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अब नोएडा में श्रमिकों और ठेकेदारों के लिए नियम हुए सख्त (फोटो: जी बिजनेस)
नोएडा में हाल के प्रदर्शन और औद्योगिक तनाव के बीच प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है. गौतमबुद्धनगर में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बड़ी बैठक हुई, जिसमें आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों को साफ चेतावनी दी गई
जी बिजनेस के रिपोर्टर अंबरीश पांडे के मुताबिक अब अगर कोई श्रमिक उपद्रव करता है तो जिम्मेदारी सिर्फ कर्मचारी की नहीं.एजेंसी भी सीधे कार्रवाई के दायरे में आएगी.सबसे बड़ा सवाल क्या अब कंपनियां और ठेकेदार नियम तोड़ने से बच पाएंगे?
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पुलिस सत्यापन (Police Verification): जॉइनिंग के समय सभी श्रमिकों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है
PF और ESI लाभ: भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) की कटौती नियमानुसार सुनिश्चित की जाएगी
शिकायत केंद्र: किसी भी समस्या या शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 9411900251 जारी किया गया है
त्वरित निस्तारण: एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी विवाद या शिकायत का समाधान तुरंत किया जाए
| श्रेणी (Category) | नियम और निर्देश |
| न्यूनतम वेतन (अकुशल) | ₹13,690 (प्रति माह अनिवार्य) |
| न्यूनतम वेतन (अर्धकुशल) | ₹15,059 (प्रति माह अनिवार्य) |
| न्यूनतम वेतन (कुशल) | ₹16,868 (प्रति माह अनिवार्य) |
| भुगतान का तरीका | केवल बैंक खाते में (नकद भुगतान प्रतिबंधित) |
| श्रमिकों का आचरण | उपद्रव या सड़क जाम करने पर कड़ी पाबंदी |
| ठेकेदार पर कार्रवाई | उपद्रव होने पर एजेंसी ब्लैकलिस्ट और लाइसेंस रद्द |
| प्रशासन का लक्ष्य | औद्योगिक शांति और श्रमिकों का सही वेतन सुनिश्चित करना |
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आपको बता दें कि नोएडा में अब नियम साफ हैं कि उपद्रव या वेतन में गड़बड़ी हुई तो फिर सीधी कार्रवाई होगी.यानी अब सिस्टम में ढिलाई नहीं, सख्ती का दौर शुरू हो चुका है.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या एजेंसी पर कार्रवाई हो सकती है
हां
Q2 क्या वेतन नकद दिया जा सकता है
नहीं, बैंक में देना होगा
Q3 क्या न्यूनतम वेतन तय है
हां
Q4 क्या लाइसेंस रद्द हो सकता है
हां