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Nepal New PM: नेपाल की राजनीति में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव हुआ है. देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकीं सुशीला कार्की अब नेपाल की पहली अंतरिम महिला प्रधानमंत्री बन गई हैं. (Who is Nepal's new prime minister?) ये फैसला काठमांडू की सड़कों पर हफ्तों तक चले 'जेन-जी' (GenZ) युवाओं के जबरदस्त प्रदर्शन के बाद आया है, जिन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाकर सुशीला कार्की का नाम आगे बढ़ाया था.
नेपाल के युवा, सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के आरोपों से परेशान होकर पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे. इस 'जेन-जी' आंदोलन ने देश में ऐसी क्रांति ला दी कि सरकार को झुकना पड़ा. युवा प्रदर्शनकारी एक ऐसे साफ-सुथरे और गैर-राजनीतिक चेहरे की मांग कर रहे थे जो देश में निष्पक्ष चुनाव करा सके. (Who Is Sushila Karki) उनकी ये तलाश नेपाल की सबसे ईमानदार जजों में से एक, सुशीला कार्की पर आकर खत्म हुई, जिन्हें सत्ता के आगे न झुकने के लिए जाना जाता है.
सुशीला कार्की की सबसे बड़ी पहचान उनकी हिम्मत है. मुख्य न्यायाधीश रहते हुए उन्होंने कई बड़े नेताओं को भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी ठहराया था. उनकी ईमानदारी से घबराकर तत्कालीन सरकार ने 2017 में उन पर महाभियोग (उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया) चलाने की कोशिश की. लेकिन सुशीला कार्की झुकी नहीं. जनता और सुप्रीम कोर्ट के दबाव के आगे सरकार को कुछ ही हफ्तों में अपना प्रस्ताव वापस लेना पड़ा. इस घटना ने उन्हें 'न्याय की देवी' बना दिया.
इस आंदोलन के एक और बड़े हीरो, काठमांडू के लोकप्रिय रैपर-मेयर बालेन शाह ने भी सुशीला कार्की के नाम का पूरा समर्थन किया. उन्होंने युवाओं से कहा कि वो जिस नाम का सुझाव दे रहे हैं, वह देश के लिए सबसे अच्छा है. युवाओं का येी भरोसा सुशीला कार्की को राजनीति में ले आया.
| महत्वपूर्ण पड़ाव | साल |
| जन्म (Birth) | 1952 (बिराटनगर, नेपाल) |
| भारत से नाता (India Connection) | 1975 (BHU से पोस्ट-ग्रेजुएशन) |
| कानूनी सफर की शुरुआत | 1979 (वकालत शुरू) |
| सुप्रीम कोर्ट में प्रवेश | 2009 (सुप्रीम कोर्ट में जज बनीं) |
| ऐतिहासिक उपलब्धि | 2016 (नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश) |
| सबसे बड़ा राजनीतिक कदम | 2025 (नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं) |
सुशीला कार्की का भारत से एक बहुत ही गहरा और भावनात्मक रिश्ता है. उन्होंने अपनी राजनीति विज्ञान की पढ़ाई वाराणसी की बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से पूरी की है.
जब उनसे भारत से जुड़ाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी पुरानी यादें ताजा कीं.
उन्होंने कहा कि उनका घर भारत की सीमा के बहुत करीब है और वह अक्सर बॉर्डर मार्केट जाया करती थीं. (Nepal's New PM With An India Connection) भारत से उम्मीदों पर उन्होंने कहा, "भारत और नेपाल के रिश्ते बहुत पुराने हैं. सरकारें बदलती हैं, पर जनता का रिश्ता बहुत गहरा है. रसोई में जब बर्तन साथ होते हैं तो थोड़ी आवाज तो होती ही है, वैसे ही हमारे बीच छोटे-मोटे मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हमारा रिश्ता बहुत मजबूत है."
नेपाल में युवाओं के भारी विरोध के बाद पुरानी सरकार ने इस्तीफा दे दिया था. देश में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए एक गैर-विवादास्पद और ईमानदार चेहरे के तौर पर सुशीला कार्की को चुना गया.
ये नेपाल के युवाओं (मुख्य रूप से 25 साल से कम उम्र के) द्वारा भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ चलाया गया एक बड़ा आंदोलन था.
उनकी सबसे पहली और बड़ी जिम्मेदारी एक अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना और शांति व्यवस्था बनाए रखना है.
बालेन शाह एक लोकप्रिय रैपर हैं, जो 2022 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर काठमांडू के मेयर चुने गए थे. वह नेपाल के युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय हैं.
ये भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत है. उनका भारत से पुराना और भावनात्मक लगाव है और वह दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों की पैरवी करती हैं, जिससे भविष्य में संबंधों में और सुधार की उम्मीद है.