Online Gaming Rules: 1 मई से लागू होंगे नए नियम, सरकार ने जारी किया फ्रेमवर्क

सरकार ने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 के तहत नए ऑनलाइन गेमिंग नियम नोटिफाई कर दिए हैं, जो 1 मई 2026 से लागू होंगे. ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) भी इसी दिन से काम शुरू करेगा.
Online Gaming Rules: 1 मई से लागू होंगे नए नियम, सरकार ने जारी किया फ्रेमवर्क

ऑनलाइन गेमिंग फ्रेमवर्क पर नया अपडेट (फाइल फोटो)

सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को रेगुलेट करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 के तहत नए नियमों को नोटिफाई कर दिया गया है, जो 1 मई 2026 से लागू होंगे. इसके साथ ही ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) भी उसी दिन से ऑपरेशनल हो जाएगा. यह एक्ट अगस्त 2025 में संसद से पास हुआ था और अब इसके नियमों को अंतिम रूप देकर लागू किया जा रहा है.

रजिस्ट्रेशन और ऑपरेशन पर क्या बदला?

नए नियमों के तहत ऑनलाइन सोशल गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन को वैकल्पिक (Voluntary) रखा गया है. इसका मतलब है कि ऐसे गेम बिना OGAI से रजिस्ट्रेशन या निर्धारण के भी ऑपरेट कर सकते हैं.

Add Zee Business as a Preferred Source

ये भी पढ़ें: Navratna PSU Stock: FY27 का पहला बड़ा ऑर्डर, वैल्यू ₹569 करोड़, बेहतरीन ऑर्डरबुक; गुरुवार को रहेगा फोकस में

हालांकि, सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि वह किसी विशेष गेम या कैटेगरी को अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन के दायरे में ला सकती है, खासकर अगर उसमें एडिक्शन, फाइनेंशियल रिस्क या बड़े स्तर पर यूजर पार्टिसिपेशन की संभावना हो.

OGAI की भूमिका और स्ट्रक्चर

OGAI को ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर का रेगुलेटर बनाया गया है. यह अथॉरिटी किसी भी गेम का स्वतः संज्ञान (suo moto) लेकर उसका मूल्यांकन कर सकती है.

Zee Business Hindi Live TV यहां देखें

इसके अलावा, OGAI में अब कुल 6 सदस्य होंगे, जिसमें गृह मंत्रालय (MHA) को भी फुल-टाइम सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. इसमें IT, फाइनेंस, सूचना एवं प्रसारण, खेल और कानून मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे.

इस अथॉरिटी में कितनी सदस्य?

OGAI

डेटा, सिक्योरिटी और वैलिडिटी में बदलाव

सरकार ने नियमों में डेटा रिटेंशन, फेयरप्ले, साइबर सिक्योरिटी और सस्पेंशन/कैंसिलेशन से जुड़े प्रावधानों को भी स्पष्ट किया है.

अब किसी गेम का सर्टिफिकेट ऑफ वैलिडिटी 5 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है. इससे कंपनियों को लॉन्ग-टर्म ऑपरेशन में स्थिरता मिलेगी.

इसके अलावा, गेम्स को अलग-अलग कैटेगरी में वर्गीकृत करने के लिए फीस, प्राइज और वेजर्स जैसे फैक्टर्स का इस्तेमाल किया जाएगा.

ई-स्पोर्ट्स और पॉलिसी में राहत

नए नियमों में ई-स्पोर्ट्स प्रमोशन से जुड़े जटिल प्रावधानों को हटा दिया गया है. अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और खेल मंत्रालय को स्वतंत्र रूप से ई-स्पोर्ट्स प्रमोशन की पॉलिसी बनाने की छूट दी गई है. सरकार के अनुसार, इन नियमों को 2,500 से ज्यादा सुझावों और फीडबैक के आधार पर फाइन-ट्यून किया गया है.

क्या होगा सेक्टर पर असर?

यह कदम ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के लिए एक स्पष्ट और संतुलित रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करता है. इससे कंपनियों को ऑपरेशन में पारदर्शिता मिलेगी और यूजर्स के लिए सुरक्षा भी बढ़ेगी. साथ ही, सरकार के पास यह अधिकार रहेगा कि वह जरूरत पड़ने पर किसी भी गेम को रेगुलेट कर सके.

कंक्लूजन

ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के लिए यह नया फ्रेमवर्क एक बड़ा कदम है, जो ग्रोथ और रेगुलेशन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है. 1 मई से लागू होने वाले ये नियम इंडस्ट्री के लिए नई दिशा तय कर सकते हैं.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 Online Gaming के नए नियम कब से लागू होंगे?

नए नियम 1 मई 2026 से लागू होंगे.

Q2 OGAI क्या है?

OGAI (Online Gaming Authority of India) ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर का रेगुलेटर है.

Q3 क्या सभी गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है?

नहीं, सोशल गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन वैकल्पिक रखा गया है.

Q4 सर्टिफिकेट की वैलिडिटी कितनी होगी?

अब किसी गेम का सर्टिफिकेट 10 साल तक वैध रहेगा.

Q5 सरकार किन आधारों पर गेम को रेगुलेट कर सकती है?

एडिक्शन, फाइनेंशियल रिस्क, यूजर बेस और गेम के ओरिजिन जैसे फैक्टर्स के आधार पर सरकार फैसला ले सकती है.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6