&format=webp&quality=medium)
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर उत्तर प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कमी को लेकर कुछ खबरें चल रही थीं. इन खबरों ने आम जनता के बीच 'पैनिक बाइंग' (डर में आकर खरीदारी) की स्थिति पैदा कर दी थी.
अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभालते हुए इन सभी दावों को खारिज कर दिया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में ईंधन का भंडार पूरी तरह सुरक्षित और पर्याप्त है. आइए, जानते हैं सरकार के क्या कहा है और आपको अब क्या करना चाहिए.
योगी सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है:
हर जिले में उपलब्धता: प्रदेश के सभी 75 जिलों में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक सामान्य है. डिपो से फिलिंग स्टेशनों तक सप्लाई चेन सुचारू रूप से काम कर रही है.
गैस सिलेंडर (LPG): घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई किल्लत नहीं है. एजेंसियों के पास पर्याप्त संख्या में सिलेंडर मौजूद हैं और डिलीवरी का काम भी सुचारू है.
ये भी पढ़ें- LPG Crisis: सरकार बोली- 'तेल-गैस की कोई कमी नहीं, ना घबराएं', 40 देशों से आ रहा कच्चा तेल, एलपीजी उत्पादन बढ़ाया
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को बहुत स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए हैं:
सख्त कार्रवाई: जो लोग "किल्लत" का डर दिखाकर तेल या गैस की जमाखोरी करेंगे या उसे ऊंचे दामों पर बेचेंगे (कालाबाजारी), उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
निरीक्षण (Inspection): जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करें.
पारदर्शिता: सप्लाई चेन में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा.
ये भी पढ़ें- 'ईरान में टारगेट के लिए कुछ नहीं बचा है', डोनाल्ड ट्रंप बोले- 'जल्द खत्म होगा युद्ध', फोन इंटरव्यू में किया दावा
सरकार ने पाया है कि कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया के जरिए किल्लत की झूठी खबरें फैला रहे हैं.
डिजिटल निगरानी: साइबर सेल को ऐसे अकाउंट्स और संदेशों की पहचान करने को कहा गया है जो जनता के बीच डर पैदा कर रहे हैं.
होर्डिंग पर एक्शन: कई स्थानों पर छापेमारी शुरू हो गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्टॉक होने के बावजूद कोई पंप 'No Stock' का बोर्ड न टांगे.
ये भी पढ़ें- मिडिल ईस्ट तनाव के बीच फिर चर्चा में भारत-रूस की 'दोस्ती'! जयशंकर-रूसी विदेश मंत्री की फोन कॉल; तेल-गैस पर हुई बात
उत्तर प्रदेश सरकार ने नागरिकों से विशेष अपील की है:
अफवाहों पर ध्यान न दें: व्हाट्सएप या फेसबुक पर आने वाली असत्यापित खबरों को आगे न बढ़ाएं.
पैनिक बाइंग से बचें: अपनी जरूरत के हिसाब से ही ईंधन खरीदें. अनावश्यक भीड़ लगाने से वास्तविक वितरण व्यवस्था प्रभावित होती है.
आधिकारिक जानकारी: केवल सरकार या तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) द्वारा जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें.
मुख्य सचिव, दिल्ली की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में एलपीजी आपूर्ति बाधित होने संबंधी अफवाहों की समीक्षा की गई. इसके बाद ये स्पष्ट किया गया कि दिल्ली में पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है और पर्याप्त भंडार उपलब्ध है.
ईरान-इजरायल युद्ध के वैश्विक परिदृश्य के बीच उत्तर प्रदेश सरकार की यह तत्परता सराहनीय है. समय रहते अफवाहों का खंडन करना और कालाबाजारी करने वालों को चेतावनी देना यह सुनिश्चित करता है कि आम आदमी की दिनचर्या प्रभावित न हो. यदि आपके क्षेत्र में कोई एजेंसी या पेट्रोल पंप गलत तरीके से तेल/गैस देने से मना करता है, तो आप तुरंत स्थानीय प्रशासन या सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं.
1- क्या यूपी में सचमुच पेट्रोल-डीजल की कमी है?
नहीं, योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.
2- अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सरकार क्या कर रही है?
ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और जेल भेजने के निर्देश दिए गए हैं.
3- अगर कोई गैस एजेंसी सिलेंडर देने से मना करे तो क्या करें?
आप तुरंत जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
4- क्या जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए कोई चेकिंग हो रही है?
हां, मुख्यमंत्री के आदेश पर हर जिले में पेट्रोल पंपों और गैस गोदामों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है.
5- क्या पैनिक बाइंग से बचना चाहिए?
जी हां, जरूरत से ज्यादा तेल या गैस स्टोर न करें, क्योंकि सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य है.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)