसी भी एनजीओ (NGO) के रजिस्ट्रेशन के लिए उसके अधिकारियों के आधार नंबर जरूरी होगा और राजनेताओं के विदेशों से रकम हासिल करने पर पाबंदी होगी.

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