तेल कंपनियों पर अंडर रिकवरी का भारी बोझ! हर घरेलू सिलेंडर पर ₹650 का घाटा, ATF में 30 रुपए का नुकसान

दिल्ली और कोलकाता में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी की गई है. हालांकि, घरेलू एलपीजी के दाम जस के तस बने हुए हैं. अब सरकार ने बताया कि उसे प्रति घरेलू सिलेंडर पर 650 रुपए का भारी घाटा हो रहा है.
तेल कंपनियों पर अंडर रिकवरी का भारी बोझ! हर घरेलू सिलेंडर पर ₹650 का घाटा, ATF में 30 रुपए का नुकसान

LPG पर तेल कंपनियों को नुकसान (File Photo)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1 जून से 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 42 रुपए बढ़ गए हैं. इसके अलावा, कोलकाता में 53.50 रुपए की वृद्धि की गई है. हालांकि, घरेलू सिलेंडर के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं. अब साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेट्रोलियम मंत्रालय ने गैस सिलेंडरों की कीमतों, फ्यूल सिक्योरिटी और तेल कंपनियों को हो रहे नुकसान पर अहम जानकारी शेयर की है. पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) प्रति घरेलू सिलेंडर पर 650 रुपए का भारी घाटा सह रही हैं.

650 रुपए प्रति सिलेंडर की अंडर रिकवरी

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि फिलहाल तेल कंपनियों की घरेलू एलपीजी पर 650 रुपए प्रति सिलेंडर की अंडर रिकवरी हो रही है.

क्या होती है अंडर रिकवरी

  • सुजाता शर्मा ने बताया कि घरेलू एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर यह अंडर रिकवरी 30 रुपए प्रति लीटर हो रही है.
  • जब कोई उत्पाद जैसे एलपीजी और ATF उसकी वास्तविक उत्पादन और बिक्री लागत से कम कीमत पर बेचा जाता है, तो उसे अंडर रिकवरी कहा जाता है.
  • LPG और घरेलू ATF को उनकी लागत से कम कीमत पर बेचने के कारण यह अंडर रिकवरी लगातार जारी है. इसका सीधा आर्थिक बोझ OMCs पर पड़ता है.

दिल्ली में 3113.50 रुपए प्रति किलो कमर्शियल सिलेंडर

दिल्ली में 1 जून से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 42 रुपए बढ़कर 3113.50 रुपए हो गई है. वहीं, कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3255.50 रुपए हो गई है.

11 रुपए बढ़ी FTL की कीमत

  • दिल्ली में 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमत 11 रुपए बढ़कर 821.50 रुपए हो गई है.
  • संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक, देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है और कोई कमी नहीं है.
  • ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को कम से कम 30 दिनों का LPG रिजर्व बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.
  • वर्तमान में एलपीजी की मांग लगभग 72 हजार मीट्रिक टन (TMT) है, जबकि घरेलू रिफाइनरियों से 50 से 52 TMT का प्रोडक्शन हो रहा है.

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6500 जगहों पर मारे छापे

कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने एन्फोर्समेंट तेज कर दिया है. पिछले 4 दिनों में एलपीजी से जुड़े 6500 छापे मारे गए हैं, जिनमें 5 एफआईआर दर्ज हुई हैं और 2 गिरफ्तारियां की गई हैं. आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में कटौती कर दी है. संशोधित दरें 1 जून 2026 से लागू हो गई हैं. हालांकि, घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

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